Connect with us

कोरबा

कटघोरा के ठेकेदार एवं अनुविभाग कटघोरा में पदस्थ अधिकारियों की सांठगांठ से कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा ब्लाक में जल जीवन मिशन का बंटाधार

Published

on


कई ग्रामों में कागजों में योजना, जनप्रतिनिधियों में आक्रोश:शिविर में की शिकायत, कार्रवाई नहीं तो पीएचई आफिस के घेराव का ऐलान
पाली/कटघोरा/पोड़ी-उपरोड़ा ।

जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत कार्यों में ठेकेदार एवं अधिकारियों की जुगलबंदी से तकनीकी मापदंडों, गुणवत्ता को दरकिनार कर मनमाने ढंग से कराए जा रहे कार्यों को लेकर लिखित शिकायतों के बाद भी जिले में सम्बंधित फर्म के विरुद्ध जांच ठंडी पड़ी है।
ज्ञात हो कि जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर ग्रामवासी व जनप्रतिनिधि भी मुखर होने लगे हैं। इसकी 8 नवंबर को पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम जटगा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में किया गया जिसमें पाली ब्लॉक के 19 ग्राम पंचायतों में मेसर्स ज्योति इलेक्ट्रॉनिक्स कटघोरा के द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की शिकायत की गई थी । सरपंच माखनपुर एवं ग्रामीणों ने फर्म के द्वारा कराए जा रहे कार्यों को तकनीकी मापदंडों के विपरीत गुणवत्ताहीन ,स्तरहीन बताते हुए मामले में अंतर्विभागीय जांच समिति गठित कर 30 दिवस के भीतर जिम्मदारों का चिन्हांकन कर उचित कार्यवाही करने एवं जांच तक आगामी भुगतान राशि रोके जाने की मांग की है।
दर्जनों गांवों में है नल जल निर्माण कार्य आधा अधूरा


पंचायत प्रतिनिधियों ने शिविर में जो शिकायत की थी, उनमें पाली, कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के दर्जनों गांवों में योजना आधी-अधूरी छोड़ दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पाली ब्लाक के कोरबी, बतरा ,हाथीबाड़ी ,बम्हनीखुर्द ,बड़ेबांका, पोलमी ,चैतमा , चटुवाभौंना, पोड़ी, बनबांधा , पोटापानी,बगधरीडांड ,कुटेलामुंडा ,डोंगानाला ,ईरफ ,मुनगाडीह, शिवपुर, कांजीपानी ,बम्हनीकोना सहित कई अन्य ग्राम पंचायतों में आज तक योजना पूरी नहीं हो पायी और अधिकारी ठेकेदार कागजों में योजना को सफल बता रहे हैं। इसी तरह कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के कई पंचायतों में अधूरा निर्माण के साथ गुणवत्ताहीन निर्माण का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।

नियमानुसार नहीं हो रहा निर्माण कार्य


जन समस्या निवारण शिविर में कई पंचायतों के प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर जो शिकायत की थी, उसके अनुसार नल जल योजना अंतर्गत शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु 90 एमएम पाइप लगाए गए हैं वह भी जमीन से महज एक से डेढ़ फीट एवं कई जगह ऊपर में ही बिछाया गया है जबकि नियम अनुसार जमीन से 3 फीट गहरा पाइप बिछाया जाना है । साथ ही पाइप बिछाने के पहले और बाद में रेत डालने का नियम है लेकिन रेत नहीं डाली गयी है । ऐसे ही कंक्रीट से बने सीसी रोड को जेसीबी मशीन से खोदकर मिट्टी से पाट दिया गया है। जो वर्षा के बाद मिट्टी से दबकर गड्ढे हो गए हैं इससे ग्रामीणों को आवागमन करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । इन गड्ढों में दो पहिया वाहन चालक एवं राहगीर आए दिन गिर कर चोटिल हो रहे हैं । यहां पिछले दो साल से आधा अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया है, इससे घर में गली में बने चबूतरा नल के लिए बनाया गया केसिंग पाइप और नल की टोटी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसी प्रकार गली के पाइप से घर के नल चैंबर तक लगने वाली पाइप को भी जमीन के ऊपर 5 से 6 इंच में ही लगाया गया जबकि नियम 1 फीट गहरे में लगाने की है । इसे कभी भी भारी वाहन उसके ऊपर से गुजरने पर पाइप दबाकर क्षतिग्रस्त होने की आशंका है, जिससे कभी भी जल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
घर में बनाए गए नल चबूतरा निर्माण करने में महज एक से डेढ़ बोरी सीमेंट से बेस तैयार किया गया है जबकि नियमानुसार ढाई बोरी सीमेंट का उपयोग किया जाना है उक्त महत्वाकांक्षी योजना में जमकर गुणवत्ताविहीन कार्य कर गोलमाल किया जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार की नल जल जैसी महती योजना को अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदार के द्वारा धूमिल किया जा रहा है जांच उपरांत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कटघोरा एसडीओ, सब इंजीनियर एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की जुगलबंदी से भ्रष्टाचार का यह खेल खेला जा रहा है।

कटघोरा क्षेत्र में शासन प्रशासन के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां: लाल ईंटों का हो रहा उपयोग


जल जीवन मिशन एवं नल जल योजना के तहत कटघोरा अनुविभाग में कई जगह पानी टंकी का निर्माण कराया गया है। यहां पदस्थ एसडीओ के दिशा निर्देशों के अनुसार ठेकेदार शासन एवं प्रशासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहा है। एनजीटी के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। सुतर्रा-पसान-जटगा रोड में कई जगह पानी टंकी की सुरक्षा के लिए दीवार बनायी गई है। इन दीवारों के निर्माण में लाल ईंटों का उपयोग किया गया है। प्रशासन ने पहुंच विहिन स्थल पर लाल ईंट में निर्माण के लिए कुछ छूट दी है, लेकिन पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के मुख्य मार्गों में भी जमकर लाल र्इंट का उपयोग किया गया है।
बनने से पूर्व ही मादन में बनी टंकी क्षतिग्रस्त


कलेक्टर एवं पीएचई के कार्यपालन अभियंता के कड़े निर्देशों के बाद भी कटघोरा एसडीओ एवं कटघोरा अनुविभाग में पदस्थ अधिकारियों की मनमानी कार्यशैली से ठेकेदार के हौसले बुलंद है। कटघोरा, पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में जल जीवन मिशन का क्या हाल है, यह मादन में निर्माणाधीन टंकी के हाल से पता चल सकता है। डेढ़ वर्ष पूर्व मादन में जल जीवन मिशन की पानी टंकी बनायी गई थी, जो अब तक अधूरी है और निर्माण से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो रही है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा पानी टंकी का निर्माण गुणवत्ताहीन कराया गया है, यह अभी निर्माणाधीन है फिर भी क्षतिग्रस्त हो रही है। ठेकेदार ने आधा अधूरा काम को पूरा किये बिना ही गायब हो गया है और डेढ़ साल से यहां काम बंद है। सीढ़ी का निर्माण भी नहीं कराया गया है।
इस तरह के कई कार्य अवलोकन करने पर पता चल जाएगा कि कटघोरा, पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में नल जल योजना का किस तरह ठेकेदार और अधिकारी बंटाधार करने में लगे हुए हैं।
कागजों में मिल रहा घरों में शुद्ध पेयजल


जनपद पंचायत पाली के क्षेत्र क्रमांक 14 के जनपद सदस्य योगलक्ष्मी अनिल मरावी ने कहा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल कागजों में मिल रहा है। मोदी की गारंटी नल जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मेरे क्षेत्र में विगत दो वर्षों से नल जल योजना का काम आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और अधिकारी एवं ठेकेदारों ने निर्माण कार्य को लटका दिया है। यह सब भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए किया गया है और ग्रामीणों को बेवकूफ समझकर उनकी योजना को भ्रष्टाचार का जरिया बना लिया गया है लेकिन ग्रामीण अब जागरूक हो गए हैं। योग लक्ष्मी ने कहा गली मोहल्ले को खोदकर तहस-नस कर दिया गया है जिसका खामियाजा ग्रामीण जनताओं को भुगतना पड़ रहा है। ठेकेदार से विभागीय सांठगांठ है। इसका एक ही विकल्प हैं पीएचई कार्यालय का घेराव करेंगे।
नल-जल ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर विफल


जनपद पंचायत पाली क्षेत्र क्रमांक 13 के जनपद सदस्य राजकुमार कंवर ने कहा पानी की समस्या को देखते हुए नल जल योजना को ड्रीम प्रोजेक्ट बनाया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी मिल सके लेकिन धरातल पर नल जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। हर घर नल-हर घर जल धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सका है। जनपद सदस्यों के साथ चर्चा कर आधा अधूरा निर्माण कार्यों की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कार्य एजेंसी ठेकेदार को कई बार निर्माण कार्य में सुधार के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों की सांठ गांठ से ठेकेदार निरंकुश दिखे।

जांच एवं ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग
पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के ग्राम जटगा में कुछ दिन पूर्व जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कई पंचायत के प्रतिनिधियों ने आवेदन देकर शिकायत की थी और कटघोरा स्थित ज्योति इलेक्ट्रानिक्स के संचालक द्वारा 19 ग्राम पंचायतों में नल जलयोजना का काम कराया है, जो पूरी तरह से गुणवत्ताहीन है। पंचायत प्रतिनिधियों ने उक्त कार्य एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए 15 दिवस का अल्टीमेटम दिया था। आवेदन एवं शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों ने पीएचई कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बुंदेली में ई-कचरा न फैलाने विद्यार्थियों ने ली शपथ

Published

on

ई-कचरा प्रबंधन दिवस पर हुई कई गतिविधियां, निकाली जागरूकता रैली
कोरबा। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के निर्देशानुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बुंदेली में ई-कचरा प्रबंधन दिवस बहुत ही उत्साहपूर्वक मनाया गया।
बच्चों को ई-कचरा क्या होता है, यह क्यों खतरनाक है और इसका निपटारण कैसे किया जाना चाहिए, इस बारे में विस्तार से बताया गया। स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को खराब मोबाइल, चार्जर, बैटरी, की-बोर्ड, माउस, एलईडी बल्ब, टूटी हुई पेन ड्राइव आदि को दिखाया गया और समझाया गया कि इन्हें सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए।
विद्यालय में कराई गई प्रमुख गतिविधियाँ
पोस्टर, बैनर एवं स्लोगन निर्माण

कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों ने सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन में बहुत ही आकर्षक पोस्टर और बैनर तैयार किए। बच्चों ने अपने हाथों से नारे लिखे –

  • ई-कचरा मत फैलाओ, धरती को स्वच्छ बनाओ
  • मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी
  • ई-वेस्ट को करो मैनेज, सुरक्षित होगा फ्यूचर हमारा
    इन पोस्टरों को विद्यालय की दीवारों पर प्रदर्शित किया गया।
    जागरूकता रैली
    विद्यालयीन गतिविधियों के पश्चात बच्चों ने हाथों में पोस्टर, बैनर और स्लोगन की तख्तियां लेकर शाला परिसर एवं ग्राम धनरास में जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान बच्चों ने ‘ई-कचरा हटाओ – पर्यावरण बचाओÓ के नारे लगाए और ग्रामीणों को भी ई-कचरा घर में न रखने की अपील की।
    ई-कचरा संग्रहण अभियान (मुख्य आकर्षण)
    इस दिवस की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि यह रही कि इससे एक दिन पूर्व ही सभी बच्चों को अपने-अपने घरों से एक अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक वस्तु लाने को कहा गया था।
    निर्देशानुसार प्रत्येक बच्चों ने अपने घर से एक-एक ई-कचरा लाया – जैसे किसी ने पुरानी बैटरी, किसी ने टूटा चार्जर, किसी ने खराब ईयरफोन, किसी ने सेल, किसी ने छोटा बल्ब लाया।
    विद्यालय में विशेष रूप से काले रंग का डस्टबिन शिक्षिकाओं के द्वारा बनाया गया था, जो ई-कचरे के लिए निर्धारित था। सभी बच्चों ने कतारबद्ध होकर अपनी लाई हुई सामग्री को उसी काले डस्टबिन में डाला। बच्चों को बताया गया कि इस एकत्रित कचरे को विकासखंड स्तर पर अधिकृत रीसाइक्लिंग एजेंसी के माध्यम से उचित वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा, ताकि यह मिट्टी और पानी को प्रदूषित न कर सके।
    इस प्रकार की गतिविधियां केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दे गई।
    अंत में सभी बच्चों ने ई-कचरा न फैलाने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक सम्मेेलाल यादव, शिवनंदन लाल राजवाड़े CAC संकुल केंद्र बुंदेली, श्रीमती रेशमा ठाकुर, श्रीमती दिव्या साहू, श्रीमती प्रभा साहू, दीपक मिश्रा, श्रीमती चंद्रिका साहू आदि उपस्थित थे।

Continue Reading

कोरबा

SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे कांग्रेस नेता अजय जायसवाल की अगुवाई मे हुई मीटिंग मे SECL प्रबंधन द्वारा PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत कर्मचारियों के विभिन्न मांगो को जल्द पूरा करने पर बनी सहमति

Published

on

कोरबा। SECL गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा वेतन, बोनस, दो माह से लंबित वेतन, भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता सहित अन्य मांगो को लेकर 27/10/2026 को खदान मे 6 घंटे काम ठप कर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा अजय जायसवाल के नेतृत्व मे आंदोलन किया गया था।

SECL प्रबंधन के द्वारा 29/10/2026 को SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे 12 बजे मीटिंग आहूत की गयी थी जिसमे आज अजय जायसवाल सहित भू विस्थापित श्रमिक गेवरा CGM कार्यालय पहुंचे जहाँ मुख्य महाप्रबंधक के अनुपस्थित होने पर प्रबंधन के द्वारा मीटिंग करने की बात कही गयी, जिसको लेकर अजय जायसवाल के द्वारा अपमान बताकर मुख्य महप्रबंधक के उपस्थिति मे मीटिंग करने को लेकर वही गेट मे श्रमिकों के साथ धरने पर बैठ गए और महाप्रबंधक का इंतजार करने लगे। आनन फानन मे महाप्रबंधक को कार्यालय आने पर मजबूर होना पड़ा, तत्पश्चात 1 घंटा बाद महाप्रबंधक के आने तक गेट जाम रखा गया फिर महाप्रबंधक के आने पर मीटिंग मे शामिल हुए।

प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे जहाँ हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, कंपनी के द्वारा भू विस्थापितो के ऊपर किये जा रहे शोषण, दो माह से लंबित वेतन, सुरक्षा, आई कार्ड पेमेंट स्लिप भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय लोगो को प्राथमिकता सहित अन्य मुद्दों पर बात हुई जिसमे SECL गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार को अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा के द्वारा उक्त सभी समस्याओ का कड़ाई से पालन करने और भू विस्थापित श्रमिकों के वेतन विसंगती सहित श्रमिकों के ऊपर हो रहे शोषण की पुनरावृति होने पर दोबारा खदान बंद करा आंदोलन करने की चेतावनी दी। तत्पश्चात मुख्य महाप्रबंधक गेवरा द्वारा भू विस्थापित श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, पेमेंट स्लिप प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण प्रदान करने दिवाली से पहले सभी कर्मचारियों को बोनस प्रदान करने और भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय भू विस्थापित को पहली प्राथमिकता देने पर सहमति बनी उक्त मीटिंग मे मधु सूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, शेत मसीह, सांसद प्रतिनिधि, कमलेश प्रजापति, गोविंदा सारथी,विक्की राज,अनिल कुमार, संतोष यादव, सुजीत महंत, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत सहित कंपनी मे कार्यरत कर्मचारी काफ़ी संख्या मे उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

एसईसीएल में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ आयोजित, प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का सम्मान

Published

on

मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर दिया जोर

बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 31 अक्टूबर 2026 केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत एसईसीएल में 26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आज एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि (Probity for Prosperity)’ निर्धारित की गई है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. निखिल कुमार कनोडिया (भा.पु.से.), पुलिस महानिरीक्षक एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी संचालन) रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक (तकनीकी योजना/परियोजना) नृपेंद्र नाथ सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा एसईसीएल के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली एवं डिजिटल निगरानी व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात अतिथियों ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह (VAW) गैलरी का अवलोकन किया, जहां सतर्कता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पहलों, जागरूकता अभियानों एवं गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया था। इसके बाद ‘एक पेड़ सतर्कता के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। तत्पश्चात ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया गया।

मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों एवं विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों का पौधा, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने अपने संबोधन में संस्थानों में सुशासन के लिए सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण को आवश्यक बताया। उन्होंने अपने दीर्घ प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों में ईमानदारी एवं निष्पक्षता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनमें प्रारंभ से ही ईमानदारी, नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करना आवश्यक है।

निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न वर्गों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, एसईसीएल कर्मचारियों के लिए वाद-विवाद, निबंध, स्लोगन, कविता, प्रश्नोत्तरी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में एसईसीएल सतर्कता विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ एवं ‘हैंडबुक ऑन सिस्टमैटिक इम्प्रूवमेंट मेजर्स (Handbook on Systemic Improvement Measures)’ का विमोचन किया गया। इन प्रकाशनों में संगठन की गतिविधियों एवं प्रणालीगत सुधार के उपायों को संकलित किया गया है।

समारोह के दौरान संगीत समूह एवं ओडिशी नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मंच संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज पाणी पांडेय द्वारा एवं अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) संजय प्रसाद दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इसके साथ ही एसईसीएल से सेवानिवृत्त पांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें देवेंद्र प्रसाद (महाप्रबंधक, उत्खनन) , श्रीमती प्रवीणा गांधी (प्रबंधक, मानव संसाधन कर्मचारी स्थापना विभाग), असीम जूलियस (सब स्टेशन अटेंडेंट, बसंत विहार), श्रीमती सुपर्णा दासगुप्ता (सीनियर डीईओ, बसंत विहार स्वास्थ्य केंद्र), प्रवीण कुमार दीक्षित (वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक, गुणवत्ता नियंत्रण विभाग) एवं शामिल रहे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677