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12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति का पूर्ण समर्थन- सपुरन कुलदीप

कोरबा। ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने आज एक आधिकारिक बयान जारी कर आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने घोषणा की है कि SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के हजारों भूविस्थापित और शोषित ठेका कर्मचारी इस हड़ताल में सक्रिय रूप से भाग लेंगे और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे ।

​सपुरन कुलदीप ने कहा आज का किसान और मजदूर दोनों ही हाशिए पर हैं, 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू करने, मनरेगा को समाप्त करने की कोशिश और भू-अर्जन के मामलों में किसानो की जमीन का जबरिया अधिग्रहण जैसी सरकार की नीतियां केवल कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं, जबकि जमीन देने वाला किसान और पसीना बहाने वाला मजदूर अपने हक के लिए दर-दर भटक रहा है ।

​SECL से संबंधित निम्नलिखित मुख्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है:-

​भूविस्थापितों के साथ वादाखिलाफी

SECL प्रबंधन और प्रशासन ने सालों से भूविस्थापितों को रोजगार पुनर्वास और उचित मुआवजे के नाम पर केवल आश्वासन दिया है। एक जमीन के बदले एक रोजगार की नीति को जानबूझकर जटिल बनाया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को उनका हक न मिले ।

​ठेका कर्मचारियों का शोषण

खदानों में काम करने वाले ठेका श्रमिकों (Contract Workers) को न तो सम्मानजनक वेतन मिल रहा है और ना ही सुरक्षा, हाईपावर कमेटी द्वारा निर्धारित वेतन और सुविधाओं को लागू करने में SECL प्रबंधन आनाकानी कर रहा है ।

​स्थानीय रोजगार की अनदेखी

ऊर्जाधानी के युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। समिति मांग करती है कि ठेका कार्यों और नियमित भर्तियों में स्थानीय भूविस्थापितों को प्राथमिकता दी जाए ।

​पर्यावरण और स्वास्थ्य

खनन के कारण क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और ग्रामीणों के गिरते स्वास्थ्य स्तर पर भी प्रबंधन की चुप्पी असहनीय है ।

​सपुरन कुलदीप ने जोर देकर कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल केवल एक सांकेतिक विरोध नहीं बल्कि आर-पार की लड़ाई का आगाज है ।

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