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युवराज सिंह ED ऑफिस पहुंचे:सट्‌टेबाजी एप प्रमोशन केस में हो रही पूछताछ, बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को भी समन

जालंधर,एजेंसी। पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह आज दोपहर 12:15 बजे दिल्ली के ED ऑफिस पहुंचे। जहां उनसे अधिकारी ऑनलाइन बेटिंग एप (1xBet) के प्रमोशन मामले में पूछताछ कर रहे हैं। कुछ दिन पहले युवराज सिंह को जांच एजेंसी ने दिल्ली स्थित दफ्तर में पेश होने के लिए समन भेजा था।

युवराज सिंह के अलावा एक्ट्रेस अन्वेशी जैन से भी पूछताछ हो रही है।

युवराज सिंह से पहले ED शिखर धवन, रॉबिन उथप्पा, सुरेश रैना और हरभजन सिंह से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को भी 24 सितंबर को पेश होने का समन भेजा गया है।

ED का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं को परखा जा रहा है। फिलहाल युवराज सिंह की पूछताछ से मिली जानकारी को आगे की जांच में शामिल किया जाएगा।

युवराज सिंह ने ये तस्वीर 2022 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X शेयर की थी।

युवराज सिंह ने ये तस्वीर 2022 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X शेयर की थी।

करोड़ों की ठगी और टैक्स चोरी की जांच

यह जांच अवैध बेटिंग एप्स से जुड़ी है। कंपनी पर आरोप है कि उसने लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी की है या बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी की है।

कंपनी का दावा है कि 1xBet एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त बुकी है, जो पिछले 18 सालों से बेटिंग इंडस्ट्री में है। इसके ग्राहक हजारों खेल आयोजनों पर दांव लगा सकते हैं। कंपनी की वेबसाइट और एप 70 भाषाओं में उपलब्ध हैं। 1xBet चांस बेस्ड गेम्स एप है।

सरकार ने बेटिंग एप पर बैन लगाया

फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे ड्रीम-11, रमी, पोकर वगैरह सब ऑनलाइन बेटिंग एप बैन हो गए हैं। यह फैसला भारत सरकार के हाल ही में पास किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद लिया गया है। इस बिल के तहत ऑनलाइन बेटिंग एप पर पूरी तरह पाबंदी है।

2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ड्रीम-11 जैसे फैंटेसी खेलों को स्किल्स का खेल बताया था। हालांकि बेटिंग एप कभी भी भारत में लीगल नहीं थे।

ऑनलाइन बेटिंग एप से आर्थिक नुकसान हो रहा

सरकार का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग एप की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं।

इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है।

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के मानसून सत्र में कहा था, “ऑनलाइन मनी गेम्स से समाज में एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनसे नशा बढ़ रहा है, परिवारों की बचत खत्म हो रही है।

अनुमान है कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है।

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