कोरबा। कोरबा वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर हाथी-मानव संघर्ष की घटना सामने आई है। गुरुवार (9 जुलाई) को ग्राम पीडिया और तुर्कीटरा के बीच जंगल में दंतैल हाथी के हमले में जहाज़ सिंह राठिया (55) की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पीडिया निवासी जहाज़ सिंह राठिया गुरुवार सुबह जंगल में पुटु (मशरूम) और महुआ बीनने गए थे। इसी दौरान उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें संभलने या भागने का मौका नहीं मिला और हाथी ने उन्हें कुचल दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पहुंचा वन अमला
घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की।
ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग पर लगाए आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से हाथियों का लगातार विचरण हो रहा है, लेकिन उन्हें गांवों से दूर रखने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण हर साल फसल और जान-माल का नुकसान हो रहा है।
मुआवजा और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द निर्धारित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही गांवों के आसपास हाथियों को भगाने के लिए स्थायी व्यवस्था, रात में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने की मांग भी उठाई है।
बढ़ रही हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं
कोरबा वन मंडल में पिछले कुछ समय से हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई ग्रामीण पहले भी हाथियों के हमले का शिकार हो चुके हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
