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करेंसी बाजार में उथल-पुथल, 13 जून के बाद रुपए में सबसे बड़ी गिरावट, जानिए क्यों?

मुंबई, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से BRICS देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद सोमवार को भारतीय रुपया भारी दबाव में आ गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 47 पैसे टूटकर 85.86 पर बंद हुआ, जो कि 13 जून के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है।

कारोबार के दौरान रुपया 86 के पार भी चला गया था लेकिन बाद में RBI की संभावित दखलअंदाजी से आंशिक सुधार देखा गया।

मुख्य कारण और घटनाक्रम:

1️⃣ ट्रंप की टैरिफ चेतावनी से बढ़ा वैश्विक दबाव

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश BRICS की एंटी-अमेरिकन नीति को समर्थन देंगे, उन पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “इस नीति में कोई छूट नहीं दी जाएगी।”

2️⃣ BRICS देश डॉलर से बाहर निकलने की कोशिश में

BRICS देशों ने हाल ही में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम विकसित करने पर सहमति जताई है, जिससे डॉलर पर निर्भरता घटेगी। ट्रंप पहले ही 100% टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं यदि डॉलर को दरकिनार किया गया।

3️⃣ डॉलर इंडेक्स में रिकवरी, बाजार में बेचैनी

डॉलर इंडेक्स सोमवार को 0.22% बढ़कर 97.39 पर पहुंचा, जिससे रुपए पर अतिरिक्त दबाव बना। हालांकि सालभर में अब तक इसमें 10.5% की गिरावट दर्ज की गई है।

4️⃣ फेड मीटिंग मिनट्स पर टिकी नजरें

अब बाजार की निगाहें फेडरल रिजर्व की आगामी मीटिंग के मिनट्स पर हैं, जो डॉलर की आगामी दिशा तय करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि रुपया निकट भविष्य में 85.25 से 86.25 के दायरे में रह सकता है।

5️⃣ कच्चे तेल की कीमतों में हलचल

OPEC+ द्वारा उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद क्रूड की कीमतों में मामूली बदलाव देखा गया।
Brent Crude: $68.53 (0.34%↑)
WTI Crude: $66.86 (0.21%↓) 

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