हेमलता सोरठे ने कहा – डाक्टर बनने के बाद सबसे पहले खुशखबरी सुनाने कलेक्टर सर के पास जाऊंगी
कोरबा/पसान। कोरबा की ऊर्जा पूरे देश में फैल रही है और जिस तरह कोरबा ऊर्जावान है, वहीं यहां की प्रतिभाएं भी देश के अन्य कोने से कहीं अधिक है, लेकिन आर्थिक विपन्नता तले दबे गरीब परिवार की प्रतिभाएं गांव में ही दब जाती हैं। किसी किसी की किस्मत तब चमक जाती है, जब उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह जैसे जनप्रतिनिधि मिल जाएं और कलेक्टर अजीत बसंत जैसे संवेदनशील अधिकारी।
कुछ दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह अपने गृह ग्राम तुमान के निज निवास पर बैठे थे और कुछ ग्रामीण भी अपनी मांगों को लेकर रोजाना की तरह डॉ. पवन सिंह के पास पहुंचे थे। एक ग्रामीण दो-तीन दिन से डॉ. पवन सिंह के आवास परिसर में सायकिल से आता और बिना कुछ कहे वापस चले जाता। तीन दिन से सायकिल सवार इस ग्रामीण को डॉ. पवन सिंह पहचानते नहीं थे, लेकिन लगातार तीन दिन से वह उनके घर आता, लेकिन बिना कुछ कहे चले जाता। तीसरे दिन डॉ. पवन ने लौट रहे ग्रामीण को रोका और हालचाल जाना। सहृदय डॉ. पवन की सरल व्यक्तित्व से ग्रामीण प्रभावित हुआ और अपनी कहानी बताई, तब पता चला कि वह ग्रामीण कोडगार निवासी शिवबालक सोरठे है, जो अत्यंत गरीब है और मात्र 88 डिसमिल खेतीहर भूमि की बदौलत जीवन यापन करता है। अपनी पुत्री हेमलता सोरठे के बारे में बताया और कहा कि बैंक से लोन लेकर अपनी मेडिकल छात्रा बेटी की फीस जमा किया, लेकिन इस वर्ष फीस पटाने के लिए कोई रास्ता नहीं दिख रहा है और फीस जमा न करने के कारण उसकी बेटी को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
गरीब शिवबालक सोरठे की करूण कहानी सुनकर डॉ. पवन सिंह मेडिकल छात्रा हेमलता सोरठे और उसके पिता शिवबालक सोरठे को लेकर कलेक्टर अजीत बसंत के पास पहुंचे।

कलेक्टर अजीत बसंत ने छात्रा हेमलता से कुछ सवाल पूछे, गरीब लेकिन प्रतिभाशाली हेमलता के जवाबों से कलेक्टर प्रभावित हुए और उनकी स्थिति को देखते हुए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद में उसकी पूरी फीस लगभग रूपए 7,81,000 (सात लाख एक्यासी हजार रुपए) माफ करने का निर्णय लिया और पूरी फीस कोरबा प्रशासन से देने का निर्णय लिया।
इस निर्णय से हेमलता और उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
दिनांक 26 अक्टूबर 2025 को डॉ. पवन सिंह स्वयं ग्राम कोडगार पहुंचकर हेमलता सोरठे के घर गए। उन्होंने दीपावली की शुभकामनाओं के साथ छात्रा को बधाई दी और उपहार भी भेंट किया।
तो वह क्षण भी हमारे लिए गर्व का होगा- डॉ पवन
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा – गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों के सपनों को उड़ान देना ही हमारी असली जिम्मेदारी है। शिक्षा ही वह साधन है, जिससे हर परिवार का भविष्य बदल सकता है। मेरी पहल से कलेक्टर साहब ने संवेदना दिखाई और हेमलता की सहायता कर उसके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया। कलेक्टर साहब की सहायता से अब एक गरीब बेटी डॉक्टर बन सकेगी, यह हमारे लिए भी गौरव का क्षण होगा।
डाक्टर बनकर सबसे पहले कलेक्टर साहब को खुशखबरी सुनाऊंंगी- हेमलता
कलेक्टर अजीत बसंत की मानवीय संवेदनाओं और गरीब प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की ललक ने मुझे हौसला दिया और कलेक्टर साहब के कारण मैं डाक्टर बन कर अपना और अपने परिवार का सपना पूरा कर सकूंगी। डाक्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद सबसे पहले मैं कलेक्टर साहब के पास जाऊंगी, चाहे वे कहीं भी हों। मैं डॉ. पवन भैय्या का भी आभारी रहुंगी, जिन्होंने मुझे स्वर्णीम भविष्य की राह दिखाई और पहल कर कलेक्टर साहब तक हमारी आवाज पहुंचाई। डॉक्टर बनने के बाद मैं भी किसी गरीब की सहायता कर सकूं, तो यह कलेक्टर साहब की जीत होगी।
