जशपुर,एजेंसी। जशपुर जिले में एक मितानिन ने अपनी पीठ पर लादकर प्रसूता को नदी पार कराया और फिर अस्पताल पहुंचाया। सतालूटोली गांव में संगीता बाई ने 2 जुलाई को एक बच्चे को जन्म दिया, अगले दिन मितानिन बिफनी बाई उसे स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई।
मामला मनोरा विकासखंड का है। कच्चा रास्ता होने के कारण एम्बुलेंस यहां तक नहीं पहुंच सकी। जिसके बाद बिफनी बाई ने मानवता दिखाई। इसका वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि मितानिन और 2 अन्य महिला है।
एक महिला ने नवजात को हाथ में पकड़ा, मितानिन ने संगीता बाई को पीठ पर लादा फिर नदी पार कर कच्चे रास्ते से होते हुए तीनों नदी पार कर गए। बता दें कि मितानिन बिफनी बाई ग्राम पंचायत सोनक्यारी की रहने वाली है।
नवजात और नवप्रसूता दोनों सुरक्षित है।
लगातार बारिश से बह गई पुलिया
संगीता बाई अपने मायके सतालूटोली गांव में थी। चार दिन पहले स्थानीय मेडिकल ऑफिसर ने उनकी जांच की थी। प्रसव का समय न होने के कारण उन्हें घर भेज दिया गया था। 1-2 तारीख की रात को उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई। लगातार बारिश के कारण गांव की पुलिया बह गई थी। इस वजह से एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई।
मितानिन बिफनी बाई को सूचना मिलते ही वह तुरंत पहुंचीं। उन्होंने संगीता बाई का घर पर ही सुरक्षित प्रसव कराया। अगले दिन बिफनी बाई ने नवजात बच्चे के साथ संगीता बाई को अपनी पीठ पर लादा। नदी पार कर डेढ़ किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनक्यारी तक ले गईं।

नदी पार करने के बाद कई किलोमीटर तक महिलाएं पैदल चली।
मां-बच्चे दोनों स्वस्थ्य
जशपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उन्होंने मितानिन की सेवा भावना की सराहना की। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।
