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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

दीपावली और छठ महापर्व पर सोनी विकास झा एवं विकास झा ने दी शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश

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बांकीमोंगरा। दीपों के महापर्व दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा ने क्षेत्रवासियों सहित समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली खुशियों, नई उम्मीदों और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। यह त्योहार हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने तथा आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ समाज को मजबूत बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि मां लक्ष्मी की कृपा से प्रत्येक घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो तथा हर परिवार के जीवन में खुशियों का उजाला बना रहे।

वहीं विकास झा ने कहा कि छठ महापर्व छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सांस्कृतिक एकता और लोकआस्था का प्रतीक है। सूर्यदेव एवं छठी मैया की आराधना से जुड़ा यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, अनुशासन, त्याग, समर्पण और स्वच्छता का संदेश देता है। उन्होंने छठ व्रतियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सभी के सुखद, मंगलमय एवं सफल जीवन की कामना की।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने अपने संदेश में कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब हम समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खुशियां साझा करें। जरूरतमंदों की सहायता करें और आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम एवं सद्भाव के साथ पर्व मनाएं।

उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए सुरक्षित एवं स्वच्छ दीपावली मनाने तथा छठ महापर्व के दौरान स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखने की अपील की।

अंत में श्रीमती सोनी विकास झा एवं विकास झा ने कहा कि दीपों की रोशनी हर जीवन से निराशा का अंधकार मिटाए और छठी मैया के आशीर्वाद से हर परिवार में आरोग्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली आए।

दोनों ने पुनः समस्त बांकीमोंगरा नगरवासियों, क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को दीपावली और छठ महापर्व की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दीं।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

बांकीमोंगरा में विकास को मिली रफ्तार, कटाईनार से शुरू हुआ सड़कों के कायाकल्प का काम; 2027 से पहले स्थापित होगी छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा

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कोरबा/बांकीमोंगरा। लंबे समय से बदहाल सड़कों की समस्या से जूझ रहे बांकीमोंगरा नगरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नगर पालिका परिषद ने सड़क सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए डामरीकरण कार्यों की शुरुआत कर दी है। कटाईनार के वार्ड क्रमांक 13 और 14 में सड़क डामरीकरण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों का शुभारंभ किया। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष ने घोषणा की कि आगामी 1 नवंबर 2027 से पहले नगर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

कटाईनार से शुरुआत, दूसरे वार्डों की सड़कों की भी बदलेगी तस्वीर

नगर के कई वार्डों और कॉलोनियों में सड़कें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं। खराब सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए प्रथम चरण में कटाईनार के वार्ड 13 एवं 14 में डामरीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर अन्य वार्डों की खराब सड़कों को भी दुरुस्त करने की योजना है।

भूमिपूजन कार्यक्रम में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा, पार्षद अश्वनी मिश्रा, पार्षद श्रीमती रम्भा हेम सिंह कंवर, एल्डरमैन श्रीमती राखी अग्रवाल, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजयुमो छत्तीसगढ़ विकास झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की।

विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं हो : विधायक

इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। बांकीमोंगरा में लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या बनी हुई थी। डामरीकरण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

अन्य वार्डों में भी चरणबद्ध तरीके से होंगे काम : सोनी विकास झा

नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा ने कहा कि बांकीमोंगरा को विकास की दिशा में आगे ले जाना परिषद का संकल्प है। जिन वार्डों में सड़कें खराब हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर डामरीकरण कराया जाएगा। कटाईनार के वार्ड 13 और 14 से इसकी शुरुआत की गई है। आगे अन्य वार्डों में भी जरूरत के अनुसार सड़क सुधार के कार्य कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नगरवासियों को बेहतर सड़क, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना परिषद की प्राथमिकता है। इसके साथ ही आगामी राज्य स्थापना दिवस के अवसर को विशेष बनाने के लिए 1 नवंबर 2027 से पहले नगर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

सड़क की मजबूती बनाए रखने नागरिकों से सहयोग की अपील

पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजयुमो छत्तीसगढ़ विकास झा ने कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने वार्डवासियों से निर्माण कार्य में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क बनने के बाद कुछ दिनों तक उस पर पानी का छिड़काव या पानी का बहाव न होने दें, ताकि डामरीकरण की गुणवत्ता और मजबूती बनी रहे। उन्होंने कहा कि उद्देश्य सिर्फ सड़क बनवाना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाना भी है।

वार्डवासियों की पुरानी मांग हुई पूरी : पार्षद

पार्षद अश्वनी मिश्रा ने कहा कि वार्ड के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि जर्जर सड़कों का डामरीकरण कराया जाए। भूमिपूजन के साथ कार्य शुरू होना वार्डवासियों के लिए खुशी की बात है। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और सड़क की बदहाल स्थिति से राहत मिलेगी। उन्होंने वार्ड की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही।

2027 के राज्य स्थापना दिवस से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा में नगर पालिका अध्यक्ष सोनी विकास झा ने दोहराया कि 1 नवंबर 2027 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस से पहले नगर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस को भव्य और गरिमामय तरीके से मनाने की तैयारी भी की जाएगी।

भूमिपूजन कार्यक्रम में आसपास के जनप्रतिनिधि, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

यात्रियों की सुविधा पर विज्ञापन भारी! प्रतीक्षालय में चमका निजी दुकान का प्रचार

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बांकी मोंगरा के बुधवारी बाजार घुड़देवा टर्निंग का मामला, सार्वजनिक संपत्ति पर व्यावसायिक प्रचार को लेकर उठे सवाल

बांकी मोंगरा। सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्मित यात्री प्रतीक्षालय का इस्तेमाल यदि निजी कारोबार के प्रचार के लिए होने लगे, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक मामला नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा क्षेत्र के बुधवारी बाजार स्थित घुड़देवा टर्निंग के पास सामने आया है। यहां यात्रियों के बैठने और विश्राम के लिए बनाए गए प्रतीक्षालय में पहनावा रेडीमेड सेंटर का बड़ा विज्ञापन होर्डिंग लगाया गया है।

प्रतीक्षालय में लगे इस होर्डिंग को लेकर अब सार्वजनिक संपत्ति के व्यावसायिक उपयोग का मुद्दा चर्चा में है। जिस स्थान का निर्माण आम लोगों की सुविधा के लिए किया गया, वहां किसी निजी प्रतिष्ठान का प्रचार दिखाई देना कई सवाल खड़े कर रहा है।

सार्वजनिक जगह, निजी प्रचार का माध्यम!

यात्री प्रतीक्षालय नगर पालिका की ओर से नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली बुनियादी सुविधाओं का हिस्सा होते हैं। इनका उद्देश्य यात्रियों को बैठने, धूप और बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थान देना है। लेकिन बुधवारी बाजार के प्रतीक्षालय में निजी दुकान का विज्ञापन लगाए जाने से इसके उपयोग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

नगर पालिका से अनुमति ली या नहीं?

इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू होर्डिंग लगाने की अनुमति का है। क्या पहनावा रेडीमेड सेंटर संचालक ने नगर पालिका प्रशासन से इसकी अनुमति ली है? क्या सार्वजनिक प्रतीक्षालय पर विज्ञापन लगाने के एवज में कोई शुल्क निर्धारित किया गया है? यदि अनुमति मिली है, तो उसके नियम और शर्तें क्या हैं? इन सवालों पर प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे संज्ञान?

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालयों का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा इस मामले की जांच कर विज्ञापन की वैधता सामने लाती है या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सार्वजनिक परिसरों पर निजी प्रचार के लिए कोई नीति या अनुमति व्यवस्था लागू है अथवा नहीं। फिलहाल, यात्रियों की सुविधा के लिए बना प्रतीक्षालय निजी प्रतिष्ठान के प्रचार के कारण चर्चा में है।

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कौन है अधिकृत प्रतिनिधि? बांकीमोंगरा में पार्षद प्रतिनिधि की भूमिका पर उठे सवाल, राकेश-जगदीश के खिलाफ जांच की मांग,,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

कलेक्टर को सौंपे आवेदन में शासकीय कामकाज में कथित हस्तक्षेप और दबाव बनाने के आरोप, दस्तावेज व अन्य साक्ष्य संलग्न होने का दावा

बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में पार्षद प्रतिनिधि की भूमिका को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मामले में राकेश पटेल और जगदीश पटेल की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

विवाद की शुरुआत आखिर किस बात से हुई?

शिकायत में मुख्य सवाल यह उठाया गया है कि निर्वाचित पार्षद के प्रतिनिधि के तौर पर किस व्यक्ति को शासकीय स्तर पर कार्य करने का अधिकार है और उसकी सीमाएं क्या हैं?

आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि राकेश पटेल एवं जगदीश पटेल द्वारा स्वयं को पार्षद प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करते हुए नगर पालिका सहित अन्य मामलों में कथित रूप से हस्तक्षेप किया जा रहा है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आम लोगों से जुड़े कई मामलों में प्रभाव और दबाव का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ठेका, पेंशन से लेकर SECL L&R तक का जिक्र

कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ठेका, रोजगार, राशन कार्ड, पेंशन और SECL L&R से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन मामलों में लोगों के बीच प्रभाव बनाने और कथित रूप से दबाव डालने की कोशिश की गई।

यही नहीं, आवेदन में कथित अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

राजपत्र को बनाया आधार, प्रशासन से मांगी स्पष्टता

मामले में शिकायतकर्ताओं ने 6 अगस्त 2026 के छत्तीसगढ़ राजपत्र की प्रति सहित अन्य दस्तावेज संलग्न किए जाने की बात कही है। इसके अलावा फोटो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराने का भी दावा किया गया है।

अब पूरे मामले में प्रशासन के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि संबंधित व्यक्तियों की भूमिका वास्तव में क्या है और क्या उन्हें पार्षद प्रतिनिधि के रूप में शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है?

शिकायत के बाद बढ़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी

शिकायत की प्रतियां संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों को भी भेजी गई हैं। ऐसे में अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं।

यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित हस्तक्षेप पर प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ सकती है। वहीं, यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो प्रशासन द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना भी जरूरी होगा।

असली मुद्दा—प्रतिनिधि की सीमा क्या है?

यह विवाद केवल दो व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत तक सीमित नहीं है। इसका बड़ा सवाल यह है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि की भूमिका और अधिकारों की सीमा आखिर क्या है?

शासकीय कामकाज में कौन हस्तक्षेप कर सकता है, किसे फाइलों या प्रस्तावों पर अधिकार है और आम जनता से जुड़े मामलों में प्रतिनिधि की वैधानिक भूमिका कितनी है—इन सवालों पर प्रशासन की स्पष्टता इस विवाद को खत्म करने में अहम हो सकती है।

फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। राकेश पटेल, जगदीश पटेल अथवा संबंधित पार्षद का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना उचित होगा।

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