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कोरबा में SECL की बैठक में ग्रामीणों का विरोध:पुरानी मांगों पर चर्चा न होने से नाराज लोगों ने छोड़ी मीटिंग

कोरबा। कोरबा में SECL दीपका प्रबंधन और तहसीलदार हरदीबाजार की संयुक्त बैठक में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायत भवन हरदीबाजार में शनिवार को आयोजित बैठक में गांव की परिसंपत्तियों के नाप और सर्वे का विषय रखा गया था।

SECL के अधिकारी सुशील साहू और तहसीलदार विष्णु प्रसाद पैंकरा को ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि पुरानी मांगों पर निर्णय के बिना कोई सर्वे स्वीकार नहीं होगा। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में 2004 में अधिग्रहित जमीनों का वर्तमान दर पर मुआवजा शामिल है।

15 लाख रुपए एकमुश्त देने की मांग

ग्रामीण बसाहट स्थल को सर्वसुविधायुक्त बनाने की मांग कर रहे हैं। जो बसाहट नहीं चाहते, उन्हें 15 लाख रुपए एकमुश्त देने की मांग है। मकान के बदले पूरा मुआवजा और उसकी आधी राशि मकान तोड़ने से पहले देने की मांग भी की गई है।

घटती नौकरियों पर भी चिंता जताई

2004 और 2010 के बाद खरीदी गई भूमि को पूर्ण भूमि स्वामी का दर्जा दिए जाने की मांग है। ग्रामीणों ने घटती नौकरियों पर भी चिंता जताई है। SECL के जीएम संजय मिश्रा ने बिलासपुर में बैठक कर इन मांगों पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।

कलिंगा कंपनी के खिलाफ मानिकपुर चौकी में पहले से एक मारपीट का मामला दर्ज है। कंपनी पर भर्ती के नाम पर पैसे की मांग और गुंडागर्दी का आरोप है। ग्रामीणों ने कलिंगा कंपनी के गांव में प्रवेश का विरोध किया है। जब SECL अधिकारी ने 2004 और 2010 के बाद की भूमि को मान्य न करने की बात कही, तो ग्रामीण बैठक छोड़कर चले गए।

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