बांकीमोंगरा :– प्रार्थी पीड़िता लड़की ने जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराया कि बीते दिनांक 08/01/26 देर रात तरुण श्रीवास नामक युवक ने मुझे गजरा स्थित SECL के क्वार्टर में लेकर गया और जबरन संबंध बनाया फिर कुछ देर बाद युवक के कुछ दोस्त भी वहां पहुंचे और सभी ने शराब का सेवन किया फिर उस युवक के साथियों ने भी युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
युवती के मना करने और नाराजगी दिखाने पर युवकों ने पीड़िता के मोबाइल छीनी और पटक के तोड़ दिया और टूटे हुए मोबाइल को वही दरवाजे के बाहर आंगन में फेक दिया और मारपीट करने लगे।
युवती किसी तरह पीड़िता वहां से देर रात भोर भोर में बीते दिनांक दिनांक 9 जनवरी को अपने निवास स्थान के पास पहुंची और अपने घर जाने से पहले वह साईं मोहल्ला तरुण श्रीवास के घर गई और तरुण के बारे में पूछने लगी। तरुण के घरवालों ने बताया कि वो कहा है पता नहीं जिसके बाद पीड़िता अपने घर जहां ये किराए के मकान में रहती है वहां पहुंची और अपनी मकान मालकिन को सारी घटने की जानकारी दी जिसके बाद सुबह सुबह लगभग 6 और 7 बजे के बीच थाना बाँकी मोगरा पहुंच अपने साथ हुए घटना के बारे में शिकायत दर्ज कराना चाही पर उस वक्त पीड़िता को 11 बजे आना कह भेज दिया गया जिसके बाद पीड़िता ने अपनी शिकायत लेकर जिला पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची और बताया कि तरुण श्रीवास और उसके अन्य 4 साथियों ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और मारपीट किया है जिसके बाद घटना को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता लड़की को उपचार के लिए चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल कोरबा में भेजा गया।
चुकी घटना बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का था पर आनन फानन में वहीं सिविल लाइन थाने में इस मामले का प्रकरण जीरो में दर्ज कर संबंधित थाना बांकीमोंगरा में भेजा गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत जांच के आदेश देते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
👇👇
जिसके बाद पुलिस विभाग हरकत में आ गये और मामले का संज्ञान लेते हुए जांच प्रारंभ कर युवकों की पतासाजी शुरू कर दी जिसमें से दो युवक को हिरासत में ले लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निगरानी में पीड़िता के शिकायत पर थाना बाकी मोगरा पुलिस ने दो अलग अलग अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय को भेज दिया जहां से दोनों को जेल दाखिल करा दिया गया।
👇👇अपराध क्रमांक 5/26
धारा 70, 123, 87, 351 (2), 324 (4) बी एन एस
1 आरोपी – तरुण श्रीवास (मुख्य आरोपी) उम्र 19 वर्ष पिता बेदी श्रीवास साईं मोहल्ला के नीचे
2 आरोपी – भुवन साहू उम्र 27 वर्ष पिता रामप्रसाद साहू
👇👇अपराध क्रमांक 5/26
धारा 376 आई पी सी, 4 POCSO एक्ट
1 आरोपी – तरुण श्रीवास (मुख्य आरोपी) उम्र 19 वर्ष पिता बेदी श्रीवास
👇👇
• फरार आरोपियों में से एक का नाम गनपत दास बताया जा रहा है जो मुख्य आरोपी का साथी है।
• फरार आरोपियों में से चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते है जो इस घटना में संलिप्त थे।
• मुख्य आरोपी तरुण श्रीवास और प्रार्थी पीड़िता लड़की नाबालिक के श्रेणी में है, दोनों पिछले 1 वर्ष से एक दूसरे से परिचित और संपर्क में थे।
• 2 आरोपी भुवन साहू – डायल 112 बांकि मोगरा क्षेत्र के वाहन का चालक के रूप में तैनात है।
• 2 आरोपी भुवन साहू के बताए अनुसार उसने शराब पी और नशे की हालत में ही सो गया उसके बाद वहां क्या हुआ उसके बारे में उसको कुछ नहीं पता।
• घटना स्थल गजरा स्थित SECL के क्वाटर की है जो इन युवकों के कब्जे में था और आए दिन वहां इन युवकों द्वारा शराबखोरी और पार्टियां मनाई जाती थी।
• पुलिस ने घटनास्थल से पीड़ित लड़की का टूटा हुआ मोबाइल और अन्य साक्ष्य जप्त किए है।
• पीड़ित प्रार्थिया के अनुसार दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले कुल 5 आरोपी शामिल थे।
• गिरफ्तार हुए आरोपियों के मोबाइल के काल डिटेल के आधार पर घटना वाली रात संपर्क किए गए लोगों को भी थाना बुलाकर पूछताछ कर सभी का बयान दर्ज किया गया।
बांकी मोगरा क्षेत्र में इस तरह के गंभीर वारदात के खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है, वही बांकी पुलिस को घटना स्थल में मिले साक्ष्य और पीड़ित प्रार्थी के बयान अनुसार फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही डायल एक सौ बारह जैसे आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहन चालक की संलिप्तता के खबर सामने आने के बाद मामला संवेदनशील हो गया, प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है साथ ही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।।
नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी
कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह
समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी
कोरबा 05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।” पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है। सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है। इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।