तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि रक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सभी सैन्य हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया जाए।
ट्रम्प ने कहा कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
दरअसल ट्रम्प ने दो दिन पहले ईरान को धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे में होर्मुज रूट नहीं खोला गया तो वो ईरान के पावर प्लांट पर बड़ा हमला करेंगे।

दावा- सीजफायर के लिए ईरान की 3 और शर्तें
ईरान ने सीजफायर के लिए 3 नई शर्तें रखीं हैं। ईरान के एक बड़े अधिकारी ने लेबनानी मीडिया अल मयादीन से रविवार को कहा कि उनका देश पहले से तय योजना के हिसाब से काम कर रहा है।
ईरान की तीन नई शर्त-
- इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए,
- होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम बनाए जाएं और
- ईरान के खिलाफ माने जाने वाले मीडिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनका प्रत्यर्पण किया जाए।
जबकि इससे पहले ईरान कहा था कि सीजफायर के लिए भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की गारंटी दी जाए, नुकसान का मुआवजा दिया जाए और पूरे क्षेत्र में चल रहे युद्ध खत्म किए जाएं।
ईरानी अधिकारी का कहना है कि उनका देश तब तक कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक दुश्मनों को सबक नहीं सिखा देता।
ईरानी मीडिया का दावा- ट्रम्प से कोई बातचीत नहीं, चेतावनी के बाद पीछे हटे
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सोर्स के हवाले से कहा है कि ट्रम्प के साथ कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान की चेतावनी के बाद ट्रम्प पीछे हटे।
सूत्र के मुताबिक, ईरान ने संकेत दिया था कि अगर उसके पावर प्लांट पर हमला हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। फार्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने बातचीत होने की बात कही थी, लेकिन ईरानी पक्ष ने किसी भी तरह के संपर्क से इनकार किया है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और अमेरिका की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रिपोर्ट- अमेरिकी एयरक्राफ्ट केरियर ग्रीस के क्रेट बेस पर लौटा
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध अभियान का हिस्सा रहा दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट केरियर पोत USS जेराल्ड फोर्ड अब ग्रीस के क्रेट द्वीप स्थित नौसैनिक अड्डे पर लौट आया है।
AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पोत फरवरी में सूडा बे पर भोजन, ईंधन और हथियारों की आपूर्ति लेने के लिए पहुंचा था।
इससे पहले 12 मार्च को जहाज पर लॉन्ड्री सेक्शन में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें दो क्रू मेंबर घायल हो गए थे। फिलहाल जहाज की वापसी को लेकर आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
अफगान में ईरानी दूतावास बोला- चेतावनी के बाद ट्रम्प पीछे हटे
अफगानिस्तान स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रम्प के उस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने ईरान के ऊर्जा और परमाणु ठिकानों पर हमले टाल दिए।
दूतावास ने दावा किया कि ट्रम्प ने यह कदम ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद उठाया और हमले से पीछे हट गए। वहीं तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “ट्रम्प पीछे हट गए!”
दो भारतीय LPG टैंकरों ने होर्मुज पार करना शुरू किया
भारत में LPG संकट के बीच भारतीय झंडे वाले दो बड़े गैस टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे हैं। शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, जग वसंत और पाइन गैस नाम के ये टैंकर UAE से निकलकर ईरान के तट के पास से गुजरते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये जहाज ईरान की मंजूरी से एक सुरक्षित रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उसके समुद्री तट के करीब है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद जैसी स्थिति में है और हाल के दिनों में बहुत कम जहाज यहां से गुजर पाए हैं।
भारत में LPG की भारी कमी को देखते हुए ये टैंकर अहम माने जा रहे हैं, हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक चार जहाज मिलकर भी सिर्फ 2–3 दिन की खपत पूरी कर पाएंगे।
इससे पहले भी दो भारतीय टैंकर इसी रास्ते से सुरक्षित पार कर चुके हैं, जिनमें से एक को ईरानी नौसेना ने एस्कॉर्ट भी किया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल ‘मैरिटाइम डिप्लोमेसी’ के तौर पर कर रहा है और चुनिंदा देशों को ही सुरक्षित रास्ता दे रहा है।
सरकार ने भी बंदरगाहों को निर्देश दिया है कि LPG टैंकरों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि देश में घरेलू गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।
