कोरबा/दीपका। कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के हरदीबाजार के सैकड़ों ग्रामीणों ने आज सुबह 8:00 बजे एसईसीएल (SECL) दीपका कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस उग्र आंदोलन के चलते एसईसीएल दीपका कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप्प पड़ गया है। ग्रामीण लंबे समय से लंबित अपनी जायज मांगों मुआवजा विसंगति दूर करने रोजगार उपलब्ध कराने पुनर्वास और बसाहट की व्यवस्था को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं ।
सुरक्षा बलों के साथ धक्का-मुक्की, बुजुर्ग महिला घायल

आंदोलन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दीपका हरदीबाजार तथा बांकी मोगरा पुलिस बल के साथ सीआईएसएफ (CISF) के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। प्रदर्शन के कुछ ही घंटों बाद सीआईएसएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच बहस व धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो गई, इस दौरान सीआईएसएफ जवान की लाठी से एक बुजुर्ग महिला को गंभीर चोट आई, जिससे उसके हाथ में सूजन आ गई है। घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया ।
प्रबंधन के साथ दो दौर की वार्ता विफल
जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ा ग्रामीणों और एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस और सीआईएसएफ जवानों ने शांत कराया। एसईसीएल दीपका प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी और बैठक विफल रही ।
विवाद का मुख्य केंद्र बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक का स्थान रहा। एसईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों को बिलासपुर स्थित मुख्यालय में बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव दिया, जबकि ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक दीपका में ही आयोजित की जाए ।
एसडीएम की मौजूदगी में तीसरे दौर की वार्ता जारी
ताजा समाचार मिलने तक एसईसीएल दीपका कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ है। कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) विपिन दुबे की उपस्थिति में एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक (CGM), क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल और ग्रामीणों के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता चला ।
वार्ता के दौरान ग्रामीणों की मांगों और दीपका में ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आयोजित कर सभी मुद्दों का सिलसिलेवार निराकरण करने पर गहन चर्चा हुई ।
मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान
ग्रामीणों ने दो टूक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगों का स्थायी निराकरण नहीं हो जाता, तब तक पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा ।
