कोरबा। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों में जागरूकता आ रही है। हर माह के पुष्य नक्षत्र में कोरबा में स्वास्थ्य के लिए संजीवनी का केन्द्र माना जाने वाला टीपी नगर स्थित पंचकर्म चिकित्सालय आयुर्वेद सदन में अपने बच्चों को लेकर स्वर्ण बिन्दु की एक घूंट पिलाने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंच रहे हैं।
कोरबा की प्रसिद्ध पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.मनीषा सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे कोरबा ही नहीं, भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में आयुर्वेद की ताकत को लोग समझने लगे हैं। स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार-आयुर्वेद की वह शक्तिशाली विधा है, जिससे बच्चों में इम्युनिटी पॉवर का अद्भूत विकास देखने को मिल रहा है, जिसके कारण अपने बच्चों के प्रति संजीदा होते अभिभावक बड़ी संख्या में पंचकर्म चिकित्सालय पहुंच रहे हैंं और स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार करा रहे हैं।
स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार की दो बूंद से बच्चों के जहां शरीर में अद्भूत चमक दिखती है, वहीं मस्तिष्क का भी अद्भूत विकास होता है। डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढऩे से पाचनतंत्र सक्रिय होता है और बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों से लडऩे की क्षमता बढ़ती है। जब बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है तो शरीर स्वस्थ होता है और स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। आज गुरू पुष्य नक्षत्र में बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के तहत दो बंूद पिलाई। धीरे-धीरे स्वर्ण बिन्दू प्राशन संस्कार के प्रति लोगों का रूझान बढ़ रहा है। भारत को स्वस्थ रखने की दिशा में स्वण बिन्दु प्राशन संस्कार का बड़ा योगदान सामने आ रहा है। उनका कहना है कि जब बचपन स्वस्थ होगा तो बुढ़ापा भी बेहतर होगा।
आज गुरू पुष्य नक्षत्र पर पंचकर्म चिकित्सालय में बच्चों का कराया गया स्वणबिन्दु प्राशन संस्कार
