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महिला नगर सैनिकों से अभद्रता पर सख्त महिला आयोग:कोरबा कमांडेंट को बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश, शिकायत पर लिया संज्ञान

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने महिला नगर सैनिकों के साथ कथित अभद्रता के मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर सेना कमांडेंट कोरबा को दो माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है।

गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान प्रदेशभर के 404 प्रकरणों तथा कोरबा जिले के 12 मामलों पर सुनवाई की गई।

जनसुनवाई में उठा महिला नगर सैनिकों का मामला

इसी दौरान लगभग 300 नगर सैनिकों के हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र पर आयोग ने विशेष संज्ञान लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट ने महिला नगर सैनिकों के साथ अनावश्यक सख्ती बरती और सार्वजनिक मंच पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

आईसीसी जांच नहीं होने पर आयोग सख्त

शिकायतकर्ताओं ने आयोग को बताया कि घटना के बाद भी आंतरिक परिवाद समिति (ICC) की जांच शुरू नहीं की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने नगर सेना कमांडेंट को निर्देश दिया कि सभी संबंधित महिला नगर सैनिकों और संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और दो माह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।

कई अन्य मामलों में भी दिए निर्देश

जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पुलिस कार्रवाई और पारिवारिक मामलों से जुड़े कई प्रकरणों पर भी सुनवाई की गई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आयोग ने आवश्यक निर्देश, समझाइश और अनुशंसाएं जारी कीं।

कुछ मामलों में पक्षकारों को न्यायालयीन उपाय अपनाने की सलाह दी गई, जबकि अन्य मामलों में महिला थाना, सखी सेंटर और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 5 हजार देने का आदेश

एक मामले में पति द्वारा पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण की उपेक्षा किए जाने पर आयोग ने संबंधित पति को प्रतिमाह 5,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने का निर्देश दिया।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।

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