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रायपुर कलेक्ट्रेट के एंग्लो रिकॉर्ड-सेल की छत गिरी…:मलबे में दबीं पेंशन से जुड़ी फाइलें, कमरा सील, 150 साल पहले अंग्रेजों ने बनवाया था भवन

रायपुर,एजेंसी। रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार सुबह एंग्लो रिकॉर्ड रूम की जर्जर छत अचानक गिर गई। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें मलबे और धूल के नीचे दब गईं। फिलहाल कमरे को सील कर दिया गया है। मलबा हटाने का काम जारी है।

जानकारी के अनुसार, रविवार की छुट्टी होने की वजह से कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। अगर वर्किंग डे होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस इमारत में रोजाना सैकड़ों लोग काम के लिए आते हैं। साथ ही कर्मचारी काम करते हैं। ये बिल्डिंग अंग्रेजों के जमाने की है, जो लगभग 150 साल पुरानी है।

हादसे से जुड़ी ये तस्वीरें …

रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार सुबह एंग्लो रिकॉर्ड सेल कक्ष की जर्जर छत गिर गई।

छत गिरते ही आई तेज आवाज

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह अचानक तेज आवाज के साथ कक्ष क्रमांक-8 की छत भरभराकर नीचे गिर गई। देखते ही देखते कमरे में धूल का गुबार फैल गया। सूचना मिलते ही कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे। मलबा हटाने और रिकॉर्ड को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।

एडिशनल कलेक्टर मनीष मिश्रा ने कहा कि एंग्लो रिकॉर्ड रूम में यह हादसा हुआ है। संबंधित अधिकारियों को बुलाकर रिकॉर्ड को व्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कक्ष में पुराने कर्मचारियों के पेंशन और गैजेट से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रखे थे। आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्ट्रेट के लिए नई बिल्डिंग प्रस्तावित है, जल्द काम शुरू होगा

रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने बताया कि यह बहुत पुरानी इमारत है। हमें ऐसी चिंता थी, इसलिए हमने वहां बैठने वाले कर्मचारियों के लिए दूसरे कमरे में बैठने की व्यवस्था की। वहां रखे रिकॉर्ड निकाल लिए गए हैं। कलेक्ट्रेट के लिए एक नई बिल्डिंग प्रस्तावित है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

यह हादसा क्यों हुआ?

बरसात के मौसम की शुरुआत से ही छत से पानी टपक रहा था। पानी की निकासी ठीक न होने के कारण छत पर पानी जमा हो गया। पुरानी छत कमजोर होने लगी थी। इसके अलावा, छत पर सौर पैनल भी लगाए गए थे। छत कमजोर हो गई थी, इसलिए वह सौर पैनलों का भार सहन नहीं कर सकी और ढह गई।

कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में भी किले के पत्थर लगाए

इतिहासकार रामेन्द्र नाथ मिश्र ने बताया कि रायपुर कलेक्ट्रेट भवन को अंग्रेजों ने 1854 के दौरान बनवाना शुरू किया था। कल्चुरी राजाओं के किले के पत्थर रायपुर कलेक्ट्रेट भवन में लगे हैं। 600 साल पुराने किले के सिफलिस पत्थरों को अग्रेजों ने भवन निर्माण में लगवाया था।

रामेन्द्र नाथ मिश्र बताते हैं कि कल्चुरी राजाओं में सबसे आखिरी राजा अमरसिंह देव थे। इन्हीं के किले से पत्थर भवन बनाने में लगाए गए। अब भवन ही हालत खस्ता है। वर्षों से भवन मरम्मत नहीं होने की वजह से इस तरह की नौबत आई है।

हादसे की तस्वीरें …

रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर की छत गिर गई है, जिससे फाइल इधर-उधर हो गए हैं।

रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर की बिल्डिंग अंग्रेजों के जमाने की है। इसमें कई साल पुराने रिकॉर्ड रखे गए हैं।

रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में हादसे के बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची।

रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर की ये एंग्लो रिकॉर्ड रूम की तस्वीर है, जो जर्जर हो चुकी है।

एंग्लो रिकॉर्ड रूम में हादसे के बाद कमरे में रखे गए रिकॉर्ड मलबे में दब गए हैं।

एंग्लो रिकॉर्ड रूम में बड़ी तादाद में फाइलें रखीं हुई हैं, जो इधर-उधर हो गई है।

एंग्लो रिकॉर्ड रूम के छत की तस्वीर है, जो जर्जर स्थिति में हैं। मरम्मत नहीं कराने की वजह से छत गिर गई।

एडिशनल कलेक्टर मनीष मिश्रा और उनकी टीम मौके पर पहुंची। व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।

एंग्लो रिकॉर्ड रूम में लोहे के एंगल से बनी थी अलमारी, जो टूट गई है। इसी पर फाइलें रखी गई थी।

एंग्लो रिकॉर्ड रूम में कर्मचारी फाइलों को सुरक्षित कर रहे हैं। लाल कपड़े में बांधकर रख रहे हैं।

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