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एक स्वर, एक भावना और राष्ट्रभक्ति का संदेश:  सरस्वती शिशु मंदिर दर्री में गूंजा ‘वंदे मातरम्’

विद्यार्थियों ने जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख  

कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर एच.टी.पी.पी. दर्री, कोरबा में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, रायपुर के तत्वावधान में सामूहिक “वंदे मातरम्” गायन कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्य-परिवार सहित उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री डॉ. अशोक शाक्य, चिकित्सक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर, जिला चिकित्सालय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रमेश चन्द्र पांडेय, पूर्व व्यवस्थापक, हसदेव शिक्षण समिति एवं पूर्व पार्षद, सी.एस.ई.बी. कॉलोनी, दर्री ने की। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में नरेश जायसवाल, प्रांत प्रमुख, वनांचल शिक्षा न्यास ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्य-परिवार और उपस्थित जनसमुदाय ने एक साथ राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया। सामूहिक गायन के दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना दिखाई दी तथा वातावरण “वंदे मातरम्” के स्वर से गूंज उठा।
 मुख्य अतिथि डॉ. अशोक शाक्य ने राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. रमेश चन्द्र पांडेय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा के साथ संस्कारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
 मुख्य वक्ता नरेश जायसवाल ने “वंदे मातरम्” के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
 कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों और जनसमुदाय में विशेष उत्साह देखने को मिला। सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत के गायन ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक और राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। विद्यालय परिसर में एकजुट होकर “वंदे मातरम्” का गायन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
 कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, मुख्य वक्ता सहित सभी अतिथियों और उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति की भावना और “वंदे मातरम्” के जयघोष के साथ हुआ।

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