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उत्पादन कंपनी सोलर प्लांट, लगाएगी ऊर्जा की जरूरतें पूरी होंगी, मिलेगा लाभ

कोरबा । छत्तीसगढ़ की बिजली उत्पादन कंपनी और कोल इंडिया की सहयोगी कोयला कंपनी एसईसीएल अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने सोलर प्लांट लगाएगी।

साल 2025 में कोयला व बिजली सेक्टर की इन दोनों ही कंपनी के कई सोलर प्रोजेक्ट अस्तित्व में आएंगे। उत्पादन कंपनी ने सोलर प्लांट लगाकर 2 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को विकसित करने एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से समझौते पर हस्ताक्षर भी किया है। उत्पादन कंपनी की जिले में मिट्टी फिलिंग कराकर रखे राखड़ डैम और एचटीपीपी व डीएसपीएम पॉवर प्लांट के दफ्तरों की छतों पर सोलर पैनल इंस्टाल कर सौर ऊर्जा से बिजली बनाने का है। इसी से दफ्तर के बिजली की अधिकांश जरूरतें पूरी होगी। एसईसीएल अपने संचालन क्षेत्रों में सोलर पावर प्लांट स्थापित कर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी। एसईसीएल के साल 2024 में अधूरे रह गए कई प्रोजेक्ट अस्तित्व में आएगी। एसईसीएल 600 मेगावाट से अधिक क्षमता की रूफ-टॉप, ग्राउंड माउंटेड ग्रिड कनेक्टेड और रेस्को (रिन्यूबल एनर्जी सर्विस कंपनी), बीओओ (बिल्ड ओन ऑपरेट) मॉडल में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बनाई है।

नए साल में इस तरह कोल इंडिया की 3000 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लक्ष्य में सहभागिता बढ़ेगी। बीते साल एसईसीएल ने जमुना कोतमा और कुसमुंडा क्षेत्रों में रूफ-टॉप सोलर संयंत्रों को शुरू किया है। कुसमुंडा एरिया के नवनिर्मित वर्कशॉप कॉम्पलेक्स में सब स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय, कैंटीन आदि जगहों पर कुल 200 किलोवाट के सोलर संयंत्र शुरू किए गए हैं। जमुना कोतमा एरिया में 50-50 किलोवाट क्षमता के दो संयंत्र स्थापित किया है।

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