DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप

ब्लड बीपी समेत सभी जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद भी महिला ने तोड़ा दम

अस्पताल प्रबंधन व बीएमओ के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश, मुआवजा व जांच की मांग पर अड़े

क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे

कोरबा/हरदीबाजार। ग्राम पंचायत रेकी की निवासी 60 वर्षीया भगा बाई पति गौठिया पटेल की हरदीबाजार स्थित अस्थाई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर लगभग 1:00 बजे भगा बाई गांव के ही तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं, इसी दौरान उनके शरीर में अचानक तेज दर्द व पीड़ा महसूस हुई, महिला के पोते व परिजन तत्काल उन्हें हरदीबाजार स्थित अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे ।

स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा महिला का ब्लड, बीपी व अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह दी गई। परिजनों ने बाहर से सभी जांचें करवाईं, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आई। जांच कराने के पश्चात महिला स्वयं पैदल चलकर अस्पताल के भीतर पहुंची थी, इसके बाद प्रभारी डॉक्टर द्वारा महिला का उपचार शुरू किया गया, लेकिन इलाज के कुछ ही घंटों के भीतर भगा बाई की मृत्यु हो गई ।

प्रशासनिक वादों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

महिला की मृत्यु की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हरदीबाजार के मूल अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के बाद पाली ब्लॉक के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) ने पुराने तहसील भवन में अस्थाई अस्पताल शिफ्ट करते समय यह आश्वासन दिया था कि मरीजों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

इसके विपरीत आलम यह है कि अस्पताल में न तो सही ढंग से इलाज की सुविधा है और न ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। मामूली जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है ।ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इस अस्थाई अस्पताल में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं ।

मुआवजे की मांग, पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार

घटना के बाद बीएमओ और हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर के प्रति ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला, स्थिति को संभालने पहुंचे तहसीलदार ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया, जिसे परिजनों और ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे ।

महिला के शव को पाली ब्लॉक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखकर रातभर हरदीबाजार के स्वास्थ्य केंद्र में ही सुरक्षित रखा गया है। शांति व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से दीपका, कुसमुंडा और हरदीबाजार पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ।

जनप्रतिनिधि व ग्रामीण रहे मौजूद

घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल, नरेश टंडन, अनिल टंडन, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, अनुसुईया राठौर, मनमोहन खांडे, श्याम रात्रे, कृष्णा पटेल, रमेश अहीर, इंद्र भूषण ओढे (पंच) और उत्तम पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया ।

Exit mobile version