बजरंग दल का आरोप- बहला-फुसलाकर ग्रामीणों का धर्मांतरण किया जा रहा, दोनों पक्ष थाने पहुंचे
कोरबा। कोरबा में रविवार को प्रार्थना सभा को लेकर बवाल हो गया। ईसाई समुदाय और ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठन आमने-सामने आ गए। इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ। जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा और वहां भीड़ एकत्र होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मामला कटघोरा थाना क्षेत्र के सुतर्रा गांव का है। जहां खेत में पंडाल लगाकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसे पास्टर बजरंग जायसवाल लीड कर रहे थे। आरोप है कि वह ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करा रहे थे।सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिंदू संगठन का विरोध किया।
बवाल के बाद महिलाएं सड़कों पर नजर आई।
मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, रविवार सुबह सुतर्रा गांव में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल होने पहुंचे थे। सरपंच संतोषी बाई की शिकायत बजरंग के दल कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उनका आरोप था कि भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
जब हिंदू संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने बजरंग जायसवाल के साथ बाहर से आए कुछ लोगों और बड़ी संख्या में महिलाओं को देखा। सभा में बीमारियों और तकलीफों को ठीक करने के दावे किए जा रहे थे। मौके पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
इसके बाद दोनों पक्ष कटघोरा थाने पहुंचे। थाने में हिंदू संगठन के लोगों ने पास्टर जायसवाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि पास्टर पहले भी कटघोरा में चंगाई सभाएं आयोजित कर चुके हैं। जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
हंगामे के बाद दोनों पक्ष कटघोरा थाने पहुंचे।
बीमार और निसंतान लोगों को निशाना बनाने का आरोप
हिंदू संगठन के सदस्यों ने बताया कि पास्टर जायसवाल उन लोगों को निशाना बनाते हैं जिनके बच्चे नहीं होते या जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं। वे दावा करते हैं कि उनकी प्रार्थनाओं से बीमारियां ठीक हो जाती हैं, जिससे ग्रामीण प्रभावित होकर धर्म परिवर्तन कर रहे हैं।
बिना अनुमति सभाएं कराने का आरोप
बजरंग दल अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि पास्टर जायसवाल की ओर से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती है। जिसका पहले भी विरोध किया गया था। जिसके बाद उन्हें कोर्ट से जेल भेज दिया गया था और उन्हें समझाइश दिया गया था कि बिना परमिशन सभा आयोजित न करें।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
लेकिन इसके बाद भी वो सभाएं आयोजित कर रहे हैं। अगर गतिविधियां जारी रहेंगी तो बजरंग दल की ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर, थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने बताया कि सरपंच की शिकायत पर बजरंग जायसवाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, कार्रवाई जाएगी।
