कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ। घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उत्तरपाड़ा में भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और अंडे फेंके।
विधायक के ऑफिस की तरफ से X पर घटना का वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। पीछे की सीट पर भी कुछ लोग बैठे थे, जो वीडियो बना रहे थे। हमले में कार का पीछे का शीशा भी टूट गया।
TMC नेताओं ने घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। पिछले 4 महीने के दौरान घोष पर हमले का यह तीसरा मामला है। इससे पहले 13 सितंबर को उनके घर और ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी। 15 जून को लोगों ने उनके सिर पर अंडा फेंका था।
वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर की बगल वाली सीट पर ब्लू शर्ट में बैठे दिखे।
भीड़ ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और विधायक को वापस जाने का इशारा करते दिखे।
कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ भी जोड़ते दिखे।
कुणाल घोष बोले- यह जंगलराज है
घटना पर कुणाल घोष ने कहा- यह जंगलराज है। मेरी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता लौट रहे हैं और सीधे लालबाजार या भवानी भवन जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।
TMC ने BJP पर हमले का आरोप लगाया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने कहा- यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि BJP का पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि यह लोगों का गुस्सा था।
कुणाल घोष पर हमले के दो पुराने मामले
1. 15 जून: ममता के घर के बाहर अंडा फेंका
- कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। घटना उस समय हुई, जब घोष ममता से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात कर रहे थे।
- घोष ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी।
एक युवक ने घोष पर करीब से अंडा फेंका, जो उनके सिर पर लगा था।
2. 12 अगस्त: घर और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़
- कोलकाता के गरपार इलाके में घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया।
- घोष के मुताबिक, हमलावरों ने घर के पास पहुंचने की कोशिश की और बाद में पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए थे।
बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता पर 3 बार हमला
8 जुलाई: कोलकाता में TMC की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे। यह रैली बारुईपुर रेप-मर्डर मामले के विरोध में निकाली गई थी।
9 अगस्त: नॉर्थ 24 परगना के हालीशहर में ममता बनर्जी की कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंकने का आरोप लगा। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। ममता ने आरोप लगाया था कि उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा हो सकता था।
हालीशहर में ममता की कार को लोगों ने घेर लिया था।
11 अगस्त: कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आयोजित TMC कार्यक्रम के दौरान भी ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।
5 महीने में 25 से ज्यादा TMC नेताओं पर हमले
पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। 15 साल बाद TMC सत्ता से बाहर हो गई। वहीं पहली बार भाजपा की सरकार बनी। चुनाव के बाद पिछले 5 महीनों में 25 से ज्यादा TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
- 28 मई को नॉर्थ 24 परगना जिले में TMC सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगे।
- 30 मई को सोनारपुर में ममता के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके गए। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से निकालना पड़ा।
हमलावरों ने अभिषेक का हेलमेट पकड़कर खींचा। इस दौरान अभिषेक की सिक्योरिटी और अन्य TMC कार्यकर्ता उन्हें बचाते दिखे।
- 6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके गए। वहीं 16 जून को युवा नेता सौमित्र बनर्जी और 18 जून को पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भी अंडे और जूते फेंकने की घटनाएं सामने आईं।
- 1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके गए।
सुरक्षा घेरे के बावजूद नेताओं तक कैसे पहुंच रहे हमलावर
नेताओं की सुरक्षा उनके पद से नहीं, खतरे के हिसाब से तय होती है। खतरे के मुताबिक X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा दी जाती है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस की होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली है।
कुणाल घोष जैसे TMC नेताओं ने सवाल उठाया है कि ममता बनर्जी के Z+ सुरक्षा वाले आवास के पास अंडा कैसे फेंका गया? उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
लेकिन दूसरे TMC नेताओं की सुरक्षा में हाल के महीनों में बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई और उनके घर-दफ्तर के बाहर अतिरिक्त पुलिस भी हटा दी गई।
कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा भी घटाकर MLA स्तर की कर दी गई। वहीं, महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान दो अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया था।
