रायपुर,एजेंसी। कोंडागांव में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश से बाजार पारा स्थित प्राथमिक उच्चतर माध्यमिक स्कूल में नाले का पानी भर गया। बच्चे गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। जब भास्कर टीम स्कूल पहुंची, तो शिक्षक कैमरे से बचते नजर आए।
शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले विभाग ने सभी स्कूलों को दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन यह तस्वीरें उन दावों की पोल खोल रही हैं। नगर पालिका की सफाई और जल निकासी व्यवस्था भी फेल साबित हुई है। अब तक न कोई अफसर हालात देखने पहुंचा और न ही कोई कार्रवाई की गई है।
वहीं बलरामपुर के बनापति गांव में शुक्रवार शाम बिजली गिरने से 3 मवेशियों की मौत हो गई और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वहीं लुरगी मोड़ के पास पेड़ गिरने से सड़क जाम हो गया। खंभा टूटने से वहां भी बिजली बाधित रही। घंटों बाद रास्ता साफ कराया गया।
इस बीच छत्तीसगढ़ में आज 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। रायपुर में रातभर बारिश हुई और सुबह से रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं। पिछले 24 घंटे में राज्य के अधिकांश संभागों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें बीजापुर में सबसे ज्यादा 56 मिमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन के कारण अगले दो दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा।
यलो अलर्ट वाले जिलों में रायपुर, सरगुजा, जीपीएम, कोरबा, धमतरी, कोंडागांव, गरियाबंद, बीजापुर और बस्तर शामिल हैं, जहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी चलने की संभावना है।
इसी बीच, बिलासपुर के तखतपुर क्षेत्र में एक परिवार के तीन लोग बिजली गिरने से प्रभावित हुए। एक की मौत हो गई जबकि दो झुलस गए। घायलों को बेहतर इलाज के लिए सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है, उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्कूल परिसर और क्लासरूम के अंदर भी पानी भर गया।
बलराम में सबसे ज्यादा बारिश, बेमेतरा में सबसे कम
प्रदेश में अब तक 1133.5 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 512 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1499.2 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है।
