पोड़ी, पोलमी के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोरबा/पाली। एडीबी परियोजना लोन-3 के अंतर्गत पैकेज-23 के तहत 21.481 किलोमीटर पाली-सिल्ली सड़क निर्माण के लिए पाली से लेकर सिल्ली तक सैकड़ों ग्रामीणों की जमीन सड़क में अधिग्रहित की गई थी। सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण किए चार साल बीत गए, सड़क निर्माण भी हो गया, किन्तु ग्राम पंचायत पोड़ी एवं ग्राम पंचायत पोलमी के लगभग 82 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है।
आज कलेक्टर जनदर्शन में पोड़ी और पोलमी के ग्रामीण पोड़ी के पूर्व सरपंच एवं किसान होरीलाल बियार के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और शीघ्र ही मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। ज्ञापन देने वालों में होरीलाल बियार, सनत कुमार बियार, समदर्शी, करूणा शंकर शिरे, सम्मार सिंह, हरीराम बियार, बुधराम बियार, सीताराम, पंकज सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
खेत जाने से फसल का नुकसान
सड़क निर्माण के लिए खेतिहर भूमि अधिग्रहित की गई थी और चार साल से मुआवजा के लिए ग्रामीण दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। पूर्व सरपंच होरीलाल बियार ने बताया कि अधिग्रहित की गई जमीन खेतिहर थी और करीब 82 किसानों को चार साल बाद भी मुआवजा नहीं मिल पाया है। किसानों ने कहा कि खेतिहर भूमि जाने से फसल उत्पादन न होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है और अलग से मुआवजा भी नहीं मिल पाया, इससे कई किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है।
सभी पीड़ित किसान आदिवासी वर्ग से
पोड़ी, पोलमी पंचायत से सड़क के लिए अधिग्रहित की गई जमीन आदिवासियों की है। गरीब परिवार से आने वाले पीड़ित आदिवासी हैं और ये खेती-किसानी पर ही निर्भर हैं। खेतिहर भूमि जाने से इनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो गई है।

