कोरबा/गेवरा l एसईसीएल गेवरा क्षेत्र अंतर्गत प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से अपनी जायज मांगों बसाहट रोजगार मुआवजा और पुनर्वास को लेकर किए जा रहे संघर्ष के बाद गत 23 अक्टूबर 2026 को एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के सभागार में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई l बैठक में सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई और कई अहम निर्णय लिए गए l

प्रमुख उपस्थिति
इस त्रिपक्षीय वार्ता में कटघोरा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक प्रेमचंद पटेल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा विपिन दुबे, तहसीलदार दीपका राजभानु, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक (CGM) अशोक कुमार, स्टाफ ऑफिसर (भू-राजस्व), कार्मिक प्रबंधक सुधा शिंडे, ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप, ग्राम नराईबोध की पार्षद अमिला पटेल, पार्षद पति राकेश पटेल, रुद्र दास महंत, जगदीश पटेल, शशि साहू, ललित महिलांगे, रामायण लाल यादव, सहसराम, सुंदर साय, मकसुदन यादव, समारु दास, नवीन दास, संजय पाल, कृष्णा कुमार तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं चर्चा के बिंदु
- बसाहट स्थल का रकबा और आवंटन:- ग्रामीणों द्वारा मांग की गई थी कि इश्तहार प्रकाशन के अनुसार बसाहट के लिए 74.00 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए l इस पर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा की दृष्टि से समतलीकरण के उपरांत लगभग 300 से 330 प्लॉट इस स्थल पर केवल नराईबोध के ग्रामवासियों के लिए ही आबंटित किए जा सकेंगे ।
- एकमुश्त राशि और पुनर्वास प्रक्रिया:- प्रबंधन ने जानकारी दी कि लगभग 450 लोगों ने बसाहट के एवज में एकमुश्त राशि के लिए सहमति दी है l पुनर्वास हेतु पात्र व अपात्र लोगों की सूची तैयार की जा रही है, जिसे बिलासपुर मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही, दिसंबर 2026 से प्लॉट आबंटन और मकान ध्वस्तीकरण व भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ।
- परिसम्पत्तियों का मुआवजा व अन्य तकनीकी विषय:-
- भू-स्वामियों और मकान स्वामियों के बीच सहमति न बनने की स्थिति में एसओपी मानक संचालन प्रक्रिया के नियमों के तहत ही भुगतान की कार्यवाही की जाएगी ।
- कटघोरा एसडीएम और गेवरा महाप्रबंधक द्वारा अवगत कराया गया कि बिना भू-स्वामी या उनके विधिक वारिसों की सहमति के भुगतान करने पर यदि आपत्ति आती है, तो मुख्यालय से समय-सीमा के भीतर निर्देश प्राप्त कर उचित कदम उठाए जाएंगे ।
- ग्राम नराईबोध के घटते क्रम की सूची में निर्धारित कट-ऑफ पॉइंट 0.51 एकड़ तक के संशोधन से संबंधित कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसे सक्षम अधिकारी के अनुमोदन उपरांत जल्द पूरा किया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि कंपनी द्वारा उनकी मूलभूत हक बुनियादी व्यवस्था पानी, सुरक्षा और विस्थापन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान किया जाए l इसके साथ ही ग्रामीणों ने बैठक में कहां कि समय-सीमा अनुरूप समस्याओं का निराकृति होना चाहिए आंदोलन करने के लिए बाध्य न होना पड़े l
बैठक के अंत में एसईसीएल के अधिकारी ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई ।
