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कोरबा

संकल्प से शिखर तक की यात्रा

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17 सितम्बर:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर विशेष लेख


देश में जितने भी महान व्यक्तित्व हुए हैं, उनका जन्म कहीं न कहीं से शुभ नक्षत्र और देवपुरूषों की जयंती से जुड़ा हुआ है। 17 सितम्बर को आदिशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती होती है। 17 सितम्बर को ही देश को सशक्त नेतृत्व देने वाले सक्षम प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर भाई मोदी का भी जन्मदिन है। पूरे भारतवर्ष में भाजपा 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक माह तक सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न रचनात्मक कार्यों को अंजाम देगा। प्रथम दिन 17 सितम्बर को संध्या गोधूली बेला में भाजपा कार्यकर्ता देश के कोने-कोने में आशीर्वाद का दीया जलाएंगे। यह शाम ऐतिहासिक होगी और दिवाली की तरह यह शाम भी जगमग होगी।
17 सितम्बर 1950 में गुजरात के वडनगर में दामोदर दास मोदी-हीरा बेन के घर में एक बालक का जन्म हुआ, जो आगे चलकर देश का प्रधानमंत्री बना।
संघर्षों से रहा नाता
नरेन्द्र दामोदर भाई मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में जनता ने यूं ही राजतिलक नहीं किया, बल्कि उनका बचपन से लेकर युवा कार्यकाल तक का काल संघर्षों से भरा रहा। रेलवे स्टेशन में चाय बेचने वाले परिवार से निकल कर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक और भाजपा संगठन में बतौर कार्यकर्ता के रूप में मोदी जी ने राजनीति के गुर सीखे और संघर्षों का रास्ता तय करते हुए माँ भारती की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया और आज एक साथ सबसे लम्बे समय तक प्रधानमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति बन गए। 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने गुजरात माडल देश को दिया, उनके कार्यकाल में गुजरात विकास के नए सोपानों को तय किया और मोदी जी ने गुजरात माडल ऑफ डेवलपमेंट को देश के सामने रखा।
2014 में पहली बार और फिर 2019 तथा 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर नया इतिहास रच दिया। अब तक के उनके कार्यकाल को सख्त फैसलों वाला कहा जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370, अनुच्छेद 35ए को हटाना, नोट बंदी, पूरे देश में जीएसटी लागू, पाक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करना प्रमुख फैसले थे। उनकी योजनाओं में स्वच्छ भारत मिशन ने देश की तस्वीर ही बदल दी। जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, डीजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्ट अफ इंडिया से सीधा लाभ जनता को मिला। आज मोदी वैश्विक नेता बन चुके हैं। यूं कहें तो संकल्प से शिखर तक रही उनकी यात्रा।

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कोरबा

HMS की सदस्यता में भारी गिरावट, गेवरा/दीपका क्षेत्र में 1,107 सदस्य घटे, रू.11.07 लाख का नुकसान

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कोरबागेवरा/दीपका/। कोयला मजदूर सभा (HMS) के SECL गेवरा–दीपका एवं CEWS गेवरा क्षेत्रों में वर्ष 2026 के यूनियन सदस्यता सत्यापन के आंकड़ों ने संगठन के जनाधार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में HMS की सदस्यता में रिकॉर्ड तोड़ 1,107 सदस्यों की भारी गिरावट दर्ज की गई है ।

सदस्यता सत्यापन 2025 बनाम 2026

वर्ष 2025 में जहाँ HMS को 1,326 श्रमिकों का मजबूत समर्थन हासिल था, वहीं वर्ष 2026 में यह आंकड़ा सिमटकर मात्र 219 रह गया है ।

क्षेत्रवार तुलनात्मक आंकड़े

गेवरा प्रोजेक्ट 562 (2025) ➔ 146 (2026) (कमी 416)
गेवरा क्षेत्रीय कार्यालय 147 (2025) ➔ 21 (2026) (कमी 126)
CEWS–गेवरा 50 (2025) ➔ 03 (2026) (कमी 47)
दीपका क्षेत्र 567 (2025) ➔ 49 (2026) (कमी 518)
कुल योग 1,326 से घटकर 219 (कुल कमी 1,107)

बैठकों और अपीलों का नहीं दिखा कोई असर

सत्यापन के दौरान यूनियन संगठन के केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व पदाधिकारियों की उपस्थिति व कई दौर की बैठकों के बावजूद आंकड़ों में कोई सुधार नहीं हो सका ।

स्थानीय नेतृत्व और जनाधार पर उठे सवाल

दीपका क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा अपने समाज व सहकर्मियों से की गई अपीलों का भी कोई असर नहीं पड़ा, अपने ही गृह क्षेत्र दीपका में सदस्यता 567 से गिरकर 49 पर आ जाने को लेकर विज्ञप्ति में तीखा व्यंग्य करते हुए, इसे अपने ही घर में औंधे मुंह गिरने जैसा बताया गया है और उनके जनाधार पर सवाल खड़े किए गए हैं ।

रू.11.07 लाख का वित्तीय घाटा

प्रति सदस्य रू.1,000 सदस्यता शुल्क के आधार पर वर्ष 2025 में जहाँ संगठन को रू.13.26 लाख का राजस्व मिला था, वहीं 2026 में यह घटकर मात्र रू.2.19 लाख रह गया है। इसके चलते HMS को सीधे तौर पर रू.11.07 लाख का सीधा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है ।

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मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकने वाला गिरफ्तार:लोको पायलट घायल हुआ था, नशे में घटना, रेलवे कोर्ट ने भेजा जेल

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कोरबा। कोरबा में मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने युवक को गिरफ्तार किया है। पत्थर लगने से इंजन में मौजूद लोको पायलट घायल हो गया था। आरोपी की पहचान दीपका के कृष्णानगर निवासी रोशन तिवारी (26) के रूप में हुई है। उसे बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

घटना 10 सितंबर की रात करीब 2 बजे की है। मालगाड़ी नंबर एन बॉक्स/15 जूनाडीह से दीपका एसईसीएल साइडिंग की ओर जा रही थी। दीपका बाजार फाटक के पास अचानक इंजन पर पत्थर फेंका गया। पत्थर लगने से लोको पायलट को चोट लगी।

रेलवे एक्ट की धारा 153 में दर्ज हुआ केस

घटना के बाद RPF पोस्ट कोरबा में रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान RPF ने दीपका पुलिस की मदद से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने कबूली पत्थर फेंकने की बात

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रोशन तिवारी, पिता स्व. दुर्गा प्रसाद तिवारी, निवासी वार्ड नंबर 07, कृष्णानगर दीपका बताया। RPF के अनुसार, उसने पूछताछ में पत्थर फेंकने की बात कबूल की। आरोपी ने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था और इसी हालत में उसने मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंका।

15 सितंबर को कोर्ट में पेश किया, जेल भेजा गया

आरोपी को पहले से दर्ज मामले में गिरफ्तार कर 15 सितंबर 2026 को बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

RPF ने लोगों से की पत्थरबाजी नहीं करने की अपील

RPF ने लोगों से रेलवे ट्रैक और ट्रेनों के आसपास पत्थरबाजी जैसी हरकतें नहीं करने की अपील की है। इससे रेल कर्मचारी घायल हो सकते हैं और बड़ा रेल हादसा भी हो सकता है।

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खेत में मवेशी घुसने पर ग्रामीण-चरवाहों में खूनी संघर्ष:एक चरवाहे के कमर में घुसा तीर, दो ग्रामीणों का हाथ-कमर फ्रैक्चर

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज के साल्हिभाठा गांव में भेड़ और घोड़े चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चरवाहों के लाठी से हमले में दो ग्रामीण घायल हुए, जबकि एक ग्रामीण के चलाए तीर से चरवाहा घायल हो गया। घटना के बाद वन विभाग ने अवैध चराई का मामला दर्ज किया है।

करीब एक सप्ताह पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिले से करीब आधा दर्जन चरवाहे साल्हिभाठा इलाके में पहुंचे थे। उनके साथ 650 से ज्यादा भेड़, बकरी और घोड़े हैं। चरवाहे दो दिन जंगल में रहने के बाद गांव के बाहर तंबू लगाकर रह रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से उनके मवेशी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे।

खेत में मवेशी घुसने पर शुरू हुआ विवाद

मंगलवार सुबह गंगादीन मरकाम (52) ने अपने खेत में मवेशियों के घुसने पर आपत्ति जताई। इस दौरान उनकी चरवाहों से बहस हुई। सुबह करीब 9 बजे गंगादीन अपने साथी अर्जुन उड़के के साथ खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनका सामना फिर चरवाहों से हो गया।

लाठी से हमला, दो ग्रामीण घायल

विवाद बढ़ने पर चरवाहों ने गंगादीन और अर्जुन पर लाठियों से हमला कर दिया। दोनों घायल हो गए। हमले में एक ग्रामीण की कमर और दूसरे के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में चल रहा है।

जवाब में ग्रामीण ने चलाया तीर, चरवाहे की कमर में लगा

मारपीट के दौरान घायल गंगादीन ने धनुष से तीर चला दिया। तीर कबीरधाम जिले के भानपुर गांव के चरवाहे लीलाधर की कमर में जा घुसा। घायल लीलाधर को कटघोरा CHC में भर्ती कराया गया है।

जंगल में भेड़ चराने पर रोक, फिर भी चराई का आरोप

वन विभाग ने जंगल में भेड़ चराने पर रोक लगा रखी है। विभाग के अनुसार, भेड़ें पौधों को जड़ से नुकसान पहुंचाती हैं। इसके बावजूद इलाके में चराई जारी थी। घटना के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी नरेंद्र डोंडे के निर्देश पर वन विभाग ने अवैध चराई का मामला दर्ज किया और चरवाहों को नोटिस जारी किया।

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