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हम सभी को मिलकर कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाना है – कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन

साक्षरता से व्यक्ति सशक्त होता है, योजनाओं का लाभ लेने और साइबर ठगी से बचने में मिलती है मदद

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हुआ समारोह

27 सितंबर की परीक्षा के बाद कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे – कलेक्टर कुणाल दुदावत

कोरबा, 08 सितंबर 2026। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला साक्षरता विभाग, कोरबा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय साक्षरता समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का आयोजन “साक्षर बनें, सशक्त बनें” एवं “उल्लास से उज्ज्वल भविष्य की ओर” की थीम पर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने के साथ उनमें जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम, आबकारी तथा सार्वजनिक उपक्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति का साक्षर होना अत्यंत आवश्यक है। साक्षरता व्यक्ति को अपने अधिकारों और दायित्वों को समझने के साथ दैनिक जीवन में बैंकिंग लेन-देन, शासकीय योजनाओं और विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को सही ढंग से समझने में सक्षम बनाती है। साक्षर व्यक्ति ठगी और धोखाधड़ी का शिकार होने से भी काफी हद तक बच सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पढ़ना-लिखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल रूप से भी जागरूक और साक्षर होना जरूरी है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा जिला विभिन्न क्षेत्रों में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहा है। साक्षरता के क्षेत्र में भी जिले को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 27 सितंबर को आयोजित होने वाली परीक्षा के बाद कोरबा पूर्ण साक्षर जिला बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे साक्षरता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और अपने आसपास तथा परिवार के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर देश को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विकसित छत्तीसगढ़-2047 के लक्ष्य के साथ विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को मूर्त रूप दे रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने में साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों को समझने के साथ शासन की योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकता है और समाज के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि साक्षरता से व्यक्ति में जागरूकता आती है और रूढ़िवादिता दूर होती है। आज के डिजिटल दौर में डिजिटल साक्षरता भी बेहद जरूरी है। किसान, व्यापारी, पशुपालक और अन्य वर्ग के लोग जितने अधिक साक्षर होंगे, वे अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं एवं सुविधाओं का उतना ही बेहतर लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रौढ़ शिक्षा एवं प्रेरकों के माध्यम से गांव-गांव में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान संचालित किया जा रहा है। निरक्षर को साक्षर बनाने वाले लोगों को प्रोत्साहन के रूप में 10 अंक प्रदान किए जाने की व्यवस्था से अभियान को और गति मिलेगी।
श्री पटेल ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को संविधान, अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों, लोकतांत्रिक व्यवस्था और मूलभूत आवश्यकताओं को समझने में भी सक्षम बनाती है। उन्होंने महिलाओं की साक्षरता दर बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा और साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी लोगों का साक्षर एवं जागरूक होना जरूरी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का साक्षर और जागरूक होना जरूरी है। डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। साक्षरता के माध्यम से लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर ढंग से समझकर उनका लाभ उठा सकते हैं।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने की पहल संचालित की जा रही है। कोरबा जिला विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है और इस दिशा में साक्षरता अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन लगभग हर व्यक्ति के हाथ में है। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में व्यक्ति जितना अधिक साक्षर और जागरूक होगा, वह साइबर ठगी सहित विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी से उतना ही सुरक्षित रह सकेगा।
कलेक्टर ने कहा कि साक्षरता के साथ लोगों में जागरूकता और डिजिटल समझ विकसित करना भी जरूरी है। जिले का लक्ष्य है कि अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक निरक्षर लोगों को साक्षर बनाया जाए और कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन ने साक्षरता अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी को साक्षरता अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने और जिले को पूर्ण साक्षर बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला साक्षरता अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय, डीएमसी वल्लभ वैष्णव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, युवा एवं साक्षरता अभियान से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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