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कोरबा

मंत्रियों से नजदीकी का हवाला देकर ठगी करने वाला गिरफ्तार:कोरबा में शातिर ने नौकरी और लोन के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ठगे

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कोरबा । कोरबा जिले की उरगा पुलिस ने मंत्रियों से नजदीकी संबंधों का हवाला देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रांसफर, नौकरी दिलाने, जेल में बंद व्यक्ति को बाहर निकालने का झांसा देकर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस को लगातार ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

हाल ही में, उसने सुखरीखुर्द निवासी घसिया बरेठ से सवा लाख रुपये ठग लिए। घसिया को आरोपी ने यह कहकर विश्वास दिलाया कि वह उसके बेटे को पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल से बाहर निकालवा देगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

उरगा थाना में बुजुर्ग व्यक्ति से धोखाधड़ी की शिकायत के बाद पुलिस जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी गेवरा बस्ती का निवासी शहजादा खान उर्फ राजू है, लेकिन वर्तमान में बिलासपुर के ग्राम चिल्हाटी स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता है।

आरोपी लोगों को जज और पुलिस अधिकारियों से अपनी अच्छी जान पहचान होने का भरोसा दिलाता था और उनसे ठगी करता था।

अब तक इतने लोगों को बनाया ठगी का शिकार

इसके अलावा, आरोपी ने नगोईखार दर्री निवासी सरवंस सूर्यवंशी से आबकारी विभाग में चपरासी की नौकरी लगाने के नाम पर एक लाख रुपये ठगे। इसी प्रकार, उसने बांकीमोंगरा निवासी सुशीला महंत से उद्योग विभाग से 15 लाख रुपये का लोन दिलवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी। बिलासपुर के मोपका निवासी संदीप यादव से भी सरगुजा में कार्यरत उसकी पत्नी का ट्रांसफर कोरबा कराने के नाम पर एक लाख रुपये ठगे गए।

महिला शिक्षाकर्मी को धमकी देने वाला ऑडियो वायरल

इसके अलावा, आरोपी ने कोरबा की एक महिला शिक्षाकर्मी को नौकरी से निकालने की धमकी भी दी थी, जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति से जमीन गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया। आरोपी से पूछताछ जारी है।

बताया जा रहा है कि उसने और भी कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। इस ठग के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई शिकायतें दर्ज हैं। इससे पहले कुष्मांडा पुलिस भी इस पर कार्रवाई कर उसे जेल भेज चुकी है।

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कोरबा

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में भव्यता के साथ वासंती नवरात्र संपन्न

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कोरबा। कोरबा की प्राकट्य देवी माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में चैत्र शुक्ल अष्टमी को विधि विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ हवन पूजन कर वासंती नवरात्र को विराम दिया गया। प्रबंधक एवं पुजारी नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने सपत्नीक हवन पूजन विद्वान पंडितों एवं आचार्यों के सानिध्य में संपन्न किया। रविवार 6 अप्रैल को जवारा कलश का विसर्जन शुभ मुहूर्त संध्या कालीन बेला में किया जाएगा।
देवी स्वरूपा कन्याओं को कराया गया भोग


मंदिर परिसर में ज्योतिकलशों की पूजा अर्चना करने के बाद नवरात्रि की शांतिपूर्ण संपन्नता के लिए हवन पूजन कराने के बाद कन्याओं को छप्पन भोग खिलाया गया। प्रबंधक एवं पुजारी नमन पाण्डेय ने सपत्नीक कन्याओं को भोजन परोसा। उनके परिवार ने भी कन्याओं को भोजन कराया। कन्याओं को पाण्डेय परिवार ने उपहार भी दिया।
माता रानी को आठ दिन तक छप्पन भोग अर्पण


नवरात्रि के आठों दिन मंदिर प्रबंधन परिवार द्वारा रोजाना सुबह शाम मां सर्वमंगला देवी को छप्पन भोग अर्पण किया जाता रहा, उसके बाद स्वयं भोजन करते थे। साथ ही परिसर में आयोजित भोग भण्डारा की शुरूआत होती थी।
सुबह शाम महाआरती से गूंजायमान होता रहा परिसर


8 दिन तक मां सर्वमंगला देवी मंदिर में सुबह-शाम 7.00 बजे राजपुरोहित परिवार के नेतृत्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में महाआरती होती रही। वैसे सालभर सुबह शाम इसी समय पर आरती होती है, लेकिन नवरात्रि में महाआरती में शामिल होने श्रद्धालु लालायित रहते हैं और सुबह-शाम आरती में शामिल होकर पूण्य लाभ को प्राप्त करते हैं। मां की आरती करने से मन-शरीर ऊर्जावान हो जाते हैं और मानसिक तनाव दूर होता है और मन में शांति आती है। आरती से वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
06 अप्रैल को जवांरा-कलश का होगा विसर्जन


मां सर्वमंगला देवी मंदिर में रविवार पूण्य मुहूर्त पर ज्योतिकलश का विसर्जन किया जाएगा, इसके पूर्व राजपुरोहित पंडित नमन पांडेय परिवार सहित शनिवार को ज्योतिकलश की विधिवत पूजा अर्चना आचार्यों के सानिध्य में हवन-पूजन किया। हवन पूजन के साथ नवरात्रि के सभी धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण कर रविवार संध्याकालीन बेला में जवांरा विसर्जन किया जाएगा।

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कोरबा

पंचकर्म चिकित्सालय में 06 अप्रैल को स्वर्ण बिन्दू प्राशन संस्कार का आयोजन

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कोरबा । 06 अप्रैल को रामनवमी में अति शुभ पुष्य नक्षत्र भी पड़ रहा है। और बच्चों का स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के लिए अति शुभ मुहूर्त है। कोरबा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित प्रसिद्ध पंचकर्म चिकित्सालय- आयुर्वेद सदन के डायरेक्टर डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल को रामनवमी में पुष्य नक्षत्र का अति शुभ संयोग बन रहा है। पंचकर्म चिकित्सालय में हर महीने के पुष्य नक्षत्र में शून्य से 18 वर्ष के बच्चों का स्वर्ण बिन्दू प्राशन संस्कार अभियान के तहत उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एक बूंद स्वर्ण बिन्दु दी जाती है, जिसके कारण बच्चों का इम्युनिटी पॉवर तेजी से बढ़ता है और बच्चे शारीरिक क्षमतावान के साथ मानसिक रूप से ही स्वस्थ और प्रतिभावान बनते हैं। 06 अप्रैल को सुबह से ही बच्चों का स्वर्ण बिन्दू प्राशन संस्कार आयुर्वेद सदन-पंचकर्म चिकित्सालय ट्रांसपोर्ट नगर कोरबा में कराया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नंबर-94255-47677 पर संपर्क कर सकते हैं।

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कोरबा

अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की प्रमुख पहल ‘नंद घर’ ने 15 राज्यों में 8,000 का आंकड़ा पार किया

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नई दिल्ली
। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (AAF) की प्रमुख पहल नंद घर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 8,044 आँगनवाड़ियों को महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के लिए आधुनिक केंद्रों में परिवर्तित किया गया है। यह पहल भारत के 15 राज्यों में फैली हुई है और ग्रामीण विकास के प्रति वेदांता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नंद घर के माध्यम से अब तक 3 लाख से अधिक बच्चों और 2 लाख महिलाओं को प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और कौशल विकास जैसी सुविधाओं का लाभ मिला है।

नंद घर पारंपरिक आँगनवाड़ियों का आधुनिक रूप हैं, जो उन्नत सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही यहाँ स्मार्ट शिक्षा उपकरण, इंटरएक्टिव ई-लर्निंग मॉड्यूल, बाला (BaLA) डिज़ाइन और स्मार्ट टीवी जैसी सुविधाएँ भी दी जाती हैं, ताकि 3-6 साल के बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया जा सके। हर केंद्र में बच्चों के अनुकूल फर्नीचर, बिजली, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस प्रकार, नंद घरों में बच्चों को एक सुरक्षित और पोषणयुक्त माहौल मिलता है। शिक्षा के साथ-साथ, नंद घर कुपोषण के खिलाफ भी काम कर रहे हैं। यहाँ बच्चों को पोषक आहार और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को ज़रुरी पोषण सहायता दी जाती है। इसके अलावा, नियमित टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य शिविर जैसी स्वास्थ्य सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे संपूर्ण समुदाय के स्वास्थ्य को और बेहतर बनाया जा सके। नंद घर महिला सशक्तिकरण को भी मजबूत बना रहा है, जिसमें समुदाय की महिलाओं को हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और रिटेल जैसे कौशल निर्माण गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाएं प्रति माह औसतन ₹10,000 तक की आय अर्जित करने में सक्षम हो रही हैं।

नंद घर अपनी पहुँच को लगातार बढ़ा रहा है। 2024-25 उपलब्धियों का एक खास साल रहा है। कुपोषण से लड़ने के लिए, नंद घर ने दो चरणों में प्रोटीन युक्त मिलेट शेक वितरित किए, जिससे छह राज्यों के बच्चों को लाभ मिला। पेटेंटेड और FSSAI प्रमाणित इस मिलेट शेक में 23 आवश्यक विटामिन और मिनरल्स शामिल हैं, और इसे रागी, बाजरा, फॉक्सटेल और कोदो जैसे मोटे अनाजों के मिश्रण से तैयार किया गया है। सरकार द्वारा दैनिक आहार में मिलेट्स के उपभोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत, नंद घर की यह पहल पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय दृष्टि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें स्थायी और स्थानीय रूप से प्राप्त सुपरफूड्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस वर्ष मार्च में, AAF ने गर्वपूर्वक महाराष्ट्र के पहले नंद घरों का उद्घाटन किया, जिसमें ठाणे में 25 नए केंद्रों की शुरुआत की गई। अपनी पहुंच को और विस्तारित करते हुए, फाउंडेशन आगामी दो वर्षों में राजस्थान में 20,000 और नंद घर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे ग्रामीण समुदायों में बड़े पैमाने पर बदलाव लाया जा सके।

यह पहल भारत सरकार के महिला और बाल विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मंत्रालय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 6 साल तक के बच्चों और उनकी माताओं को संपूर्ण देखभाल एवं पोषण प्रदान करता है। यहाँ प्रशिक्षित स्टाफ, शिक्षा सामग्री, पोषण और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए कई गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित माहौल में बेहतर देखभाल मिल सके। पूरे देश में 14 लाख से आँगनवाड़ी केंद्र 7 करोड़ से ज़्यादा बच्चों को सेवाएँ दे रहे हैं। ऐसे में, नंद घर का मॉडल मौजूदा व्यवस्थाओं को और सशक्त बनाता है और ग्रामीण भारत में महिलाओं व बच्चों के कल्याण के लिए सरकारी प्रयासों को बढ़ावा देता है।

इस उपलब्धि पर बात करते हुए, प्रिया अग्रवाल हेब्बर, हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड की चेयरपर्सन और वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ने कहा, “8,000 नंद घरों की यात्रा हमारे इस संकल्प को दर्शाती है कि हम ज़मीनी स्तर पर जीवन में बदलाव लाने के लिए तत्पर हैं। ये केंद्र सिर्फ आधुनिक आँगनवाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि संभावनाओं के ऐसे द्वार हैं, जहाँ बच्चे सीखते हैं, बढ़ते हैं और आगे बढ़ते हैं, और महिलाएँ आत्मनिर्भर बनने के लिए ज़रूरी साधन और कौशल प्राप्त करती हैं। नंद घर अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले रहा है और वास्तविक बदलाव ला रहा है। सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ हमारी साझेदारी इस मिशन को और मज़बूत बना रही है, जिससे हमें उद्देश्यपूर्ण रूप से आगे बढ़ने और पूरे भारत के समुदायों में सार्थक बदलाव करने में मदद मिल रही है।”

आगे बात करते हुए, शशि अरोड़ा, नंद घर के सीईओ, ने कहा, “नंद घर में, हमारा उद्देश्य सिर्फ आँकड़ों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन जिंदगियों में बदलाव लाना है, जो हमारे संपर्क में आती हैं। हम स्मार्ट लर्निंग, डिजिटल टूल्स और सतत पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में आँगनवाड़ी व्यवस्था की नई परिभाषा रच रहे हैं। पिछले एक साल में हमने अत्याधुनिक डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और विस्तारित पोषण कार्यक्रम पेश किए हैं, ताकि हर बच्चा पोषण 2.0 दिशानिर्देशों के अनुसार दैनिक संतुलित आहार प्राप्त कर सके। हमारी प्रमुख पहल, जैसे- ‘खाना खाया क्या?’, मिलेट बार और शेक डिस्ट्रीब्यूशन ड्राइव, डिजिटल स्मार्ट लर्निंग मॉडल, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है। हम आगे भी अपने प्रयासों को जारी रखेंगे, ताकि प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में सार्थक और सतत बदलाव लाया जा सके।”

2025 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्यूसीडी) की एकीकृत बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, नंद घर प्रारंभिक बाल देखभाल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस उपलब्धि के साथ, नंद घर भारत के ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के अपने लक्ष्य को दोहराता है, ताकि देश के बच्चों और महिलाओं को एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य के लिए बेहतरीन सुविधाएँ मिल सकें।

अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के बारे में

अनिल अग्रवाल फाउंडेशन वेदांता की सामुदायिक और सामाजिक पहलों के लिए एक प्रमुख संस्था है। यह फाउंडेशन स्वास्थ्य, महिला और बाल विकास, पशु कल्याण और खेल-कूद के क्षेत्र में कार्य करता है। इसका उद्देश्य समुदायों को सशक्त बनाना, जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और सतत एवं समावेशी विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।

अधिक जानकारी के लिए, विज़िट करें: https://www.vedantalimited.com/eng/social_impact_csr.php

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