रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक आशुतोष चावरे पर और विभाग के अन्य अधिकारियों पर साल 2016 में 7 करोड़ से अधिक का घोटाला के मामले में FIR दर्ज हुई थी। लेकिन 9 साल बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। EOW इस मामले में अब तक चार्जशीट जमा नहीं कर पाई है।
दरअसल, साल 2016 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन से टीवी और कंप्यूटर सामानों की सप्लाई किए बिना 7 करोड़ 24 लाख का भुगतान फर्म को कर दिया गया था। इस मामले में चावरे के अलावा पी रमेश सहायक संचालक(रि.) और बजरंग प्रजापति, एपीसी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

आईजी अमरेश मिश्रा से कांग्रेस नेता पूर मामले में जांच के लिए दिया आवेदन।
ऑफिस से फाइल ही गायब हो गई
वहीं जब पूरे मामले की जांच EOW ने शुरू की, तो इस बीच खरीदी के तैयार की गई मूल नस्ती ही गायब कर दी गई। ये फाइलें 8 साल से गायब है। वहीं फाइल गायब करने से पहले इनकी फोटो कॉपी करवा ली गई थी। इसके अलावा जिन अफसरों के नाम घोटाले में शामिल थे, उनके खिलाफ थानों में FIR होनी थी। लेकिन ये कार्रवाई भी अब तक नहीं हो पाई है।
तत्कालीन जांच अधिकारी ने पत्र लिखकर खरीदी प्रक्रिया की मूल कॉपी मांगी थी। जो अब तक नहीं मिल पाई।
कांग्रेस नेता की जल्द कार्रवाई की मांग
अब इस मामले में जल्द गिरफ्तारी की मांग कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने की है। इस संबंध में उन्होंने आईजी अमरेश मिश्रा को पत्र लिखा है। तिवारी ने बताया कि साल दिसंबर 2025 में चावरे की रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में उन पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
