मुंबई, एजेंसी। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के महान अभिनेता देव आनंद के बेटे, अभिनेता और निर्देशक सुनील आनंद अब इस दुनिया में नहीं रहे। 70 वर्ष की आयु में उन्होंने उस अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां कभी उनके पिता देव आनंद का भी निधन हुआ था। इस दुखद खबर की पुष्टि उनके परिवार ने आधिकारिक बयान जारी कर की। परिवार की तरफ से जारी सन्देश में कहा गया कि सुनील आनंद के निधन से पूरा परिवार गहरे शोक में है। उन्होंने इस कठिन समय में मिले सभी लोगों के प्यार, प्रार्थनाओं और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही परिवार ने सभी से अपील की कि उनके निजी समय और भावनाओं का सम्मान करें ताकि वे इस दुःख की घडी से एकजुट होकर उबर सकें। भतीजी जीना नारंग की तरफ से यह जानकारी दी गई है। फिलहाल परिवार की ओर से सुनील आनंद के निधन की वजह का खुलासा नहीं किया गया है। इसके अलावा उनके अंतिम संस्कार की तारिख, समय यह अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
‘आनंद और आनंद’ फिल्म से बॉलीवुड में रखा था कदम सुनील आनंद ने अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत वर्ष 1984 में रिलीज हुई फिल्म आनंद और आनंद से की थी, जिसका निर्देशन उनके पिता देव आनंद ने किया था। इसी फिल्म के जरिए उन्होंने पड़े पर्दे पर बतौर अभिनेता डेब्यू किया। इसके बाद वह कार थीफ और मैं तेरे लिए जैसी फिल्मों में भी नजर आए।
हालांकि, अभिनय के क्षेत्र में उन्हें वह लोकप्रियता और सफलता हासिल नहीं हो सकी, जो उनके पिता देव आनंद को मिली थी। इसके बाद उन्होंने अभिनय से दूरी बनाकर फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन के काम पर ध्यान देना शुरू किया। सुनील आनंद लंबे समय तक अपने परिवार के प्रतिष्ठित बैनर नवकेतन फिल्म्स से जुड़े रहे और उसके संचालन व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पिता की विरासत को हमेशा आगे बढ़ाया सुनील आनंद ने भले ही अपने करियर में कम फिल्मों में काम किया हो लेकिन उन्होंने हमेशा अपने पिता देव आनंद की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाई। नवकेतन फिल्म्स के माध्यम से वह उनके सपनों और सिनेमा से जुड़े काम को आगे ले जाने में लगातार सक्रीय रहे।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और देव आनंद के चाहने वालों में गहरा शोक है। सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। वहीं, परिवार ने सभी से अपील की है कि इस मुश्किल समय में उनकी निजता का सम्मान करें और उन्हें शांति के साथ इस दुख से उबरने का अवसर दें।
नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड के चमोली के हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई। वहीं, केदारनाथ और रुद्रनाथ में भी ओलों के साथ हल्की बर्फबारी हुई। इससे पहाड़ी इलाकों में तापमान गिरने के साथ ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ में आज सुबह तापमान माइनस 2°C रिकॉर्ड किया गया।
मध्य प्रदेश में गुरुवार को भोपाल, सीहोर और देवास में तेज बारिश हुई। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने आखिरी फेज पहुंच गया है।
सितंबर के आखिरी हफ्ते से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 सितंबर तक राज्य में बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी है। कानपुर में करीब आधे घंटे तक 30kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई पेड़ गिर गए। बरेली में भी 50kmph की रफ्तार से चली हवाओं से कई पेड़ उखड़ गए।
बिहार में मौसम विभाग ने 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम उमस भरा रहने की संभावना है। प्रदेश में बाढ़ से अब तक करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
सैटेलाइट मैप में देखें बादलाें की स्थिति…
देशभर में मौसम की तस्वीरें…
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में गुरुवार शाम को बारिश हुई।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में कटान से कई घर सरयू नदी में समा चुके हैं। कुछ लोग अपने हाथ से घर तोड़कर उसके दरवाजे, ईंट, खिड़की निकालकर ले जा रहे हैं।
उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में गुरुवार को बर्फबारी हुई।
मध्य प्रदेश के भोपाल में गुरुवार को करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को तेज हवाएं भी चलीं, एक शख्स का छाते को उड़ने से बचाता दिखा।
उत्तर प्रदेश के बरेली में गुरुवार को धूलभरी आंधी चली। करीब 50 की रफ्तार से चली हवाओं से कई पेड़ उखड़ गए। फिर भारी बारिश हुई।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी गुरुवार को तेज बारिश हुई, इसके चलते दिन में अंधेरा छा गया।
हिमाचल प्रदेश के शिमला में गुरुवार सुबह की बारिश के बाद धुंध छाई रही।
महाराष्ट्र के लातूर में 6 हफ्ते बाद बारिश
मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले को राहत मिली है, जहां शुक्रवार को औसतन 17.5 mm बारिश दर्ज की गई। लातूर मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में से एक है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, रेनापुर शहर में सबसे ज्यादा 39.3 mm बारिश हुई, इसके बाद लातूर तहसील में 37.7 mm बारिश दर्ज की गई।
लंबे समय तक सूखे के बाद हुई इस बारिश से गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली है। किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे, अब खरीफ की फसलों और नमी की स्थिति बेहतर बनाने के लिए और बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।
उत्तराखंड: पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना, 3 जिलों में बर्फबारी
उत्तराखंड के पहाड़ी में आज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल: अभी से अक्टूबर जैसी ठंड, कल से कमजोर पड़ेगा मानसून
हिमाचल प्रदेश में बारिश-बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के 2 शहरों का पारा 5 डिग्री से कम और 5 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर चुका है। केलांग का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री तक लुढ़क गया है।
बिहार- 13 जिलों में हो सकती बारिश
मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पटना, गया, शेखपुरा, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर में बादल छा सकते, तेज बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।
छत्तीसगढ़: बिलासपुर में 34.6°C तापमान: कल से फिर बढ़ेगी बारिश
छत्तीसगढ़ में अभी बारिश कमजोर है। पिछले 24 घंटे में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई। आज (18 सितंबर) भी बारिश कम रहेगी। कल (19 सितंबर) से कई जगह बारिश बढ़ सकती है। गरज-चमक के साथ बारिश होने के भी आसार हैं।
मध्य प्रदेश: 21 सितंबर तक बारिश का दौर, अब तक 33.1 इंच पानी गिरा
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सितंबर के आखिरी सप्ताह से इसकी विदाई शुरू हो जाएगी। इससे पहले प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर आ सकता है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि अभी मानसून की सक्रियता समाप्त नहीं हुई है। 21 सितंबर तक प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश, गरज-चमक और आंधी चलेगी।
राजस्थान: आज 28 जिलों में तेज बरसात की चेतावनी, 7 डिग्री तक गिरा पारा
राजस्थान में शुक्रवार को 28 जिलों में तेज बारिश यलो अलर्ट है। गुरुवार को अजमेर, जयपुर सहित कई जिलों में 4 इंच तक बारिश हुई। मौसम बदलने से दिन का तापमान 7 डिग्री तक गिर गया। हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक 25 फीसदी कम बारिश हुई। पश्चिमी राजस्थान में सूखे जैसे हालात हैं। यहां अब भी तापमान 38 से 40 डिग्री के करीब रिकॉर्ड हो रहा है।
यूपी: 39 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है, लेकिन इससे पहले प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 49 जिलों में बारिश, बादल और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल…
19 सितंबर
नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गंगा के मैदान वाला बंगाल, असम, मेघालय, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरलम और रायलसीमा में बारिश का यलो अलर्ट है।
आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तूफानी हवाएं चल सकती हैं। IMD के मुताबिक रायलसीमा में अनंतपुरमू, अन्नमय्या ,चित्तूर, कुर्नूल, नंद्याल, श्री सत्य साई, तिरुपति और YSR कडप्पा जिले आते हैं।
20 सितंबर
छत्तीसगढ़, गंगा के मैदान वाला बंगाल, असम, मेघालय, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरलम, कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट है।
बटाला (गुरदासपुर), एजेंसी। पंजाब में BJP की नशा मुक्त रथ यात्रा शुरू होने से पहले पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला हो गया। बिट्टू शुक्रवार (18 सितंबर) को अमृतसर से पठानकोट में यात्रा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। बिट्टू ने कहा कि बटाला (गुरदासपुर) के पास काफिले को घेरा गया। इसके बाद हमला कर गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। उन पर टमाटर और अंडे फेंके गए।
पूर्व CM बेअंत सिंह के पोते रवनीत बिट्टू को Z+ सिक्योरिटी मिली हुई है। माहौल बिगड़ते देख उनके सुरक्षाकर्मी तुरंत उन्हें एक घर में ले गए। बिट्टू ने आरोप लगाया कि फतेहगढ़ चूड़ियां से AAP के हलका इंचार्ज जोबन रंधावा के समर्थकों ने लंगर की आड़ में उन पर हमला किया है। उन्होंने 2 आरोपियों को भी पकड़ा।
इस पर BJP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी डरी हुई है। घबरा गई है। इसलिए रवनीत बिट्टू पर हमला हुआ। सोचिए एक Z+ सिक्योरिटी वाले और पूर्व मंत्री के साथ ऐसा हो सकता है तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा, ये पंजाब का लॉ एंड ऑर्डर भी दिखाता है।
पंजाब की सभी 117 सीटों को कवर करने वाली भाजपा की 4 हजार किमी लंबी नशामुक्त यात्रा शुक्रवार से पठानकोट से शुरू हो गई है। जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रवाना किया। उन्होंने बिट्टू पर हमले को लेकर कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कमजोर नहीं हैं। कार्यकर्ता शहादत देने के लिए तैयार हैं। भाजपा की 13 दिन की ये यात्रा 30 सितंबर को जालंधर में खत्म होगी। जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली होगी।
पूर्व मंत्री के काफिले पर हमले से जुड़े PHOTOS…
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू के काफिले पर अंडे फेंकते हाईवे के किनारे खड़े प्रदर्शनकारी।
काफिले में पुलिस जिप्सी का टूटा हुआ शीशा दिखाते पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमले के बाद सिक्योरिटी ने उन्हें चारों तरफ से घेरे में ले लिया।
सुरक्षाकर्मी पूर्व मंत्री रवनीत बिट्टू को एक कमरे में ले गए, जहां उन्होंने हमले के आरोप में पकड़े 2 व्यक्तियों (दाएं और बाएं) को भी बैठा लिया।
पूर्व मंत्री बिट्टू पर हमले के बाद भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंच गई।
हमले को लेकर पूर्व मंत्री ने क्या बताया…
AAP नेता के ऑफिस के पास जुटे थे कार्यकर्ता: रवनीत बिट्टू ने बताया कि उनका काफिला बटाला के घासीतपुर स्टेशन के पास पहुंचा तो हाईवे किनारे आम आदमी पार्टी के फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा सीट के इंचार्ज जोबन रंधावा के कार्यालय के पास कुछ कार्यकर्ता मौजूद थे। काफिला वहां पहुंचते ही अंडे और टमाटर फेंके गए। उन्हें घेरने की कोशिश की गई, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से गाड़ियां रोकनी पड़ीं।
सुरक्षाकर्मी घर के अंदर ले गए: रवनीत बिट्टू ने बताया कि स्थिति को देखते हुए उन्होंने हाईवे पर गाड़ी रुकवाई। इसके बाद सुरक्षाकर्मी उन्हें पास के ही एक घर में ले गए। कुछ लोगों के हथियारबंद होने के कारण सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां घेरा डालकर सुरक्षित रखा। बाद में उनकी सुरक्षा टीम ने कथित तौर पर दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
गृह मंत्री और पंजाब DGP को दी जानकारी: बिट्टू ने कहा कि घटना की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के डीजीपी को दी गई है। उन्होंने पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए लोगों और उनके खिलाफ कार्रवाई के बारे में अभी कुछ नहीं कहा गया है।
बिट्टू बोले- AAP सरकार के संरक्षण में हमला: घटना के बाद बिट्टू ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंगर के कार्यक्रम की आड़ में उनके काफिले को रोका गया और हमला किया गया। आने वाले समय में पंजाब की जनता इसका जवाब देगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कार्रवाई की मांग की है।
AAP नेता बोले- संदीप पाठक का विरोध कर रहे थे इस मामले में AAP नेता जोबन रंधावा ने कहा कि वह राज्यसभा सांसद संदीप पाठक का विरोध कर रहे थे, जो इसी काफिले में जा रहे थे। बिट्टू का विरोध करने का कोई इरादा नहीं था, न ही उन्होंने विरोध किया। संदीप पाठक ने कुछ समय पहले ही AAP छोड़कर भाजपा जॉइन की थी।
बटाला की SP बोलीं- शिकायत नहीं मिली
इस बारे में बटाला की एसपी खुशप्रीत कौर ने बताया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी की ओर से पुलिस को अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। इसको लेकर कुछ वीडियो सामने आए हैं, उनके आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही पूरे मामले में स्थिति साफ हो पाएगी।
नितिन नवीन बोले- कार्यकर्ताओं को कमजोर न समझें
वहीं, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट में कहा कि उन्हें पता चला कि कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे भाजपा नेता पर हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह प्रयास किया है, वे यह न समझें कि भाजपा कार्यकर्ता कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि बंदूक और तोप भी चला दी जाए तो भाजपा कार्यकर्ता शहादत देने के लिए तैयार हैं और पंजाब को नशे से मुक्त करवाने का संकल्प पूरा करेंगे।
हरिद्वार, एजेंसी। निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शव शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला में उसकी चाय की दुकान में फांसी पर लटका मिला। वह पिछले कुछ महीनों से नाम बदलकर हरिद्वार में रह रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसने कथित तौर पर आत्महत्या की है, हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है।
करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मामले में बरी होकर वह जेल से बाहर आया था। नोएडा के निठारी में 2005-06 में बच्चों और महिलाओं के गायब होने के बाद उसका नाम सामने आया था।
29 दिसंबर 2006 को मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से मानव अवशेष मिलने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। इसके बाद CBI ने मामले की जांच की और कोली के खिलाफ कई केस चले।
कोली को निठारी से जुड़े 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मामलों में उसे बरी कर दिया। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मामले में भी उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी थी।
चार दिन पहले ही किराए पर ली थी चाय की दुकान
सुरेंद्र कोली कुछ महीने पहले ही हरिद्वार आया था। यहां वह अकेला रहता था और अपनी पहचान छिपाकर जिंदगी जी रहा था। करीब 15 दिन पहले उसने सिडकुल की एक कंपनी में काम शुरू किया। वहां उसने अपना नाम सदाराम बताया, इसलिए कंपनी में भी किसी को उसके असली नाम की जानकारी नहीं थी।
करीब चार दिन पहले उसने सप्तऋषि चौकी क्षेत्र में लाल मंदिर के पास सड़क किनारे एक छोटी दुकान किराए पर ली और चाय बेचने लगा। पड़ोसियों के मुताबिक उसने दुकान के लिए मालिक को कुछ महीनों का एडवांस भी दिया था। क्षेत्र में कुंभ की तैयारियों के चलते अतिक्रमण हटाया जा रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि उसे दुकान हटने और एडवांस पैसे फंसने की चिंता थी। आज सुबह इसी दुकान में पंखे से लटका उसका शव मिला।
यही वो चाय की दुकान है जिसे सुरेंद्र ने चार दिन पहले ही किराए पर लिया था।
निठारी में एक कोठी के पास से इंसानी खोपड़ियां, हड्डियां मिली थीं
2005-06 में नोएडा के निठारी इलाके से बच्चे और महिलाएं गायब होने लगे। इन मामलों की जांच करते हुए पुलिस 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी D-5 तक पहुंची। कोठी के पीछे नाले और आसपास से कई मानव खोपड़ियां, हड्डियां, कपड़े और अन्य सामान मिले। इसके बाद पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया।
मामले की जांच जनवरी 2007 में CBI को सौंप दी गई। पुलिस ने 19 अलग-अलग गुमशुदगी/अपराध से जुड़े FIR दर्ज किए थे, जिनमें CBI ने 16 मामलों में चार्जशीट दाखिल की। इन मामलों में कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने के आरोप लगे।
2006 में नोएडा के सेक्टर-31 की इसी D-5 कोठी से सटे नाले में 19 कंकाल मिले थे।
ये सुरेंद्र कोली का आधार कार्ड है। इसमें नोएडा का ही एड्रेस है।
दोषी मिला, फिर बरी कैसे हुआ?
सुरेंद्र कोली को उसके कबूलनामे और उसकी निशानदेही पर हुई बरामदगी के आधार पर दोषी ठहराया गया था। निठारी के 13 मामलों में उसे मौत की सजा मिली थी। बाद में कोर्ट ने उसके कबूलनामे और बरामदगी पर सवाल उठाए। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मामलों में उसे बरी कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि करीब 60 दिन की पुलिस हिरासत के बाद दर्ज कबूलनामे को भरोसेमंद नहीं माना जा सकता। 30 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इन 12 मामलों में बरी होने का फैसला बरकरार रखा।
इसके बाद सिर्फ एक मामला बचा था। 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उसमें भी दोषसिद्धि रद्द कर कोली को बरी कर दिया। इसके बाद करीब 19 साल जेल में रहने के बाद वह बाहर आया।