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महिला-आरक्षक की वर्दी फाड़ी, अर्धनग्न किया, आरोपी का निकला जुलूस

लिपस्टिक पोती, उठक-बैठक करवाई, चप्पलों की माला पहनाई, ‘वर्दी फाड़ना पाप है’ के लगवाए नारे

रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के कपड़े फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया। अब इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 6 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है।

वहीं, गिरफ्तारी के बाद महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों ने सिग्नल चौक से न्यायालय तक आरोपी का जुलूस निकाला। उसके चेहरे पर लिपस्टिक पोतकर चप्पलों की माला पहनाई गई। आरोपी से ‘पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है’ के नारे लगवाए गए। सड़क पर ही उठक-बैठक भी करवाई गई।

महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार के मामले में चित्रसेन साव मुख्य आरोपी था। आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास (सभी निवासी ग्राम आमगांव) और वनमाली राठिया शामिल है। एक आरोपी अभी भी फरार है।

आरोपी के जुलूस की तस्वीरें…

महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों ने सिग्नल चौक से आरोपी का जुलूस निकाला।

आरोपी के चेहरे पर कालिख पोतकर उसे चप्पलों की माला पहनाई गई।

आरोपी से ‘पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है’ के नारे लगवाए गए।

पुलिस ने दो आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने दो आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था।

फिर 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।

महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी, वीडियो भी बनाया

प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ कर उसका वीडियो भी बनाया। 40 सेकेंड के इस वीडियो में महिला आरक्षक रो-रोकर प्रदर्शनकारियों को भाई बोलकर कहती है कि, मुझे माफ कर दो, छोड़ दो।

प्रदर्शनकारी कहते हैं कि, क्या करने आई थी। चप्पल से मारूं अभी। चलो भाग जाओ यहां से। इसके बाद उसे छोड़कर लोग चले जाते हैं। इससे पहले महिला TI को लात मारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

इस दौरान महिला आरक्षक बचाने के लिए चीखते रही, लेकिन फिर भी ग्रामीण नहीं रुके।

दरअसल, मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए थे। 27 दिसबंर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण जमा हो गए। सड़क पर बैठकर आने-जाने का रास्ता रोक दिया।

स्थिति बिगड़ती देख सुबह करीब 10 बजे अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया। धरनास्थल पर लगे टेंट में वापस भेज दिया। कुछ समय बाद भीड़ की संख्या करीब 1000 के आसपास हो गई।

वीडियो में एक ग्रामीण महिला आरक्षक के कपड़े खींचते नजर आया।

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