संवाददाता साबीर अंसारी
बाकी मोगरा :– मुहर्रम का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए इस्लामी वर्ष की शुरुआत होती है, साथ ही यह माह कर्बला की जंग की न्याय, बलिदान और वफादारी की उन घटनाओं को याद दिलाता है, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

तिरंगा ताजिया से हिन्दू मुस्लिम एकता की देखी गई झलक
जिला कोरबा समेत बाकी मोगरा में भी इस्लामिक नव वर्ष मुहर्रम के माह के 10 मुहर्रम को हुसैनी जुलूस और ताजिया (झांकी) निकली गई जो शाम 05 बजे बनवारी साइड से शुरू किया गया जो शक्ति चौक से मुख्य चौक आई और मेन रोड होते हुए इंदिरा नगर तक ले जा कर लगभग रात 9 बजे समापन की गई। ताजिया की ताजियादारी आजाद अंसारी द्वारा की गई जो बाकी मोगरा मुस्लिम समुदाय मदरसा मस्जिद जामे गौसिया कमेटी के देख रख में संपन्न कराई गई। जुलूस में शामिल लोगों ने मातम कर इमाम हुसैन को याद किया साथ ही जगह जगह लाठी डंडों से खेल दिखाते हुए हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
पैदल हुसैनी ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए साथ ही महिलाये भी बड़ी तादात में जुलूस के साथ रही, पूरे क्षेत्र में या अली या हुसैन का नारा लगाते जुलूस ने अपना सफर तय किया ,,,।
ताजिया (झांकी) को तिरंगे का रंग दिया गया और भारत का नक्शा बनाकर तराशा गया था जो बड़ा ही आकर्षक लग रहा था, तिरंगा ताजिया से बाकी मोगरा में हिन्दू मुस्लिम एकता की झलक देखी गई।मुस्लिम समुदाय के अध्यक्ष मेराज खान ने बताया कि मुहर्रम महीने का दसवां दिन सबसे खास माना जाता है। 10वीं तारीख को कर्बला की जंग में पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी जिनके याद में ताजिया बनाकर हुसैनी जुलूस निकाला जाता है।
ताजिया में शामिल जन
समाज के पदाधिकारीगण अध्यक्ष मेराज खान, उपाध्यक्ष हसन अंसारी, शकील अंसारी, सचिव फिरोज खान, कोषाध्यक्ष साबीर अंसारी, सह सचिव कय्यूम मंसूरी नजीर कुरैशी, शेखू, पप्पू, सोहराब, जाहिद, खालिक, खुर्शीद द्वारा जुलूस व भीड़ का संतुलन बनाए रखने और पर्व की शांति पूर्वक सम्पन्न कराने में अपनी मुख्य भूमिका निभाई।
