सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा के मैनपाट के बरीमा में बॉक्साइट खनन को लेकर ग्रामीणों और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) के बीच विवाद बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा दिए बिना उनकी जमीन से बॉक्साइट निकाला जा रहा है। विरोध में ग्रामीणों ने 1 जुलाई से बॉक्साइट का उत्खनन और परिवहन रोक रखा है।
वहीं, CMDC की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ कमलेश्वरपुर थाने में FIR दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने भी CMDC और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।

सीएमडीसी की तरफ से लीज खत्म होने के बाद भी खनन हो रहा है।
2017 से 2024 तक थी लीज
ग्रामीणों के मुताबिक, बरीमा में बॉक्साइट खनन के लिए CMDC को लीज मिली थी। इसकी अवधि 2017 से 2024 तक निर्धारित थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवधि में खनन नहीं हुआ। लीज अवधि खत्म होने के बाद इसे बढ़ाने के लिए ग्रामीणों की सहमति या पंचायत का प्रस्ताव भी नहीं लिया गया।
ग्रामीण बोले- मुआवजा मंजूर नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि, लीज खत्म होने के बाद भी CMDC के ठेकेदार द्वारा उनकी जमीन से बॉक्साइट निकाला जा रहा है। ग्रामीण अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि CMDC की ओर से हर साल 72 हजार 500 रुपए मुआवजा तय किया गया है, जबकि ग्रामीण 10 लाख रुपए प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वे जमीन नहीं देंगे। उनका आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ मुआवजा देने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने खनन से खोदी गई जमीन को समतल करने की मांग की है, ताकि वे दोबारा वहां खेती कर सकें।
ठेकेदार के कैंप में ग्रामीण विरोध जता रहे हैं।
बॉक्साइट परिवहन रोकने पर CMDC ने कराई FIR
CMDC के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने कमलेश्वरपुर थाने में ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि 2024-25 से पहले खोदे गए बॉक्साइट का परिवहन ग्रामीण रोक रहे हैं।
शिकायत के मुताबिक, CMDC के अधिकारी और ठेकेदार ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुंजबिहारी यादव समेत अन्य ग्रामीण परिवहन रोकते रहे। पुलिस ने मामले में धारा 126 और 221 के तहत अपराध दर्ज किया है।
ग्रामीणों ने भी थाने में दी शिकायत
ग्रामीणों ने CMDC और ठेकेदार के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दी है। उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मैनपाट में खदानों का विरोध
मैनपाट में बॉक्साइट खदानों को लेकर पहले से ही विरोध चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले CMDC की पांच खदानों के लिए जनसुनवाई हुई थी। इसका विधायक, भाजपा नेताओं और ग्रामीणों ने विरोध किया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों से जुड़े दस्तावेजों में मंदिर, तिब्बती कैंप और वन भूमि से संबंधित जानकारी भी छिपाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल बरीमा में खनन और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और CMDC के बीच विवाद जारी है।
