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नेपाल बाढ़ में अब तक 359 शव बरामद:मॉर्चुरी में रखने की जगह कम पड़ी, 288 भारतीय समेत 1500 लापता

काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 359 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा चितवन जिले में 132 शव मिले हैं। बड़ी संख्या में डेड-बॉडी मिलने से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। चितवन की मॉर्चुरी (शवगृह) में सिर्फ 50 डेड-बॉडी रखने की सुविधा है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव और लापता लोगों की तलाश जारी है। करीब 1,500 लोगों की तलाश की जा रही है। भारत के 288 नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी शामिल हैं।

बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

त्रिशूली नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद एक महिला को बचावकर्मी अर्थमूवर मशीन की मदद से सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए

पहाड़ से उतर रही नदी ने तबाही मचाई

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी का तेज बहाव नीचे आता दिख रहा है।

जैसे-जैसे नदी का पानी नीचे आया उसकी रफ्तार और ऊंचाई और ज्यादा हो गई।

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रास्ते में आने वाले घरों को तबाह कर दिया।

जान बचाने की जद्दोजहद

मलबे का बहाव तेजी से नीचे आया। लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए।

30 फीट ऊंची लहरें उठ रही थीं। लोग जान बचाने के लिए घर की तीसरी-चौथी मंजिल पर चढ़ गए।

लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितना झटका

बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।

लेकिन बाद में पता चला कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है।

बाद में USGS ने भी स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा यह झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था।

नेपाल के नुवाकोट जिले में बाढ़ से मची तबाही का मंजर

1 – भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद नुवाकोट में मलबे रिहायशी इलाकों में घुसा

2- बाढ़ के बाद घुटनों तक कीचड़ जमा

3. नुवाकोट में बाढ़ के बाद घर क्षतिग्रस्त हुए

4. बाढ़ के बाद मलबे से भरे पानी में डूबे घर

त्रिशूली में बाढ़ के बाद राहत-बचाव अभियान जारी

नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है।

प्रभावित इलाकों, खासकर रसुवा तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गुरुवार को काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निजी हेलिकॉप्टरों की 40 से ज्यादा चार्टर्ड उड़ानें रवाना हुईं।

शव मिल रहे, रखने की जगह कम

नेपाल में रसुवा की बाढ़ के बाद 289 शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती है। चितवन की स्वास्थ्य सुविधाओं में करीब 50 शव रखने की क्षमता ही बताई गई है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बड़े रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में अस्थायी शवगृह बनाए जा सकते हैं। हर शव का नंबर, फोटो और पहचान से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करना जरूरी है।

खराब हालत वाले शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट, दांतों की जांच और DNA टेस्ट किए जा सकते हैं। एक्सपर्ट्स ने कहा है कि पहचान पक्की होने से पहले शव परिवार को न सौंपे जाएं।

नेपाल की मदद के लिए भारत बैली ब्रिज भेजेगा

नेपाल में बाढ़ से टूटे रास्तों और पुलों को फिर से जोड़ने के लिए भारत बैली ब्रिज भेजेगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह एक पोर्टेबल और पहले से तैयार किया जा सकने वाला पुल है, जिसे जरूरत वाली जगह पर जल्दी लगाया जा सकता है।

बाढ़ या भूस्खलन में जब कोई पुल टूट जाता है, तो बैली ब्रिज कम समय में रोड कनेक्टिवटी को बहाल करने में मदद करता है। इसे जरूरत के मुताबिक दूसरी जगह भी ले जाकर लगाया जा सकता है।

हेलिकॉप्टर से त्रिशूली में राहत-बचाव अभियान जारी

नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव का काम तेज कर दिया गया है। सड़क और दूसरे रास्तों को नुकसान पहुंचने के कारण फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है।

बचाए गए लोगों को हेलिकॉप्टर से त्रिशूली बाजार पहुंचाया जा रहा है। सेना और निजी हेलिकॉप्टरों की मदद से अब तक 100 से ज्यादा लोगों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला जा चुका है।

नेपाल की बाढ़ में गुजरात के 12 लोग लापता

नेपाल में आई बाढ़ में भारत के गुजरात से भी 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। फिलहाल इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।

नेपाल ने 20 अरब रुपये जुटाए, विश्व बैंक से मांगेगी 25 अरब

नेपाल सरकार ने भीषण बाढ़ से हुए नुकसान से निपटने के लिए तुरंत 20 अरब नेपाली रुपये (रू.1,250 करोड़) जुटाने का फैसला किया है। यह रकम प्रधानमंत्री राहत कोष, गृह मंत्रालय और दूसरे स्रोतों से जरूरत के मुताबिक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सरकार विश्व बैंक से करीब 25 अरब नेपाली रुपये (रू.1,562.5 करोड़) की मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

विदेश मंत्रालय बोला- 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल में फ्लैश फ्लड से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को अब तक सुरक्षित निकाला गया है। ये सभी तमिलनाडु के हैं।

भारत नेपाल की मांग के आधार पर राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है। विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की गई है।

जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

नेपाल बाढ़ पर जयशंकर ने की समीक्षा बैठक

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे सभी भारतीयों की सुरक्षा और उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए तुरंत प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।

जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल सरकार के साथ मिलकर राहत और बचाव के काम में मदद कर रहा है। फिलहाल मंत्रालय का मुख्य फोकस प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

तमिलनाडु के 21 लोगों को रेस्क्यू किया गया

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को नेपाल में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है।

चीनी टूर गाइड के फैसले से पूरे ग्रुप की जान बची

बुधवार को एक चीनी टूर गाइड ने आखिरी वक्त पर अपना प्लान बदल दिया और उसका यह फैसला उसके पूरे ग्रुप की जान बचाने वाला साबित हुआ। गाइड ने बताया कि पहले वह पर्यटकों को ग्यिरोंग पोर्ट घुमाने ले जाने वाला था, लेकिन रातभर हुई बारिश को देखते हुए उसने अपना प्लान बदल दिया।

गाइड ने झेजियांग डेली को बताया कि पिछली रात लगातार बारिश हुई थी। उसे चिंता थी कि बारिश की वजह से बर्फ से ढके पहाड़ दिखाई नहीं देंगे। इसलिए उसने पोर्ट जाने के बजाय पर्यटकों को हिमालय की बर्फीली चोटियों का नजारा दिखाने वाले मौसम केंद्र के प्लेटफॉर्म पर ले जाने का फैसला किया।

कुछ ही समय बाद ग्यिरोंग इलाके में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी। अगर गाइड अपना प्लान नहीं बदलता, तो उसका ग्रुप भी इस आपदा की चपेट में आ सकता था।

तस्वीरों में दिखा बाढ़ का दर्द, हर चेहरे पर चिंता और मायूसी

नवलपुर में नारायणी नदी से 62 शव बरामद

भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद बहकर आए 62 शव नवलपुर जिले में नारायणी नदी के किनारे से बरामद किए गए हैं। जिला पुलिस कार्यालय नवलपरासी (पूर्व) के अनुसार, इनमें 26 पुरुष, 16 महिलाएं, 3 बालक, 7 बालिकाएं और 9 ऐसे शव शामिल हैं जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।

पुलिस ने बताया कि सभी शवों को फिलहाल स्थानीय अस्पतालों में रखा गया है। आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें पोखरा भेजने की तैयारी की जा रही है। अब तक बरामद किसी भी शव की पहचान नहीं हो पाई है।

नेपाल ने भारत में रह रहे नेपाली समुदाय से मदद मांगी

नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बाद भारत स्थित नेपाली दूतावास ने नेपाली समुदाय से आर्थिक मदद की अपील की है।

दूतावास ने लोगों से प्रधानमंत्री आपदा बचाव कोष और प्रधानमंत्री राहत कोष में सहयोग देने को कहा है। इच्छुक लोग दूतावास की ओर से दिए गए बैंक खातों के जरिए मदद कर सकते हैं।

सरकार के मुताबिक, बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आंकड़ा जुटाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में बचाव, तलाश और राहत का काम भी तेज कर दिया गया है।

दूतावास ने कहा है कि दोनों राहत कोषों में जमा पैसे का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद, राहत, पुनर्वास और दोबारा निर्माण के लिए किया जाएगा।

भूस्खलन के मलबे से बनी झील में बढ़ रहा पानी

चीनी सरकारी टीवी चैनल CCTV की नई ड्रोन फुटेज में पिछले भूस्खलन से बनी जगह पर एक झील बनती दिखाई दे रही है। यह झील ग्यिरोंग पोर्ट के पास, नेपाल की तरफ बनी है। CCTV के मुताबिक, झील का आकार लगातार बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है और पानी अब किनारों से बाहर निकलने लगा है। अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने का अनुमान है। इससे झील को रोकने वाला मलबे का बांध टूटने और अचानक बड़े पैमाने पर पानी नीचे की ओर बहने का खतरा बढ़ गया है।

नेपाल में बाढ़ पर दलाई लामा ने दुख जताया

दलाई लामा ने आज सुबह जारी एक बयान में नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके लिए मैं प्रार्थना करता हूं। इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों और मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।”

दलाई लामा ने कहा कि यह जलवायु परिवर्तन या किसी दूसरी वजह से पैदा हुई बड़ी समस्या के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 80 लोगों के लिए हेल्पलाइन शुरू

नेपाल में आई बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के करीब 80 लोग अब भी फंसे हुए हैं। उन्हें तलाशने और सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने 24 घंटे चलने वाला हेल्पलाइन सेंटर शुरू किया है।

मंत्री गिरीश महाजन के मुताबिक, जलगांव के 4 लोगों से संपर्क हो चुका है और उनके साथ मौजूद 37 से ज्यादा लोग भी सुरक्षित हैं। बाकी लोगों से संपर्क की कोशिश जारी है।

बाढ़ में पुणे के 4 लोग भी लापता बताए जा रहे हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। सरकार ने परिवारों से अपने लापता परिजनों की जानकारी हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने की अपील की है।

 नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर

त्रिशूली में भीषण बाढ़ के बाद कीचड़ से ढकी इमारतों का ड्रोन इमेज

नुवाकोट के देवीघाट में बाढ़ के बाद जगह-जगह मलबा और तबाही दिखाई दी।

नुवाकोट के त्रिशूली में गुरुवार को बाढ़ के बाद रेस्क्यू टीम एक शव ले जाते हुए।

देवीघाट में गुरुवार को अचानक आई बाढ़ के बाद हुआ नुकसान

बाढ़ का पानी खत्म होने के बाद मलबे में एक मोटरसाइकिल धंसी नजर आई।

देवीघाट में गुरुवार को अचानक आई बाढ़ के बाद कीचड़ में फंसी एक गाड़ी।

नुवाकोट जिले के देवीघाट में सुरक्षित जगह की ओर जाते स्थानीय लोग अपना सामान लेकर निकलते हुए।

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