नई दिल्ली, एजेंसी। यूरिया के दो नए संयंत्र जल्द ही उत्पादन शुरू कर देंगे, जिनकी कुल सालाना क्षमता 25.4 लाख टन होगी। सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी। इनके शुरू हो जाने के बाद आयात पर देश की निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 100 लाख टन से अधिक यूरिया का आयात किया था।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को वैश्विक समस्याओं से बचाने के मकसद से इस क्षेत्र में मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। मंत्रालय ने कहा, ”पश्चिम एशिया में संघर्षों के कारण ईंधन की भारी कमी और निर्यात मार्गों में व्यवधान के बावजूद, सरकार ने उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक सक्रिय, युद्धस्तरीय प्रतिक्रिया दी है।”
उपलब्धियों की सूची प्रस्तुत करते हुए मंत्रालय ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से छह नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे प्रतिवर्ष 76.2 लाख टन की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जुड़ी है। बयान में कहा गया, ”यूरिया के उच्च क्षमता वाले दो नए संयंत्र शीघ्र ही उत्पादन शुरू करने वाले हैं और इनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 25.4 लाख टन है।” भारत में यूरिया का घरेलू उत्पादन वित्त वर्ष 2014-15 में 225 लाख टन था, जो 2023-24 में बढ़कर अपने उच्चतम स्तर 314.07 लाख टन पर पहुंच गया और 2024-25 में उत्पादन 306.67 लाख टन रहा।
