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छत्तीसगढ़

चुनाव हारने वालों को निगम मंडल में पद:36 में 15 OBC-4 ST, 3 अल्पसंख्यक, सतनामी समाज से कोई नहीं, अब मंत्रिमंडल में होगा विस्तार

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रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने बुधवार को निगम मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पदों की सूची जारी कर दी है। प्रदेश भाजपा के 36 नेताओं को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे पद दिए गए हैं। इनमें से 15 ओबीसी वर्ग के नेता हैं। सतनामी समुदाय से किसी नेता को जगह नहीं मिली है।

इसे लेकर सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी भी जताई है। लिस्ट में 3 अल्पसंख्यक और 4 आदिवासी नेता भी शामिल हैं।

खास बात यह है की सूची में शामिल बड़े निगम मंडल उन नेताओं को दिए गए हैं, जिन्हें पिछले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। सूची सामने आने के बाद बहुत से नेता और कार्यकर्ता खुले तौर पर तो कुछ दबी जुबान में अपनी नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं।

सूची में लिस्ट में 4 महिलाएं और 32 पुरुष

नियुक्तियों की बात करें तो भूपेंद्र सवन्नी को क्रेडा, संजय श्रीवास्तव को नान, सौरभ सिंह को खनिज विकास निगम और दीपक म्हस्के को CGMSC की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि केदार गुप्ता को दुग्ध महासंघ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा राजीव अग्रवाल को छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलॅपमेंट कार्पोरेशन का चेयरमेन बनाया गया है। ब्रेवरेज कॉरपोरेशन और फिल्म विकास निगम का फैसला नहीं लिया जा सका है।

मंत्रिमंडल में 2 नए मंत्री ले सकते हैं शपथ

अब-जब निगम मंडल की सूची आ चुकी है तो दूसरी सबसे बड़ी चर्चा मंत्रिमंडल में बदलाव की है। खबर है कि प्रदेश में अमित शाह के दौरे के बाद मंत्रिमंडल में 2 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं।

भाजपा के अधिकांश नेताओं को इन सूचियों से बड़ी उम्मीदें थीं। बड़ी तादाद में लोग नाराज भी हैं।

भाजपा के अधिकांश नेताओं को इन सूचियों से बड़ी उम्मीदें थीं। बड़ी तादाद में लोग नाराज भी हैं।

संगठन के कार्यक्रमों में जो सक्रिय रहे उन्हें तवज्जो

सूची को लेकर भारतीय जनता पार्टी सूत्रों का कहना है कि सक्रिय तौर पर संगठन के कामों में शामिल रहे नेताओं को निगम मंडल में तवज्जो दी गई है। संगठन का सदस्यता अभियान, पिछली कांग्रेस सरकार के समय के किए गए आंदोलन में भूमिका, निकाय चुनाव में अलग-अलग जीत दिलाने वालों को पद दिए गए हैं।

संजय श्रीवास्तव, श्रीनिवास राव मद्दी, अमरजीत सिंह छाबड़ा जैसे नेताओं को पार्टी में अलग-अलग कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन की वजह से निगम मंडल में जगह मिली है। निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज रहे कुछ नेताओं को भी एडजस्ट किया गया है।

नंदे साहू, सौरभ सिंह, अनुराग सिंहदेव विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, राजीव अग्रवाल पार्षद चुनाव नहीं जीत पाए थे।

नंदे साहू, सौरभ सिंह, अनुराग सिंहदेव विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, राजीव अग्रवाल पार्षद चुनाव नहीं जीत पाए थे।

चुनाव हारने वालों को जिम्मा

रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नंदकुमार साहू को बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी के रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव हार चुके साहू को यह पद दिया गया है। राजीव अग्रवाल पार्षद का चुनाव हार चुके हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का अध्यक्ष बनाया गया है।

अनुराग सिंहदेव भी पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। कभी बहुजन समाज पार्टी और फिर कांग्रेस में रहे सौरभ सिंह को खनिज विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। सौरभ 2023 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस से हार चुके हैं।

इन नेताओं को संगठन ने पिछले करीब 5 महीनों से अलग-अलग कार्यक्रमों का प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी भी दी थी।

विधानसभा, नगर निगम चुनाव खत्म होने के बाद अब संगठन में भी नई टीम जल्द ही भाजपा तैयार कर सकती है।

विधानसभा, नगर निगम चुनाव खत्म होने के बाद अब संगठन में भी नई टीम जल्द ही भाजपा तैयार कर सकती है।

मंत्रिमंडल में नाम तय अब घोषणा बाकी

खबर है कि देश के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 5 अप्रैल को दंतेवाड़ा दौरे के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल को लेकर सरकार बड़े फैसले कर सकती है। इस वक्त प्रदेश में 2 मंत्रियों के पद खाली हैं, इन्हें भरा जा सकता है।

प्रदेश संगठन से लेकर दिल्ली तक मंत्री किसे बनाया जाए इसे लेकर कई दौर पर चर्चाएं हो चुकी हैं। नाम करीब-करीब तय हैं, अब घोषणा का इंतजार है। चर्चा है कि प्रदेश की सरकार में नए मंत्री के तौर पर अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत जैसे नेताओं में से किसी को जगह मिल सकती है।

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कोरबा

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना से बेटी की पढ़ाई को मिला सहारा

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कोरबा 30 सितंबर 2026। ग्राम दोन्दरो निवासी श्रीमती सावित्री यादव निर्माण श्रमिक के रूप में काम करती हैं। उनका पंजीयन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में मजदूर रेजा-कुली के रूप में 11 जुलाई 2019 से है। तलाक के बाद बेटी की परवरिश और उसकी पढ़ाई की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें शासन की योजनाओं से आर्थिक सहारा मिला है।
श्रीमती सावित्री यादव ने बताया कि श्रम विभाग से उन्हें मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उनकी पहली बेटी के लिए 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने बेटी की आगे की पढ़ाई में किया। उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है।
सावित्री कहती हैं कि इन योजनाओं से बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद मिली है। उन्होंने सहायता के लिए श्रम विभाग, कोरबा और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

नकाबपोश चोर ने आंगन से हीरो स्प्लेंडर चुराई:CCTV में कैद हुई वारदात, साइकिल-चप्पल छोड़ भागा, लगातार चोरी से लोग परेशान

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कोरबा। कोरबा के सिंचाई कॉलोनी में बीती रात करीब 3:35 बजे एक नकाबपोश चोर घर के आंगन में खड़ी बाइक चोरी कर ले गया। चोर अपनी साइकिल और चप्पल घर के पास ही छोड़ गया और बाइक लेकर फरार हो गया। चोरी की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। यह घटना रामपुर थाना क्षेत्र की है।

घर के आंगन से बाइक हुई चोरी

सिंचाई विभाग में मानचित्रकार के पद पर कार्यरत गिरधारी लाल खरिया सिंचाई कॉलोनी के क्वार्टर नंबर A1-3 में रहते हैं। उन्होंने बताया कि रोज की तरह उन्होंने अपनी हीरो स्प्लेंडर बाइक (CG 12 AQ 7329) घर के आंगन में खड़ी की थी। सुबह उठने पर बाइक वहां नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने CCTV फुटेज देखा। इसमें एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधे बाइक ले जाते हुए दिखाई दिया। खास बात यह है कि चोर अपनी साइकिल और चप्पल घर के पास ही छोड़ गया और बाइक लेकर निकल गया।

पीड़ित ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाना रामपुर में की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

कॉलोनी में लगातार हो रही चोरी से दहशत

चोरी की लगातार घटनाओं से कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है। पूर्व पार्षद पालू राम साहू ने बताया कि रामपुर क्षेत्र में लगातार चोरी हो रही है। कुछ दिन पहले इसी कॉलोनी के एक सूने मकान में भी चोरी हुई थी, लेकिन उसका आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं गया है। इसके अलावा बाइक और घरों में चोरी की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।

बताया गया कि गणेश उत्सव के दौरान तीजा के दिन रामपुर जंगल बस्ती निवासी कौशल्या बरेठ के सूने घर का ताला तोड़कर चोर नकदी और जेवर ले गए थे। इस मामले में भी अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है।

लगातार हो रही चोरियों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रात में गश्त बढ़ाने और चोरियों के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

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कोरबा

अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप

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ब्लड बीपी समेत सभी जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद भी महिला ने तोड़ा दम

अस्पताल प्रबंधन व बीएमओ के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश, मुआवजा व जांच की मांग पर अड़े

क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे

कोरबा/हरदीबाजार। ग्राम पंचायत रेकी की निवासी 60 वर्षीया भगा बाई पति गौठिया पटेल की हरदीबाजार स्थित अस्थाई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर लगभग 1:00 बजे भगा बाई गांव के ही तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं, इसी दौरान उनके शरीर में अचानक तेज दर्द व पीड़ा महसूस हुई, महिला के पोते व परिजन तत्काल उन्हें हरदीबाजार स्थित अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे ।

स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा महिला का ब्लड, बीपी व अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह दी गई। परिजनों ने बाहर से सभी जांचें करवाईं, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आई। जांच कराने के पश्चात महिला स्वयं पैदल चलकर अस्पताल के भीतर पहुंची थी, इसके बाद प्रभारी डॉक्टर द्वारा महिला का उपचार शुरू किया गया, लेकिन इलाज के कुछ ही घंटों के भीतर भगा बाई की मृत्यु हो गई ।

प्रशासनिक वादों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

महिला की मृत्यु की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हरदीबाजार के मूल अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के बाद पाली ब्लॉक के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) ने पुराने तहसील भवन में अस्थाई अस्पताल शिफ्ट करते समय यह आश्वासन दिया था कि मरीजों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

इसके विपरीत आलम यह है कि अस्पताल में न तो सही ढंग से इलाज की सुविधा है और न ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। मामूली जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है ।ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इस अस्थाई अस्पताल में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं ।

मुआवजे की मांग, पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार

घटना के बाद बीएमओ और हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर के प्रति ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला, स्थिति को संभालने पहुंचे तहसीलदार ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया, जिसे परिजनों और ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे ।

महिला के शव को पाली ब्लॉक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखकर रातभर हरदीबाजार के स्वास्थ्य केंद्र में ही सुरक्षित रखा गया है। शांति व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से दीपका, कुसमुंडा और हरदीबाजार पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ।

जनप्रतिनिधि व ग्रामीण रहे मौजूद

घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल, नरेश टंडन, अनिल टंडन, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, अनुसुईया राठौर, मनमोहन खांडे, श्याम रात्रे, कृष्णा पटेल, रमेश अहीर, इंद्र भूषण ओढे (पंच) और उत्तम पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया ।

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