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US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के अधिकांश देशों पर लगाए टैरिफ को किया रद्द : रिपोर्ट

वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को बड़ा कानूनी झटका देते हुए Supreme Court of the United States ने फैसला सुनाया कि उन्होंने आपातकालीन कानून का गलत इस्तेमाल कर व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए थे।

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को बड़ा कानूनी झटका देते हुए Supreme Court of the United States ने फैसला सुनाया कि उन्होंने आपातकालीन कानून का गलत इस्तेमाल कर व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए थे। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि ट्रंप ने जिस कानून के तहत टैरिफ लगाए, वह इस तरह के कदम की अनुमति नहीं देता।

किस कानून पर उठे सवाल?

ट्रंप ने 1977 के International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) का सहारा लेकर टैरिफ लगाए थे। यह कानून राष्ट्रपति को “असामान्य और असाधारण खतरे” की स्थिति में आयात-निर्यात को नियंत्रित करने की शक्ति देता है। लेकिन इसमें टैरिफ लगाने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस कानून के जरिए इतनी बड़ी और व्यापक दरों पर टैरिफ लगाना राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

कौन-कौन से टैरिफ रद्द हुए?

फैसले के बाद दो तरह के टैरिफ पर असर पड़ा है:

देश-विशेष या “रिसिप्रोकल” टैरिफ

  • चीन पर 34% तक
  • बाकी दुनिया पर 10% बेसलाइन

 25% टैरिफ (फेंटेनिल मुद्दे पर)

ट्रंप प्रशासन ने कनाडा, चीन और मेक्सिको से आने वाले कुछ सामान पर 25% टैरिफ लगाया था। सरकार का तर्क था कि ये देश फेंटेनिल नामक खतरनाक ड्रग की तस्करी रोकने में नाकाम रहे हैं। इन दोनों श्रेणियों के टैरिफ को कोर्ट ने अवैध बताया।

कौन से टैरिफ बरकरार हैं?

यह फैसला ट्रंप द्वारा लगाए गए सभी टैरिफ पर लागू नहीं होता। स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए गए टैरिफ, जो दूसरे कानूनों के तहत लगाए गए थे, फिलहाल जारी रहेंगे।

कोर्ट में 6-3 का फैसला

सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने बहुमत से ट्रंप के कदम को असंवैधानिक माना, जबकि 3 जज असहमत रहे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में 6-3 का कंजरवेटिव (रूढ़िवादी) बहुमत है। जनवरी में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद यह प्रशासन के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक दुर्लभ झटका माना जा रहा है।

संविधान क्या कहता है?

अमेरिकी संविधान के अनुसार, टैरिफ तय करने की शक्ति कांग्रेस के पास है। हालांकि राष्ट्रपति को कुछ आपातकालीन स्थितियों में सीमित अधिकार दिए गए हैं, लेकिन कोर्ट ने माना कि IEEPA के तहत इतने व्यापक टैरिफ लगाना कांग्रेस की शक्ति में दखल है।

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