कई ग्रामों में कागजों में योजना, जनप्रतिनिधियों में आक्रोश:शिविर में की शिकायत, कार्रवाई नहीं तो पीएचई आफिस के घेराव का ऐलान
पाली/कटघोरा/पोड़ी-उपरोड़ा ।
जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत कार्यों में ठेकेदार एवं अधिकारियों की जुगलबंदी से तकनीकी मापदंडों, गुणवत्ता को दरकिनार कर मनमाने ढंग से कराए जा रहे कार्यों को लेकर लिखित शिकायतों के बाद भी जिले में सम्बंधित फर्म के विरुद्ध जांच ठंडी पड़ी है।
ज्ञात हो कि जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर ग्रामवासी व जनप्रतिनिधि भी मुखर होने लगे हैं। इसकी 8 नवंबर को पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम जटगा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में किया गया जिसमें पाली ब्लॉक के 19 ग्राम पंचायतों में मेसर्स ज्योति इलेक्ट्रॉनिक्स कटघोरा के द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की शिकायत की गई थी । सरपंच माखनपुर एवं ग्रामीणों ने फर्म के द्वारा कराए जा रहे कार्यों को तकनीकी मापदंडों के विपरीत गुणवत्ताहीन ,स्तरहीन बताते हुए मामले में अंतर्विभागीय जांच समिति गठित कर 30 दिवस के भीतर जिम्मदारों का चिन्हांकन कर उचित कार्यवाही करने एवं जांच तक आगामी भुगतान राशि रोके जाने की मांग की है।
दर्जनों गांवों में है नल जल निर्माण कार्य आधा अधूरा

पंचायत प्रतिनिधियों ने शिविर में जो शिकायत की थी, उनमें पाली, कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के दर्जनों गांवों में योजना आधी-अधूरी छोड़ दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पाली ब्लाक के कोरबी, बतरा ,हाथीबाड़ी ,बम्हनीखुर्द ,बड़ेबांका, पोलमी ,चैतमा , चटुवाभौंना, पोड़ी, बनबांधा , पोटापानी,बगधरीडांड ,कुटेलामुंडा ,डोंगानाला ,ईरफ ,मुनगाडीह, शिवपुर, कांजीपानी ,बम्हनीकोना सहित कई अन्य ग्राम पंचायतों में आज तक योजना पूरी नहीं हो पायी और अधिकारी ठेकेदार कागजों में योजना को सफल बता रहे हैं। इसी तरह कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के कई पंचायतों में अधूरा निर्माण के साथ गुणवत्ताहीन निर्माण का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
नियमानुसार नहीं हो रहा निर्माण कार्य
जन समस्या निवारण शिविर में कई पंचायतों के प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर जो शिकायत की थी, उसके अनुसार नल जल योजना अंतर्गत शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु 90 एमएम पाइप लगाए गए हैं वह भी जमीन से महज एक से डेढ़ फीट एवं कई जगह ऊपर में ही बिछाया गया है जबकि नियम अनुसार जमीन से 3 फीट गहरा पाइप बिछाया जाना है । साथ ही पाइप बिछाने के पहले और बाद में रेत डालने का नियम है लेकिन रेत नहीं डाली गयी है । ऐसे ही कंक्रीट से बने सीसी रोड को जेसीबी मशीन से खोदकर मिट्टी से पाट दिया गया है। जो वर्षा के बाद मिट्टी से दबकर गड्ढे हो गए हैं इससे ग्रामीणों को आवागमन करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । इन गड्ढों में दो पहिया वाहन चालक एवं राहगीर आए दिन गिर कर चोटिल हो रहे हैं । यहां पिछले दो साल से आधा अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया है, इससे घर में गली में बने चबूतरा नल के लिए बनाया गया केसिंग पाइप और नल की टोटी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसी प्रकार गली के पाइप से घर के नल चैंबर तक लगने वाली पाइप को भी जमीन के ऊपर 5 से 6 इंच में ही लगाया गया जबकि नियम 1 फीट गहरे में लगाने की है । इसे कभी भी भारी वाहन उसके ऊपर से गुजरने पर पाइप दबाकर क्षतिग्रस्त होने की आशंका है, जिससे कभी भी जल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
घर में बनाए गए नल चबूतरा निर्माण करने में महज एक से डेढ़ बोरी सीमेंट से बेस तैयार किया गया है जबकि नियमानुसार ढाई बोरी सीमेंट का उपयोग किया जाना है उक्त महत्वाकांक्षी योजना में जमकर गुणवत्ताविहीन कार्य कर गोलमाल किया जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार की नल जल जैसी महती योजना को अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदार के द्वारा धूमिल किया जा रहा है जांच उपरांत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कटघोरा एसडीओ, सब इंजीनियर एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की जुगलबंदी से भ्रष्टाचार का यह खेल खेला जा रहा है।
कटघोरा क्षेत्र में शासन प्रशासन के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां: लाल ईंटों का हो रहा उपयोग
जल जीवन मिशन एवं नल जल योजना के तहत कटघोरा अनुविभाग में कई जगह पानी टंकी का निर्माण कराया गया है। यहां पदस्थ एसडीओ के दिशा निर्देशों के अनुसार ठेकेदार शासन एवं प्रशासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहा है। एनजीटी के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। सुतर्रा-पसान-जटगा रोड में कई जगह पानी टंकी की सुरक्षा के लिए दीवार बनायी गई है। इन दीवारों के निर्माण में लाल ईंटों का उपयोग किया गया है। प्रशासन ने पहुंच विहिन स्थल पर लाल ईंट में निर्माण के लिए कुछ छूट दी है, लेकिन पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के मुख्य मार्गों में भी जमकर लाल र्इंट का उपयोग किया गया है।
बनने से पूर्व ही मादन में बनी टंकी क्षतिग्रस्त
कलेक्टर एवं पीएचई के कार्यपालन अभियंता के कड़े निर्देशों के बाद भी कटघोरा एसडीओ एवं कटघोरा अनुविभाग में पदस्थ अधिकारियों की मनमानी कार्यशैली से ठेकेदार के हौसले बुलंद है। कटघोरा, पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में जल जीवन मिशन का क्या हाल है, यह मादन में निर्माणाधीन टंकी के हाल से पता चल सकता है। डेढ़ वर्ष पूर्व मादन में जल जीवन मिशन की पानी टंकी बनायी गई थी, जो अब तक अधूरी है और निर्माण से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो रही है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा पानी टंकी का निर्माण गुणवत्ताहीन कराया गया है, यह अभी निर्माणाधीन है फिर भी क्षतिग्रस्त हो रही है। ठेकेदार ने आधा अधूरा काम को पूरा किये बिना ही गायब हो गया है और डेढ़ साल से यहां काम बंद है। सीढ़ी का निर्माण भी नहीं कराया गया है।
इस तरह के कई कार्य अवलोकन करने पर पता चल जाएगा कि कटघोरा, पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में नल जल योजना का किस तरह ठेकेदार और अधिकारी बंटाधार करने में लगे हुए हैं।
कागजों में मिल रहा घरों में शुद्ध पेयजल
जनपद पंचायत पाली के क्षेत्र क्रमांक 14 के जनपद सदस्य योगलक्ष्मी अनिल मरावी ने कहा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल कागजों में मिल रहा है। मोदी की गारंटी नल जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मेरे क्षेत्र में विगत दो वर्षों से नल जल योजना का काम आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और अधिकारी एवं ठेकेदारों ने निर्माण कार्य को लटका दिया है। यह सब भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए किया गया है और ग्रामीणों को बेवकूफ समझकर उनकी योजना को भ्रष्टाचार का जरिया बना लिया गया है लेकिन ग्रामीण अब जागरूक हो गए हैं। योग लक्ष्मी ने कहा गली मोहल्ले को खोदकर तहस-नस कर दिया गया है जिसका खामियाजा ग्रामीण जनताओं को भुगतना पड़ रहा है। ठेकेदार से विभागीय सांठगांठ है। इसका एक ही विकल्प हैं पीएचई कार्यालय का घेराव करेंगे।
नल-जल ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर विफल
जनपद पंचायत पाली क्षेत्र क्रमांक 13 के जनपद सदस्य राजकुमार कंवर ने कहा पानी की समस्या को देखते हुए नल जल योजना को ड्रीम प्रोजेक्ट बनाया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी मिल सके लेकिन धरातल पर नल जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। हर घर नल-हर घर जल धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सका है। जनपद सदस्यों के साथ चर्चा कर आधा अधूरा निर्माण कार्यों की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कार्य एजेंसी ठेकेदार को कई बार निर्माण कार्य में सुधार के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों की सांठ गांठ से ठेकेदार निरंकुश दिखे।
जांच एवं ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग
पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के ग्राम जटगा में कुछ दिन पूर्व जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कई पंचायत के प्रतिनिधियों ने आवेदन देकर शिकायत की थी और कटघोरा स्थित ज्योति इलेक्ट्रानिक्स के संचालक द्वारा 19 ग्राम पंचायतों में नल जलयोजना का काम कराया है, जो पूरी तरह से गुणवत्ताहीन है। पंचायत प्रतिनिधियों ने उक्त कार्य एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए 15 दिवस का अल्टीमेटम दिया था। आवेदन एवं शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों ने पीएचई कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है।
