पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की उपस्थिति में कोरबा जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम
- स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद कर कांग्रेसजनों ने देश सेवा का लिया संकल्प
कोरबा।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 09 अगस्त‘क्रांति दिवस’ (भारत छोड़ो आंदोलन)के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, कोरबा में स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं के सम्मान में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा एवं विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं स्वतंत्रता आंदोलन के महान अमर शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

प्रमुख वक्ताओं के विचार:
- पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल:
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा—
“9 अगस्त 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक मोड़ था। देश की आजादी के लिए हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर योद्धाओं ने जो त्याग, तपस्या और बलिदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज का दिन उन अमर शहीदों को नमन करने और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य, अहिंसा और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का दिन है।”
- शहर जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर:
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण के महान संघर्षों से जुड़ा हुआ है। आज भी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से प्रतिबद्ध है।
- ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान:
अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी और उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था।
- पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद:
उन्होंने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों पर प्रकाश डालते हुए उन ऐतिहासिक परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया, जिनकी वजह से ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई और इस दिन को देश भर में क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
- पूर्व निगम सभापति श्यामसुंदर सोनी:
महान वीर सपूतों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि वे चाहते तो परिस्थितियों से समझौता कर अपने परिवारों के साथ सुखपूर्वक रह सकते थे, लेकिन उन्हें देशवासियों की गुलामी स्वीकार नहीं थी। आने वाली पीढ़ियों को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
- महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष (शहर) कुसुम द्विवेदी:
स्वतंत्रता आंदोलन में नारी शक्ति के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि असंख्य महिलाओं ने अपना घर-परिवार त्यागकर क्रांतिवीरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आजादी की लड़ाई लड़ी। उनके इसी अमूल्य बलिदान की बदौलत आज हम आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं।
- पूर्व शहर जिलाध्यक्ष सपना चौहान:
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने हमारे देश की अकूत संपदा को लूटा और किसानों, मजदूरों व महिलाओं पर अत्याचार किए। नागरिकों को नारकीय जीवन जीने पर मजबूर किया गया था। आज हम जिस आजादी का आनंद ले रहे हैं, वह हमारे वीर सपूतों के संघर्षों और बलिदानों का ही परिणाम है।
सभी मोर्चा, प्रकोष्ठों एवं संगठनों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और देश के निर्माण में सेनानियों की भूमिका पर विचार रखे। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष पालूराम साहू, ए.डी.जोशी, बसंतचंद्रा, मंडल अध्यक्ष जवाहर निर्मलकर, मनीष शर्मा, प्रदीप जायसवाल, पार्षद रवि सिंह चंदेल, सुखसागर निर्मलकर, सुभाष राठौर, नारायण लाल कुर्रे के साथ ही अर्चना उपाध्याय, रेखा त्रिपाठी, सुधीर जैन, मस्तूल सिंह कँवर,सांता मंडावे, एफ.डी. मानिकपुरी, रामगोपाल यादव, महेंद्र थवाईत, देवीदयाल तिवारी, रवि खूंटे, हिमांशु सिंह, गणेश दस महंत, पुष्पा पात्रे, ग्रेडिंन गैलियर, एहसान अली, चन्द्रकुमार पाण्डेय, निर्मल कुमार साहू, लीलूराम केवंत, पतंग कुमार केवट, पवन चौहान, जीवन चौहान, संजय कँवर, संजय पटेल, मुस्लिम खान, समसुद्दीन, हरनारायण राठोर, सुखनंदन सिंह सोनकर, ज्योतिदास दीवान, धनराज साह, कुंजबिहारी साहू, चालेस्वर सिंह, हरवेन्द्र सिंह, मनोज सिंह राठौर, संगीता श्रीवास, लक्ष्मी महंत, सुभद्रा सिंह सहित जिला कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल तथा विभिन्न मोर्चा, प्रकोष्ठों व विभागों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कांग्रेसजनों ने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और आपसी भाईचारे को बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
