कच्छ एजेंसी। 42 डिग्री की गर्मी, 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हवा और मीलों तक फैला सुनसान रेगिस्तान। गुजरात के कच्छ में जहां जिंदगी की कल्पना भी मुश्किल है, वहां राज्य के आखिरी गांव यानी खावड़ा में अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट लगा रही है।
ये प्लांट 538 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यहां हजारों इंजीनियर्स और वर्कर्स दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि इस बंजर जमीन को भारत के एनर्जी फ्यूचर का सेंटर बनाया जा सके। इसे हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क भी कहते हैं, क्योंकि ये सोलर और विंड दोनों एनर्जी का इस्तेमाल करके बिजली बनाता है।
इसकी शुरुआत 2023 में हुई। दो साल में प्लांट में 5000 मेगावाट यानी 5 गीगावाट का काम पूरा कर लिया गया है। अगले 5 साल में कंपनी का 30 गीगावाट की क्षमता पाने का टारगेट है। तब इससे बनने वाली बिजली 1.74 करोड़ घरों को रोशन करने के लिए काफी होगी।
प्लांट का पूरा सिस्टम AI बेस्ड है। सोलर पैनल की सफाई का काम रोबोट करते हैं। इस प्रोजेक्ट को करीब से देखने और समझने के लिए हम कच्छ में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे।
