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8 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों का चक्काजाम:कोरबा के नकटीखार में सड़क पर बैठे कई गांवों के लोग, 2 घंटे के बाद समाप्त

कोरबा। कोरबा जिले के नकटीखार गांव में बुधवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण बैनर-पोस्टर लेकर सड़क पर बैठ गए।

आसपास के कई गांवों के लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिला प्रशासन के आश्वासन और समझाइश के 2 घंटे के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम हुआ समाप्त किया।

सड़क, स्कूल भवन, जमीन रिकॉर्ड और वनाधिकार पट्टे से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन

कलेक्टर को ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले ही अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते बुधवार को जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 20 कोरबा मोनिका अरविंद भगत के नेतृत्व में चक्काजाम शुरू किया गया।

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार और एसडीएम भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर चक्काजाम खत्म कराने का प्रयास किया।

स्कूल के रास्ते पर पुलिया और अधूरे भवन पूरे कराने की मांग

ग्रामीणों की मांगों में नकटीखार शासकीय प्राथमिक शाला से तालाब पार जाने वाले रास्ते पर पुलिया और सुचारु आवागमन की व्यवस्था प्रमुख है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा प्राथमिक शाला नकटीखार में स्वीकृत दो भवनों का निर्माण अब तक पूरा नहीं होने की शिकायत भी की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इसके कारण बच्चों को पुराने और खराब भवन में पढ़ना पड़ रहा है।

जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के लिए राजस्व कैंप की मांग

ग्रामीणों ने राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि नकटीखार पहले मसाहती गांव था, जिसके चलते बंदोबस्त के दौरान नक्शे में गलतियां हो गईं। इन्हें सुधारने के लिए किसानों को तहसील और न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ किसानों की पुश्तैनी जमीन बंदोबस्त के बाद सरकारी रिकॉर्ड में शासकीय भूमि दर्ज हो गई है। करीब 13-14 साल बाद भी कई मामले तहसील न्यायालय में लंबित हैं। ग्रामीणों ने गांव में राजस्व विभाग का कैंप लगाकर रिकॉर्ड और नक्शे की गड़बड़ी दूर करने की मांग की है।

कई रास्तों के निर्माण और डामरीकरण की मांग

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत नकटीखार के भालूसटका से देवरास मोहल्ले की ओर जाने वाले रास्ते पर कांक्रीट सड़क बनाने की मांग की है। इसके साथ ही अटल चौक से अंधारदरहा तक कांक्रीट सड़क और नकटीखार के ऊपर मोहल्ले से मुंसीडीह जाने वाले मार्ग का डामरीकरण कराने की मांग भी शामिल है।

खेल मैदान के लिए वनाधिकार पट्टे की मांग

ग्रामीणों ने भालूसटका खेल मैदान को सामुदायिक वनाधिकार के तहत पट्टा देने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इस जमीन का उपयोग धार्मिक और खेल गतिविधियों के लिए किया जाता है, इसलिए पट्टा जल्द जारी किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।

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