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कोरबा

परीक्षा टिप्स:संकल्प से सिद्धि

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बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थी पॉजिटीव सोच के साथ अनुशासित होकर पढ़ें और आत्म विश्वास जगाएं… सोचें- मैं भी कर सकता हूं
बोर्ड परीक्षा के लिए अभी से तैयारी मेहनत प्रारंभ कर दें, क्योंकि बोर्ड परीक्षा के लिए आपके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। अच्छे अंक के साथ उत्तीर्ण होने से भविष्य संवरेगा, इसलिए आपका लक्ष्य 90+ स्कोर के लिए होना चाहिए। आत्म विश्वास बढ़ाएं और सोचें- मैं भी यह कर सकता हूं। टॉप-10 में आने के लिए मेहनत करें। मंै यह नहीं कहता कि हर स्टूडेंट टॉप -10 में आएंगे, लेकिन सभी स्टूडेंट को पर्याप्त सफलता नहीं मिल पाती। प्रत्येक विद्यार्थी को इसके लिए मेहनत तो करनी ही पड़ेगी और यह जरूरी नहीं कि आप टॉप -10 में आएंगे ही, लेकिन 90 + स्कोर कर ही सकते हंै।
आपकी व्यक्तिगत मानसिक सोच से रिजल्ट बदल सकता है और आप भी 90+ स्कोर ला सकते हैं। अभी से परीक्षा की तैयारी प्रारंभ कर दें, सफलता आपके नजदीक होगी। खासकर इन बातों पर अमल करने से आप लक्ष्य के करीब पहुंच सकते हैं।
अनुशासन महत्वपूर्ण
विद्यार्थी जीवन में अनुशासन महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आप कब सोएंगे, कब उठेंगे, कितनी देर पढ़ाई करेंगे, कितनी देर खेलेंगे… यह सब महत्वपूर्ण विषय है और आपको इसके लिए निश्चित टाईम टेबल बनाना जरूरी है। सबसे पहले 10 बोर्ड के विद्यार्थियों को, जो पहली बार बोर्ड की परीक्षा देने जाते हैं, उनके लिए बोर्ड परीक्षा पहला अनुभव रहता है और उन्हें अपनी दिनचर्या को अनुशासित बनानी होगी। बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूल की पढ़ाई के अतिरिक्त कम से कम 6 घंटे की पढ़ाई जरूरी है और टॉप-10 के लिए और अधिक समय निकाल सकें तो यह और भी बेहतर होगा।
समय के मूल्य को समझते हुए आपको अभी से ही तैयारी में जूट जाना चाहिए, क्योंकि समय बिल्कुल भी नहीं है। यदि आप तैयारी मेहनत प्रारंभ नहीं किये हैं, तो आज से ही प्रारंभ कर दें।
पढ़ाई के फेर में ज्यादा जागना भी नुकसानदेयक है और यदि अधिक देर तक जागने का प्रयास करते हैं, तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ेगा और स्वास्थ्य बेहतर रखना जरूरी है। कहा भी गया है- साउंड माइंड इन साउंड बॉडी।
नोट्स जरूर बनाएं
सभी विद्यालयों में लगभग बोर्ड परीक्षा का कोर्स पूरा हो चुका है और अब विद्यार्थियों को रिविजन कराया जा रहा है। रिविजन करते समय आपको नोट्स बनाना जरूरी है, क्योंकि लिख-लिख कर पढऩे से दिमाग में विषय बेहतर ढंग से समझ में आता है और लंबे समय तक याद रहता है। रट्टा मारने से याददाश्त लंबे समय तक नहीं रहता, इसलिए इस बात को नोट अवश्य कर लें। घर में रिविजन करते समय भी नोट्स बनाना जरूरी है।
कॉन्सेप्ट क्लीयर हो
किसी भी विषय को रटने के बजाए उसे समझने की कोशिश होनी चाहिए और अभी आपके पास समय है, जो विषय समझ मेें नहीं आता, उसे बार-बार पढ़ें और यदि फिर भी समझ में न आएं तो अपने अध्यापक से सलाह जरूर लें। अध्यापक से शर्माएं नहीं, क्योंकि यह आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। बार-बार पूछने से आपके अध्यापक को भी अच्छा लगेगा।
जरूरी है टाईम मैनेजमेंट
यह प्रकृति का नियम है। कोई विद्यार्थी गणित में प्रतिभावान होता है, तो कोई विज्ञान में, तो कोई सामाजिक विज्ञान में। लेकिन कुछ विद्यार्थियों को कुछ सब्जेक्ट कठिन लगते हैं। आपको टाईम मैनेज करना होगा। कठिन विषय के लिए कुछ समय अतिरिक्त देना पड़ेगा और हां ! कठिन विषय को भी करते समय नोट अवश्य करें और नोटबुक को बार-बार रिविजन करें। देखने में आएगा कि कठिन सब्जेक्ट में भी रूचि बढ़ेगी और आपको कठिन विषय भी सरल लगने लेगा।
पुराने क्वेश्चन पेपर साल्व करें
स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं के पुराने क्वेश्चन पेपर संग्रहित होते हैं और आप अपने अध्यापक से क्वेश्चन पेपर मांग लें और कम से कम 3 साल के क्वेश्चन पेपर को स्वयं साल्व करने की कोशिश करें और जो क्वेश्चन कठिन लगे उसे नोट से सहायता लेकर पूरा करें और कठिन प्रश्रों का हल बार-बार करें और नोट्स भी करते जाएं।
टेस्ट प्रैक्टिस जरूर करें
बोर्ड परीक्षा आने से पूर्व विद्यार्थी मॉक टेस्ट प्रैक्टिस बार-बार करने का प्रयास करें और इस तरह के नवाचार से आपके आत्म विश्वास को बल मिलेगा और आप अपने ऊपर आंकलन भी कर सकते हैं कि आप लक्ष्य के कितने करीब हैं। कठिन विषयों को लेकर आप इस तरह का प्रयोग बार-बार कर सकते हैं और बार-बार प्रैक्टिस करने से आपका अंक भी बढ़ेगा और कमजोर विषय में भी अच्छे अंक आ सकते हैं। चलिए इस बार सब विद्यार्थी टॉप-10 में आने के लिए कठिन परीश्रम करें। विश्वास मानिए आपको अंक पहले से बेहतर मिलेगा। परीक्षा कक्ष में 15 मिनट पूर्व पहुंचे और सरसरी तौर पर पेपर पढ़ें और जो प्रश्र सरल लगे, उन्हें पहले बनाएं उसके बाद मध्यम फिर दीर्घ प्रश्रों को हल करें। 15 मिनट पूर्व सभी प्रश्र हल हो जाने चाहिए। 15 मिनट रिजर्व रखें और सभी उत्तरों की जांच कर लें। कभी भी सरल प्रश्र का उत्तर भी लिखना विद्यार्थी भूल जाते हैं और समय प्रबंधन करने से छूटे प्रश्र हल हो जाते हैं और आपका माक्र्स बढ़ेगा। याद रखेंं- कड़ी मेहनत के बिना बड़ा लक्ष्य नहीं मिलता। आत्म विश्वास के साथ कड़ी मेहनत को हथियार बना लें और परीक्षा को बेहतर ढंग से पास करें।
मन में भय न हो
विद्यार्थी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि परीक्षा आपकी मंजिल नहीं है, बल्कि एक पड़ाव है,जिसे आपको बेहतर ढंग से पार करना है। 10 वीं-12 वीं बोर्ड परीक्षा बेहतर भविष्य की प्रथम सिढिय़ां है। परीक्षा का नाम आते ही कई विद्यार्थी भयभीत हो जाते हैं और भय से काम बिगड़ता है,इसलिए मन को स्थिर रखें और पॉजिटिव सोच के साथ कड़ी मेहनत करना ना छोड़ें। कर्मण्ये वाधिकारस्ते… मा फलेषु कदाचन…।
कर्म करना आपके अधिकार क्षेत्र का है और कर्म करते रहिए… बेहतर फल अवश्य मिलेगा। चिंता ना करें… चिंतन करें । चिंता समस्या पैदा करती है, जबकि चिंतन समस्या का हल बताता है।

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कोरबा

एसईसीएल: दीपका खदान को नई तकनीक से लैस ग्रेडर मशीन मिली

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गेवरा-दीपका । एसईसीएल दीपका खदान को नई तकनीक से लैस ग्रेडर मशीन मिली है। एसईसीएल दीपका एरिया प्रबंधन ग्रेडर मशीन का उपयोग खदान के हॉल रोड को बनाने में उपयोग कर पाएगी। खदान के हॉल रोड से ही ओबी फेस से हटाई गई मिट्‌टी ओवरबर्डन तक और निकाले कोयले को डंपर से माइंस के स्टॉक तक परिवहन किया जाता है। बेहतर हॉल रोड से खदान में भारी भरकम मशीनों व भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही हो सकती है। यही कारण है कि ग्रेडर मशीन का उपयोग हॉल रोड बनाने में किया जाता है।

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ज्योति कलशो से जगमगा रहा मां सर्वमंगला मंदिर परिसर

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सत्व के तेज प्रकाश से आल्हादित होते श्रद्धालु:असीम ऊर्जा का हो रहा संचार

कोरबा। जगत जननी मां आदि शक्ति की उपासना से कोरबा जिला ही नहीं बल्कि पूरा विश्व आत्मविभोर होकर असीम ऊर्जा को प्राप्त कर रहा है।


आदि शक्ति मां जगत जननी मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में 10 हजार से अधिक ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। ज्योति कलशों के दिव्य पूंज से पूरे क्षेत्र में असीम ऊर्जा का संचार हो रहा है और सत्व का प्रकाश फैल रहा है। पूरा परिसर मां के जयकारों से गूंज रहा है और चारों तरफ मां के सजे दरबार से भव्यता दिख रही है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां से आशीर्वाद ले रहे हैं और उनके आशीर्वाद से पूरा परिसर सत्व के तेज प्रकाश से असीम ऊर्जा का संचार हो रहा है और श्रद्धालु आत्म विभोर हो रहे हैं।
आज मां कात्यानी स्वरूपा की होगी पूजा


चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी गुरूवार को आज आदि शक्ति जगत जननी के षष्ठम स्वरूप मां कात्यानी के रूप में मां सर्वमंगला की पूजा की जाएगी। श्रद्धालु मां कात्यानी स्वरूपा मां सर्वमंगला की पूजा अर्चना कर मनोवांछित फल प्राप्त करेंगे। मंदिर प्रबंधक एवं पुजारी नमन पांडेय ने बताया कि मां कात्यानी स्वरूपा मां सर्वमंगला को आज के दिन षष्ठी को भोग के रूप में शहद एवं फल अति पसंद है। मां कात्यानी के पूजन से दाम्पत्य जीवन हमेशा सफल रहता है और घर में समृद्धि आती है। विवाह बंधन में बंधने की इच्छा लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालु की मां कात्यानी की पूजा से इच्छा पूरी होती है। प्रात: एवं संध्याकालीन महा आरती से भी अद्भूत शांति का एहसास श्रद्धालु कर रहे हैं।

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कोरबा

राम चरित्र के अंशमात्र गुण को आत्मसात करें तो जीवन धन्य हो जाएगा-लायन राजकुमार

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0जमनीपाली में आयोजित अखंड नवधा रामायण में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए राजकुमार अग्रवाल

कोरबा/ जमनीपाली। ग्राम जमनीपाली में इन दिनों अखंड नवधा रामायण का आयोजन चल रहा है। गत दिनों इसका शुभारंभ विद्वान पंडितों के सानिध्य में एवं कोरबा के लब्ध प्रतिष्ठित समाज सेवी एवं नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा (मड़वारानी)के डायरेक्टर पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि लायन डॉ. अग्रवाल ने संबोधित करते हुए भगवान श्रीराम के चरित्र का बखान करते हुए कहा कि यदि हम भगवान श्रीराम के चरित्र का अंशमात्र गुण को अपने जीवन में आत्मसात करें तो हमारा जीवन धन्य हो जाएगा।


जीवन में कई कठिनाईयां और चुनौतियां आती हैं और हमें ऐसे विषम समय में सम रहकर इन कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना चाहिए। जीवन में सुख और दुख प्रकृति का नियम है। नियति ने भगवान श्रीराम को भी उनके जीवन में कई कठिनाइयों, यहां तक कि 14 साल वनवास काटना पड़ा, वह भी राजा होकर। पत्नी वियोग सहना पड़ा। ये तो ईश्वर हैं, उन्होंने अपनी लीला के माध्यम से मानव को संदेश दिया कि जीवन में हर विषम परिस्थिति में भी मन को शांतचित्त रखकर एवं सम रहकर जीवन को आगे बढ़ाते रहना चाहिए। यही जीवन है और यह रामायण का सार है।


बतौर मुख्य अतिथि कथा स्थल जमनीपाली पहुंचने पर आयोजन समिति के सदस्यों ने लायन अग्रवाल का स्वागत किया। लायन अग्रवाल ने ब्यासपीठ का आशीर्वाद लिया।

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