प्रियंका गांधी बोलीं- सरकार को सिर्फ चुनाव प्रचार की चिंता, विजय बघेल बोले-भ्रम फैला रही कांग्रेस
दुर्ग,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से केरल की 2 मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस ने संसद भवन में प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी के साथ कई कांग्रेसी प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी ने हाथों में ‘ननों को रिहा करो, गुंडों को गिरफ्तार करो’ लिखा स्लोगन रखा था।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ननों के साथ बदसलूकी की, उनपर झूठा आरोप लगाया। प्रियंका ने कहा कि, राज्य सरकार को केवल चुनाव प्रचार की चिंता रहती है, जबकि वे अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

वहीं माकपा नेता वृंदा करात और CPI नेता एनी राजा ने भी बुधवार को दुर्ग जेल पहुंचकर दोनों ननों से मुलाकात की। इस दौरान वृंदा ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में गुंडाराज चल रहा है। बीजेपी सरकार ईसाई समुदाय को टारगेट कर रही है। पुलिस ने बजरंग दल के लोगों को फोन कर रेलवे स्टेशन में बेवजह हंगामा कराया। धर्मांतरण और मानव तस्करी के झूठे केस में फंसाया।
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि दोहरापन नहीं चलेगा विष्णु देव साय जी और विजय शर्मा जी!। भाजपा केरल के अध्यक्ष कह रहे हैं कि गिरफ्तार की गईं नन का धर्मांतरण से कोई लेना देना नहीं है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गिरफ्तार की गईं नन धर्मांतरण में लिप्त हैं। आप अपना मत स्पष्ट कीजिए। प्रदेश जानना चाहता है।
इन आरोपों पर दुर्ग से बीजेपी के सांसद विजय बघेल ने संसद में कहा कि क्या हम अपनी आदिवासी बेटियों की रक्षा नहीं करेंगे? कांग्रेस के जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों ने भ्रम फैलाया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग रेलवे स्टेशन में मानव तस्करी और धर्मांतरण कर दो नन द्वारा बस्तर की भोली-भाली आदिवासी बेटियों को आगरा ले जाया जा रहा था।
बघेल ने कहा कि दुर्ग जिले के जागरूक नागरिकों ने युवतियों को बचाया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करना चाह रही है। कानून अपना काम कर रहा है।
रायपुर से बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में लालच देकर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। दोनों नन केरल की रहने वाली हैं तो छत्तीसगढ़ में क्या कर रहीं थी। कांग्रेस साफ करे कि वे धर्मान्तरण के समर्थन में हैं या खिलाफ हैं।
वहीं बजरंग दल के प्रांत संयोजक ऋषि मिश्रा ने कहा कि दुर्ग में नन गिरफ्तारी मामले में सरकार लीपापोती की तो बजरंग प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगा। कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में चक्काजाम और छत्तीसगढ़ बंद कराएंगे।
दुर्ग जेल में बंद ननों से नेताओं ने की थी मुलाकात
बुधवार को माकपा नेता और सीपीआई नेता एनी राजा ने भी दुर्ग जेल में ननों से मुलाकात की थी।
मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ सांसद प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दुर्ग जेल पहुंचा था।
मिशनरी सिस्टर्स मिलने के लिए मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि मंडल दुर्ग जेल पहुंचा था।
मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ दुर्ग जेल जा रहे सांसद प्रतिनिधि मंडल को मिलने से पुलिस ने रोका था।
जेल में बंद कैथोलिक नन वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी पर कार्रवाई के खिलाफ 28 जुलाई को सांसदों ने प्रदर्शन किया था।
सरकार की दोहरी नीति नहीं चलेगी
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ और केरल भाजपा में विरोधाभास क्यों है? लड़कियां बालिग हैं, वे अपना फैसला खुद ले सकती हैं। केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि नन धर्म परिवर्तन में शामिल नहीं थीं। यह गिरफ्तारी गलत है।
दीपक बैज ने कहा कि केरल बीजेपी के मुताबिक ननों को गलत तरीके से फंसाया गया है। वह मानव तस्करी में शामिल नहीं थीं। छत्तीसगढ़ सरकार गलत है या केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। यह दोहरी नीति नहीं चलेगी।
कोर्ट में याचिका खारिज, जेल में रहेंगी नन
दुर्ग में केरल की दो ननों की गिरफ्तारी मामले में लोअर कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। सेशन कोर्ट के जज अनीश दुबे ने कहा हमें यह प्रकरण सुनने का अधिकार नहीं है। यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला था, जिसमें बिलासपुर NIA कोर्ट को सुनवाई का अधिकार है।
वहीं थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि, मानव तस्करी मामले में केंद्रीय एजेंसी को जानकारी दें। कोर्ट में अपील के बाद सुनवाई होगी, तब तक ननों को जेल में रखा जाएगा। वहीं अब ननों के वकील राजकुमार तिवारी NIA कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
29 जुलाई को सांसदों ने ननों से की थी मुलाकात
इससे पहले मंगलवार को सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दुर्ग जेल में कैथोलिक नन वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी से मुलाकात की। इस दौरान सांसद सप्तगिरि उल्का ने कहा कि सत्यता जानने के लिए आए थे। सिस्टर्स को झूठे केस में फंसाया गया।
वहीं माकपा नेता वृंदा करात ने कहा कि मुख्यमंत्री का काम लॉ एंड ऑर्डर का है, लेकिन धर्मांतरण और मानव तस्करी पर झूठ बोल रहे हैं। गरीब आदिवासी लड़के को पीटा गया, उसे पीटने वालों को जेल में डालना चाहिए था, लेकिन ननों को जेल में डाल दिया। एक नर्स और एक फार्मासिस्ट है। ये देश की आदिवासी महिलाओं की बेइज्जती है।
पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि सांसद प्रतिनिधिमंडल संसद सत्र छोड़कर मिलने आए थे, लेकिन मिलने से रोका गया। यह बीजेपी की अल्पसंख्यकों के खिलाफ रणनीति है। अल्पसंख्यकों को टारगेट करो, ताकि वह संख्या वोट को केंद्रीकरण किया जा सके। ननों को जबरन फंसाया गया है।
अब जानिए किस सांसद ने क्या क्या कहा ?
सांसद बेनी बेहनन ने कहा कि हमने जेल में बंद दोनों सिस्टर्स से विस्तार से चर्चा की। वे युवतियों को नौकरी के लिए आगरा, शहडोल और एक अन्य स्थान पर ले जा रही थीं, लेकिन गलतफहमी पैदाकर धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दबाव बनाया।
उन्होंने कहा कि यह सब पुलिस ने नहीं किया, बल्कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया है। क्या यही लॉ एंड ऑर्डर है। पुलिस के संरक्षण में बजरंग दल ने सब किया है। हम सब यह मुद्दा संसद में उठाने जा रहे हैं। सिस्टर्स के साथ बहुत गलत हुआ है। सरकार ने गलत कार्रवाई की है।
सांसद प्रतिनिधिमंडल बोला- केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही
जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही है। बिना वजह जेल भेजा जा रहा है। दोनों नन निर्दोष हैं और उनके साथ अन्याय हो रहा है। ये सरकार की गलत कार्रवाई है। बिना जांच के सिस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बता दें कि प्रतिनिधिमंडल में सांसद के. फ्रांसिस जॉर्ज, बेनी बेहनन, सप्तगिरी उल्का, एन. के. प्रेमचंद्रन, इंग्रिड मैकलोड, अनिल थॉमस के साथ कांग्रेस की महासचिव जरिता लैतफलॉन्ग और सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर शामिल थीं।
छत्तीसगढ़ में आदिवासियों महिलाओं की सार्वजनिक बदनामी हुई- वृंदा करात
माकपा वृंदा करात ने कहा कि क्रिश्चन के साथ बहुत गलत हो रहा है। देश की महिलाओं की बेइज्जती हुई है। दोनों ननों की सार्वजनिक बदनामी की गई है। कौन होते हैं, ये बजरंग दल वाले। इनको संविधान भी पता है।
यहां की भाजपा सरकार नौकरी नहीं दे पा रही है। आदिवासी युवतियों को नौकरी के लिए ले जाया जा रहा था। युवतियों का अधिकार है, कहीं भी जाकर नौकरी कर सकती हैं।
28 जुलाई को दिल्ली में संसद के बाहर सांसदों का प्रदर्शन
28 जुलाई को केरल की 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली में संसद के बाहर प्रदर्शन हुआ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा था कि छत्तीसगढ़ में 2 कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेज दिया गया। यह न्याय नहीं, बल्कि भाजपा-RSS का भीड़तंत्र है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाता है। ये बीजेपी के शासन में अल्पसंख्यकों का सिस्टेमैटिक उत्पीड़न है। हम चुप नहीं बैठेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। हम ननों की तत्काल रिहाई और इस अन्याय के लिए जवाबदेही की मांग करते हैं।
ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने सोमवार को प्रदर्शन किया।
सरकार ने मानव तस्करी का आरोप लगाकर जेल में डाला- केसी वेणुगोपाल
वहीं सोमवार को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि हमने ननों की हिरासत के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। वे केरल की रहने वाली हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में काम कर रही हैं। सरकार ने मानव तस्करी का आरोप लगाकर जेल में डाल दिया। धर्मांतरण का आरोप पूरी तरह से झूठ है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि ननों ने पुलिस को बताया कि हम उन्हें कानूनी तौर पर ले जा रहे हैं और हमारे पास उनके माता-पिता की अनुमति है, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं।
अल्पसंख्यकों को बदनाम किया जा रहा- प्रियंका गांधी
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था कि मैं 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुई घटना की निंदा करती हूं। ननों पर धर्मांतरण और मानव तस्करी के झूठे आरोप लगाए गए हैं। ये अल्पसंख्यक अधिकारों पर एक गंभीर हमला है।
प्रियंका गांधी ने कहा था कि यह केवल एक मामला नहीं है। भाजपा शासन में अल्पसंख्यकों को सिस्टेमैटिक रूप से परेशान और बदनाम किया जा रहा है। भीड़ द्वारा न्याय और सांप्रदायिक निशाना बनाने का हमारे लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। कानून का शासन कायम रहना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने किया प्रदर्शन।
कानून अपने हिसाब से काम करेगा- CM साय
CM विष्णुदेव साय ने कहा था कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय प्रदेश है, जहां सभी धर्म-समुदाय के लोग सद्भाव से रहते हैं। हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना बेहद दुर्भाग्यजनक है। प्रकरण कोर्ट में है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा।
साय ने कहा था कि नारायणपुर की तीन बेटियों को नर्सिंग की ट्रेनिंग दिलाने और जॉब दिलाने का वादा किया गया था। नारायणपुर के एक व्यक्ति ने दुर्ग स्टेशन पर दो ननों को सौंपा था। वह उन बेटियों को आगरा ले जा रही थी। इसमें प्रलोभन के माध्यम से ह्यूमन ट्रैफिकिंग कर मतांतरण किए जाने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में अभी जांच जारी है।
अब जानिए 25 जुलाई को क्या-क्या हुआ था ?
दरअसल, 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन में धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर जमकर बवाल हुआ। बजरंग दल ने 2 मिशनरी सिस्टर (नन) और एक युवक पर 3 आदिवासी युवतियों को UP के आगरा में काम दिलाने के बहाने बेचने ले जाने का आरोप लगाया।
बजरंग दल ने आरोप लगाया था कि दोनों मिशनरी सिस्टर्स नारायणपुर की कमलेश्वरी, ललिता और सुखमति को आगरा लेकर जा रहे थे, जिन्हें पकड़ा गया। बवाल के बाद दुर्ग GRP ने मानव तस्करी के आरोप में FIR दर्ज की। केरल की वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी को गिरफ्तार कर लिया।
ये तस्वीरें देखिए…
भिलाई थाना-3 के दुर्ग जीआरपी चौकी में बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे।
दुर्ग GRP चौकी में धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया।
नारायणपुर की इन 3 युवतियों को दुर्ग रेलवे स्टेशन से छुड़ाया गया है।
अब जानिए क्यों और कैसे हुई गिरफ्तारी ?
बजरंग दल की प्रदेश संयोजिका ज्योति शर्मा के मुताबिक शुक्रवार सुबह 8:30 बजे यानी 25 जुलाई को 2 मिशनरी सिस्टर और एक युवक 3 लड़कियों के साथ रेलवे स्टेशन में घूम रहे थे। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक लड़की को रोते हुए देखा। उसके साथ मौजूद युवक लड़की से कह रहा था कि तुम इतनी दूर आ गई हो, इसलिए तुम्हें जाना होगा।
ज्योति शर्मा के मुताबिक इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता युवक की बातचीत सुन रहे थे। ऐसे में उन्हें मिशनरी सिस्टर और युवक पर शक हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तीनों से पूछताछ की। पता चला कि मिशनरी सिस्टर और युवक तीनों लड़कियों को आगरा ले जा रहे थे।
मिशनरी सिस्टर और युवक के बीच बातचीत पर शक होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे के बीच तीनों लड़कियों, 2 ननों और उनके साथ एक युवक को जीआरपी ने पकड़ लिया और थाने ले आई और पूछताछ की।
