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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उद्धव-राज ठाकरे का मुंबई में प्रदर्शन:दिल्ली में भी AAP, स्टूडेंट यूनियन सड़क पर उतरे, CEC के खिलाफ 3 दिन में तीन प्रदर्शन

मुंबई/नई दिल्ली, एजेंसी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने जॉइंट प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। दोनों नेताओं ने मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर महानगरपालिका भवन तक मार्च निकाला।

उद्धव की शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की मनसे पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में हुए SIR को रद्द किया जाए। सरकार किसकी बनेगी, ये फैसला जनता को तय करना है, चुनाव आयोग को नहीं। वहीं उद्धव बोले कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी का हथियार हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश में पिछले तीन दिनों में दो शहरों में तीन बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। उसके अलावा अलग-अलग संगठन और पार्टियां भी विरोध मार्च निकाल चुकी हैं।

मुंबई प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें…

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे प्रदर्शन वाली जगह पहुंचे। उन्होंने मार्च निकाला।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस मार्च में हजारों की भीड़ शामिल हुई।

उद्धव और राज ठाकरे के साथ हजारों समर्थकों ने करीब दो किमी तक पैदल मार्च निकाला।

राज ठाकरे बोले- SIR प्रक्रिया रद्द हो, हमारा किसी से व्यक्तिगत विरोध नहीं

महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया रद्द की जाए: हमारी मांग है कि महाराष्ट्र में की गई पूरी SIR प्रक्रिया रद्द की जाए। कानून के मुताबिक, SIR किसी आपात स्थिति में की जाती है। विधानसभा चुनाव के दौरान 40 से 60 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए और इसके जरिए सत्ता हासिल की गई। अब SIR के जरिए 2 करोड़ लोगों को हटाया जा रहा है। ये 2 करोड़ मतदाता कौन हैं?

हमारी किसी से व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है: हमारा विरोध इस बात को लेकर है कि आप सरकार कैसे चला रहे हैं और सत्ता का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। सरकार कौन बनाएगा और सरकार कैसे चलेगी, इसका फैसला जनता और मतदाताओं को करना चाहिए। इसका फैसला चुनाव आयोग को नहीं करना चाहिए।

उद्धव की स्पीच, बड़ी बातें, बोले- मेरा सवाल चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर है

करोड़ों लोगों के नाम वोटर्स लिस्ट से हटाए गए: देशभर में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। बंगाल और तमिलनाडु में भी मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। पश्चिम बंगाल में अभी उपचुनाव हो रहा है और लोग अपने वोट देने के अधिकार की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। सुप्रीम कोर्ट कहता है कि यह सिर्फ उपचुनाव है, इससे क्या फर्क पड़ता है? यह भी अभी तय नहीं है कि कल सुनवाई होगी या नहीं।

चुनाव आयुक्त की नियुक्ति चुनाव से होनी चाहिए: चुनाव आयोग की नियुक्ति चुनाव के जरिए होनी चाहिए। पहले एक समिति होती थी, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते थे। उन्होंने (केंद्र सरकार ने) इस समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया। उनकी जगह प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए एक मंत्री को नियुक्त किया गया।

दिल्ली में AAP-स्टूडेंट यूनियन का प्रदर्शन, तस्वीरें…

आप नेताओं ओर कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर के पास विरोध मार्च निकाला।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। उन्हें बस में बिठाकर ले गए।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुईं।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुईं।

दिल्ली पुलिस ने बैरेकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।

SIR को लेकर ज्ञानेश और चुनाव आयोग पर सवाल

CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर SIR को लेकर सवालों खड़े हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

दावा है कि कई फैसले और आदेश संधू और जोशी की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसके बाद से विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में प्रदर्शन कर रहा है।

10 अक्टूबर को कॉकरोच पार्टी का दिल्ली में प्रदर्शन

CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को कहा कि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को पूरे देश से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे।

दीपके ने लिखा- अगर दिल्ली पुलिस हमें रोकने की कोशिश करती है, तो जहां वे हमें रोकेंगे, वही हमारा जंतर-मंतर होगा। हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलेंगे।

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