कोरबा/पाली। कोरबा के पाली क्षेत्र की सराईपाली खदान में दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ का कम भाड़े और आर्थिक शोषण के विरोध में चल रहा एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया।
धरने के बाद लिफ्टरों और SECL प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में सहमति बन गई। इसके बाद ट्रक मालिक संघ ने आंदोलन फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया है।
कम भाड़े को लेकर था आक्रोश
ट्रक मालिक यूनियन के सदस्यों का कहना था कि फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्टरों यानी लिफ्टरों की ओर से लगातार कम भाड़ा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि डीजल, टायर, किस्त और मेंटेनेंस का खर्च कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन परिवहन भाड़े में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।
इसके अलावा खदान की जर्जर सड़कों और पार्किंग की अव्यवस्था को लेकर भी यूनियन में नाराजगी थी।

ट्रांसपोर्ट यूनियन प्रेसिडेंट बोले- मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन
दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ के धरने में ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रेसिडेंट बाबा ठाकुर ने कहा, कई सालों से भाड़ा कम होता जा रहा है। बाकी चीजों का भाड़ा बढ़ चुका है, महंगाई बढ़ चुकी है लेकिन हमारा भाड़ा नहीं बढ़ रहा। अभी शांतिपूर्वक बैठे हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि टेंट खड़े रहेंगे और गाड़ियों की एंट्री बंद की जाएगी।
एक अन्य गाड़ी मालिक ने कहा कि महंगाई बढ़ने से गाड़ी मालिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उनके मुताबिक, अत्याचार और शोषण हो रहा है। फाइनेंस के दबाव में कई गाड़ी मालिक आत्महत्या तक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर वे पाली में अपनी बात रखने आए हैं।
लिफ्टरों के साथ बैठक के बाद SECL प्रबंधन से चर्चा
यूनियन के अनुसार, धरना प्रदर्शन के दौरान लिफ्टरों के साथ बैठक हुई। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारी SECL प्रबंधन के पास पहुंचे। बैठक में खदान की खराब सड़कों की मरम्मत और पार्किंग व्यवस्था में सुधार को लेकर चर्चा हुई। SECL प्रबंधन ने सड़कों को सुधारने और पार्किंग व्यवस्था तैयार करने पर सहमति जताई।
सहमति के बाद आंदोलन स्थगित
लिफ्टरों और SECL प्रबंधन से सहमति बनने के बाद ट्रक मालिक संघ ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। यूनियन ने कहा कि तय निर्णय यदि अगले दिन से लागू होते हैं तो चक्का जाम नहीं किया जाएगा।
यूनियन ने 3 अक्टूबर 2026 से मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन कोल परिवहन पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल सहमति बनने के बाद यह आंदोलन टल गया है।
