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SECL की वादाखिलाफी से परेशान किसान ने दी चेतावनी, मुआवजा नहीं मिला, तो हरदीबाजार में नहीं होने दूँगा सर्वे और नापी

कोरबा/दीपका। एसईसीएल (SECL) दीपका क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि और मकानों का मुआवजा न मिलने से प्रभावित ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ग्राम हरदीबाजार निवासी किसान विनय कुमार राठौर ने जिला कलेक्टर और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके पिछले बकाये का भुगतान नहीं हुआ तो वे अपनी अन्य संपत्तियों का सर्वे नहीं होने देंगे ।

मुख्य विवाद और मांगें

किसान विनय कुमार राठौर ने बताया कि ग्राम सुवाभोड़ी (खसरा नंबर 316/4, रकबा 0.117 हेक्टेयर) और ग्राम मलगांव में उनकी भूमि और मकानों का अधिग्रहण SECL दीपका क्षेत्र द्वारा किया जा चुका है ।

  1. 3-4 वर्षों का लंबा इंतजार:- सर्वे और नापी की प्रक्रिया पूरी हुए 4 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया गया है ।
  2. प्रबंधन की अनदेखी:- पीड़ित किसान के अनुसार उन्होंने पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन और महाप्रबंधक कार्यालय में कई बार गुहार लगाई, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हो रही है ।
  3. कड़ी चेतावनी:- आवेदन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि सुवाभोड़ी और मलगांव का मुआवजा तत्काल नहीं दिया गया, तो वे ग्राम हरदीबाजार स्थित अपनी अन्य भूमि और संपत्तियों का सर्वे/नापी कार्य रोक देंगे, इसकी पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

प्रशासनिक सुस्ती पर उठाए सवाल

विज्ञप्ति के माध्यम से पीड़ित ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ विकास के नाम पर जमीनें ली जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ किसान अपने ही हक के पैसे के लिए कार्यालयों की धूल फांकने को मजबूर है ।

इस मामले की प्रतियां अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक SECL बिलासपुर, तहसीलदार हरदीबाजार और महाप्रबंधक खनन को भी प्रेषित की गई हैं, ताकि शीघ्र अति शीघ्र न्याय मिल सके ।

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