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अरमान 2 बार और तारिफ 3 बार गया पाकिस्तान:शहर में इमेज अच्छी, लेकिन ISI एजेंट को भेजी फोटो-सूचनाएं; फैमिली बोली- घूमने गए थे

नूंह,एजेंसी। नूंह के अरमान और तारिफ, एक प्राइवेट स्कूल में टीचर और दूसरा फर्जी डॉक्टर। हरियाणा पुलिस ने दोनों को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा है। शहर में उनकी इमेज अच्छी थी, कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था, खास बात ये कि दोनों के पाकिस्तान में रिश्तेदार हैं।

जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों वीजा के लिए दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन गए थे और वहीं से जासूसी के नेटवर्क में शामिल हो गए। अरमान और तारिफ किसी बड़े नेटवर्क का छोटा सा हिस्सा हैं। जांच में ऐसी बातें पता चली हैं, जो एक ऑर्गेनाइज्ड नेटवर्क की तरफ ले जा रही हैं।

इंटेलिजेंस से जुड़े एक सोर्स बताते हैं, ‘इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान हाई कमीशन से जुड़े हैं। ये नेटवर्क अरमान और तारिफ तक सीमित नहीं है। इसमें ऐसा ग्रुप शामिल हो सकता है, जिसकी भारत के सिस्टम में भीतर तक पहुंच हो। हमारे हाथ सुराग लगे हैं।’

‘जानकारी इतनी सेंसिटिव है कि इसे बाहर नहीं लाया जा सकता। इस गैंग में खोज-खोजकर उन लोगों को रखा गया, जिनका क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था। अब तक पंजाब, हरियाणा और UP के 11 लोग जासूसी के आरोप में पकड़े गए हैं।’

अरमान दो बार, तारिफ तीन बार पाकिस्तान गया

नूंह के राजाका गांव का रहने वाला अरमान 12वीं पास है। उसने ITI का कोर्स किया है। वहीं तावडू के कंगारका गांव का तारिफ लोगों का इलाज करता था। हालांकि, उसके पास डॉक्टर की डिग्री नहीं है।

दैनिक भास्कर को कोर्ट का एक डॉक्यूमेंट मिला है, जिसमें अरमान के पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के सबूतों का जिक्र है। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस को अरमान की रिमांड मिली। अरमान की तरह ही मोहम्मद तारिफ पर पाकिस्तानी हाई कमीशन के संपर्क में होने और सीक्रेट जानकारी शेयर करने का आरोप है।

अरमान बीते कुछ महीने में दो बार पाकिस्तान गया है। तारिफ भी तीन बार पाकिस्तान जा चुका है। दोनों वहां 10-15 दिन रुके। जांच एजेंसियां भी तलाश रही हैं कि आखिर दोनों पाकिस्तान क्यों गए थे, क्या इसका कोई सिरा पहलगाम अटैक से जुड़ता है।

लाहौर में अरमान के रिश्तेदार, भाई बोले- घूमने गया था

24 साल के अरमान की 6 साल पहले शादी हुई थी। परिवार में पत्नी, तीन बच्चे और 5 भाई हैं। अरमान के पाकिस्तान जाने पर भाई इंसाफ बताते हैं, ‘अरमान बीते 6-8 महीने में दो बार पाकिस्तान जा चुका है। एक बार पिछले साल के आखिर में और दूसरी बार इस साल की शुरुआत में। वो घूमने गया था। वहां लाहौर में अब्बू की फूफी और उनका परिवार भी रहता है।’

परिवार का दावा- 15 मई को पकड़ा, 16 मई को गिरफ्तारी दिखाई पुलिस की कार्रवाई पर इंसाफ बताते हैं, ‘पुलिस ने अरमान को 15 मई की दोपहर 3 या 3.30 बजे पकड़ा था। उसे बड़कली चौक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी 16 मई को दिखाई।’

आपने 15 मई को उसे तलाश नहीं किया, पुलिस को खबर नहीं दी? इंसाफ जवाब देते हैं, ‘हमने तलाश की थी, लेकिन अरमान का पता नहीं चला। अगले दिन पता चला कि उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। ये भी कहा कि पूछताछ करके छोड़ देंगे।’

आप अरमान से मिले? इंसाफ बताते हैं, ‘हम थाने गए थे। बहुत रिक्वेस्ट की, लेकिन पुलिस ने कहा अभी जांच चल रही है। किसी से मिलने नहीं दे सकते। 6 दिन हो गए हैं, हमने एक बार भी उसे नहीं देखा है।’

इंसाफ कहते हैं, ‘हमें न्यूज से पता चला कि अरमान पर देशद्रोह का आरोप लगा है। इस बारे में हम कुछ नहीं जानते।’

अब्बू पूर्व सरपंच, अभी छत्तीसगढ़ की जेल में बंद अरमान ने 12वीं के बाद ITI का डिप्लोमा किया है। वो एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था। कमाई का कोई खास जरिया नहीं है। घर में घुसते ही कार खड़ी दिखाई दी। कार पर सरपंच लिखा है। पूछने पर पता चला कि अरमान के अब्बू जमील गांव के सरपंच रहे हैं। उनके बारे में पूछने पर इंसाफ बताते हैं, ‘अब्बू नूंह में नहीं हैं, बाहर हैं। छत्तीसगढ़ की जेल में बंद हैं। वो दूसरे मामले में जेल गए थे।’

अरमान पर लगे आरोप

पाकिस्तानी अफसर दानिश को गोपनीय सूचनाएं दीं, चैट डिलीट की

सोर्स के मुताबिक, अरमान ने पूछताछ में जासूसी की बात कबूल की है। उससे अब तक ये जानकारियां पता चली हैं-

1. दिल्ली में 1 से 3 मई तक होने वाले डिफेंस एक्सपो की तैयारी से जुड़ी फोटो 14 अप्रैल को पाकिस्तान के नंबर पर भेजीं।

2. एक्सपो में आई कंपनियों के नंबर पाकिस्तान के एक संदिग्ध नंबर पर भेजे।

3. अरमान पाकिस्तान गया था, तब वहां अधिकारियों से मिला था।

4. उसके मोबाइल में पाकिस्तान के 10-12 नंबर हैं। इन नंबरों पर अरमान चैट करता था, बाद में ये बातचीत डिलीट कर दी गई। चैट और लोकेशन रिकवरी के लिए मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं।

5. भारत में मौजूद पाकिस्तानी हाई कमीशन के अधिकारी दानिश से उसकी बात होती थी। अरमान ने दानिश को भारत की खुफिया जानकारी देने की बात कबूल की है। बदले में उसे दानिश से नकद पैसे मिलते थे।

6. अरमान ने 14-15 मोबाइल के जरिए दिल्ली, हरियाणा और आसपास की जगहों की फोटो और सूचनाएं भेजने की बात कबूल की है। इसमें से कुछ फोन रिकवर हो गए हैं।

7. अरमान के संपर्क पाकिस्तानी हाई कमीशन से थे। इसके जरिए उसने दूसरे लोगों को वीजा दिलवाया और पाकिस्तान जाने में मदद की।

8. इंटेलिजेंस और पुलिस सोर्स के मुताबिक, अरमान से पाकिस्तानी अफसर दानिश ने कहा था कि ऐसे लोगों को इकट्ठा करे, जो वीजा चाहते हैं और पाकिस्तान जाना चाहते हैं। अरमान ने 5-6 लोगों के वीजा बनवाने की बात मानी है। जांच एजेंसियों को शक है कि ये तादाद और ज्यादा है।

अरमान को पाकिस्तानी अफसर दानिश से मिलवाने वाले की तलाश इंटेलिजेंस के सोर्स के मुताबिक, अरमान एक साल पहले पाकिस्तानी हाई कमीशन के संपर्क में आया। उसे हाई कमीशन के अफसर दानिश से मिलवाने वाला कोई दूसरा शख्स है। जांच एजेंसियां उसका पता लगा रही हैं।

इसके अलावा अरमान ने जिन लोगों को वीजा दिलवाया, उनकी भी तलाश की जा रही है। अरमान का कहना है कि उन लोगों से मेरी बातचीत सिर्फ वीजा दिलवाने तक थी।

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