कोरबा। कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र में मंगलवार देर रात मरवाही के झुंड से बिछड़ा एक हाथी गांव में घुस आया। हाथी ने तरई नार और पिपरहा गांव में कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया।

वन विभाग के अनुसार, हाथी मरवाही की दिशा से भटककर तरई नार और पिपरहा गांव पहुंचा। गांव में घुसते ही उसने कई मकानों को नुकसान पहुंचाया। एक पक्के मकान की दीवार भी तोड़ दी, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
घर छोड़कर भागे ग्रामीण
हाथी की चिंघाड़ और मकान तोड़ने की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। प्रभावित परिवारों ने पूरी रात भय के बीच जागकर बिताई।
दो घंटे चला रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टॉर्च और अन्य उपकरणों की मदद से करीब दो घंटे तक अभियान चलाकर हाथी को गांव से बाहर निकालकर जंगल की ओर भेजा गया। वन अमले की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
बढ़ रही हाथियों की आवाजाही
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। इससे खेती-किसानी और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लोगों ने हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।
हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ गई है। इससे खेती-किसानी और रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।
नुकसान का आकलन शुरू
वन विभाग ने प्रभावित मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार प्रभावित परिवारों को सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने, अकेले जंगल की ओर नहीं जाने तथा मशाल और पटाखे साथ रखने की सलाह दी गई है।
