जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की डोंगा-कोहरौद-बलौदाबाजार सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। करीब 15 वर्षों से जर्जर सड़क से परेशान सैकड़ों ग्रामीण डोंगा-कोहरौद गांव में धरने पर बैठ गए हैं।

उनका कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, पामगढ़-लाहौद-बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग का करीब 5 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
गड्ढों के कारण गई है कई लोगों की जान,दर्जनों घायल
ग्रामीणों का दावा है कि वर्षों में कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। बारिश के मौसम में सड़क की हालत और अधिक खराब हो जाती है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है।
मुआवजा विवाद से रुका निर्माण, ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि मुआवजा संबंधी प्रकरण लंबित होने के कारण सड़क निर्माण वर्षों से अटका हुआ है। इस संबंध में कई बार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
आंदोलनरत ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल विकास का नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा है। खराब सड़क के कारण मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों और व्यापारियों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण शुरू होने तक जारी रहेगा आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक आमरण अनशन और आंदोलन जारी रहेगा। अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासन और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
