रायपुर, एजेंसी। 14 नवंबर से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी होनी है। पिछले कई दिनों से हड़ताल पर गए प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कर्मचारियों को सरकार ने मना लिया है। साय सरकार ने दावा किया है कि 6 साल से अटकी मांग एक दिन में पूरी की गई है।
समितियों के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि समिति कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इनकी अन्य 2 मांगों के लिए शासन स्तर पर अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है। 2018 के बाद पहली बार सहकारी समितियों के लगभग 13 हजार कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
कर्मचारी इस मांग को लेकर हड़ताल पर थे। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने 4 नवंबर से जारी हड़ताल खत्म कर दी है।

मिलर्स फिलहाल धान का उठाव न करने की बात कह रहे हैं।
राइस मिलर्स चल रहे नाराज
छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर एसोसिएशन के पदाधिकारी नाराज चल रहे हैं। हाल ही में एसोसिएशन की एक बैठक रायपुर में हुई। इसमें प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी शामिल थे। मिलर्स इस बात पर अड़े हैं कि इन्हें 22-23 तक का पूरा भुगतान किया जाए।
24-25 के धान खरीदी की पॉलिसी में मिलर्स के हिसाब से कुछ खामियां हैं, जैसे प्रोत्साहन राशि में कमी, धान में पेनल्टी, चावल जमा में पेनल्टी। इस पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि ऐसे में हम कस्टम मिलिंग कर पाने में असमर्थ हैं।
