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कोरबा

मोदी सरकार के 12 साल: विकास, विश्वास और नए भारत की कहानी — केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

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12 साल, बेमिसाल: कोरबा में तोखन साहू ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं को “प्रधान सेवक” मानते हैं और 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार समझकर दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं। टी.पी. नगर स्थित प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, जिला सह प्रभारी बृजेन्द्र शुक्ला, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, जोगेश लांबा एवं अशोक चावलानी सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ देश आज नए भारत के निर्माण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह नया भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता भी नहीं है।

गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक गिनाईं उपलब्धियां

तोखन साहू ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जन-धन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। कोरोना काल से अब तक 81 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं तथा उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। जल जीवन मिशन के जरिए घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य किया गया है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता की नई चेतना पैदा की है।

किसानों, युवाओं और जनजातीय समाज पर विशेष फोकस

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुद्रा योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है, जबकि लखपति दीदी और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं ने महिलाओं और बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। तोखन साहू ने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक की 12 वर्षों की यह यात्रा भारत के लिए परिवर्तनकारी रही है। “सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत” का जो संकल्प लिया गया था, वह आज धरातल पर दिखाई दे रहा है और आने वाले वर्षों में भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में और मजबूती से अपनी पहचान स्थापित करेगा।

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कोरबा

कोरबा के युवा समस्याओं का समाधान खोजें, अपने नवाचार से देश की प्रगति में योगदान दें – मंत्री लखनलाल देवांगन

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पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, आईटीआई रामपुर में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 7 अक्टूबर तक विचार आमंत्रित, 9 अक्टूबर को होगा प्रस्तुतिकरण’

कंटेंट क्रिएटर्स हब की घोषणा की मंत्री लखनलाल देवांगन ने

कोरबा, 26 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, आईटीआई रामपुर में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज 2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने विद्यार्थियों और युवाओं से प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन और गोपाल मोदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह चैलेंज युवाओं को अपनी प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नए विचार प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है। विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं को देखें, उनके व्यावहारिक समाधान खोजें और अपने विचार प्रतियोगिता में प्रस्तुत करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरबा के विद्यार्थी अच्छे नवाचार कर जिले का नाम रोशन करेंगे। उपयोगी नवाचारों को प्रोत्साहन मिलने के साथ व्यापक स्तर पर अपनाए जाने का अवसर भी मिल सकता है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान प्रारंभ हुआ है और यह 17 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना के लिए आयोजित दीप प्रज्ज्वलन में कोरबा के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जिले में साढ़े पाँच लाख से अधिक दीप जलाए गए। अभियान के दौरान स्वच्छता, रक्तदान, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं ग्रामीणों से जुड़ी गतिविधियों सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इन कार्यक्रमों को समय पर और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न करने का प्रयास किया जा रहा है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज अभियान की महत्वपूर्ण पहल है। छात्र और छात्राएँ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता सहित किसी भी क्षेत्र की समस्या पर उपयोगी विचार दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से प्रतियोगिता के पोर्टल पर आवेदन करने और अपने विचार प्रस्तुत करने को कहा। जिला स्तरीय पुरस्कारों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये है। चौथे से दसवें स्थान तक चयनित प्रतिभागियों को 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे।

मंत्री श्री देवांगन ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब कल्याण और विकास सहित हर क्षेत्र में प्रगति की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और नवाचार इस लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि कोरबा के प्रतिभागी जिला तथा जोनल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अपने संबोधन में उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स हब की घोषणा करते हुए इसके लिए दो करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी। जिले की सड़कों के संबंध में उन्होंने कहा कि बारिश के बाद सड़क कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

नवाचार के लिए तैयार मॉडल आवश्यक नहीं – कलेक्टर

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जोनल स्तर के चैलेंज के साथ कोरबा में जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नवाचार का आरंभ किसी समस्या को पहचानने और उसका बेहतर समाधान सोचने से होता है। प्रतिभागियों को अपना विचार प्रस्तुत करने के लिए तैयार मॉडल बनाना आवश्यक नहीं है। वे सेवा वितरण में सुधार का सुझाव, किसी समस्या का समाधान या अपने नवाचार की रूपरेखा प्रस्तुत कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कहा कि कृषि और भूजल संरक्षण, कानून व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, नगरीय विकास, स्वास्थ्य, रक्षा, ऊर्जा, अधोसंरचना, उभरती तकनीक तथा शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में विचार आमंत्रित हैं। उदाहरण के रूप में उन्होंने किसानों की सहायता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक सेवाओं को सरल बनाने तथा कॉलेजों और उद्योगों के बीच बेहतर जुड़ाव से संबंधित समाधानों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रतिभागियों से कोरबा की स्थानीय समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
श्री दुदावत ने बताया कि विद्यार्थी, प्राध्यापक, शिक्षक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह, एमएसएमई और अन्य उद्यमी भी प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। विचार तैयार करने के लिए प्रतिभागी अध्ययन, शोध और एआई जैसे उपलब्ध साधनों का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि पहला प्रयास सफल होने की चिंता में अपने विचारों को रोकें नहीं; उन्हें सामने लाने से ही आगे सुधार और नए समाधान का रास्ता खुलता है।
कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 7 अक्टूबर तक विचार लिए जाएंगे। 9 अक्टूबर को प्रतिभागियों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जोनल प्रतियोगिता में आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। जोनल स्तर पर 10 क्षेत्रों में कुल 50 विजेताओं का चयन किया जाएगा। प्रत्येक क्षेत्र में तीन सामान्य श्रेणी, एक महिला श्रेणी और एक 21 वर्ष से कम आयु वर्ग का विजेता होगा। प्रत्येक विजेता को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इस प्रकार कुल पुरस्कार राशि पाँच करोड़ रुपये होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्राप्त विचारों को उपयोगी सुझावों के रूप में भी देखेगा और चयनित समाधानों को लागू करने की संभावनाओं पर विचार करेगा।

आसपास की समस्या का सरल समाधान भी नवाचार – गोपाल मोदी

गोपाल मोदी ने कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं है। घर, मोहल्ले, शहर या जिले की किसी समस्या को कम समय में बेहतर ढंग से हल करने का विचार भी नवाचार है। उन्होंने खेती में हल के साथ ट्रैक्टर और मशीनों के उपयोग का उदाहरण देते हुए बताया कि काम करने के तरीकों में सुधार से समय और श्रम की बचत होती है। इसी तरह किसी सेवा को लोगों के लिए अधिक उपयोगी बनाने वाला बदलाव भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
श्री मोदी ने विद्यार्थियों से अपने क्षेत्र की जरूरतें पहचानने और लोगों को वास्तविक लाभ पहुँचाने वाले समाधान प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने युवाओं से सेवा की भावना को प्राथमिकता देने तथा स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प में योगदान देने का आह्वान किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने कहा कि जिले को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की सोच और सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नए विचार प्रस्तुत कर जिले के विकास में योगदान देने की अपील की। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगिता से जुड़ें और अपने नवाचार से कोरबा का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों से चौलेंज में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व महापौर जोगेश लांबा, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे,रोजगार अधिकारी दीपेश भारती, सतीश प्रकाश सिंह, प्राचार्य लाइवलीहुड अरुणेंद्र मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आईटीआई, लाइवलीहुड सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी, माय भारत युवा के वॉलिंटियर्स उपस्थित थे।
आवेदन संबंधी जानकारी  जोनल प्रतियोगिता के लिए इच्छुक प्रतिभागी े sevainnovationchallenge.in  पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में सहायता के लिए जिला नोडल अधिकारी विजय कारे, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कोरबा से मोबाइल नंबर 8109363862 पर संपर्क किया जा सकता है।
’कंटेंट क्रिएटर्स हब से जिले के युवाओं को मिलेगा लाभ’
मंत्री श्री देवांगन द्वारा कोरबा में कंटेन्ट क्रिएटर हब की घोषणा की गई है। कंटेन्ट क्रिएटर हब बनने से जिले के यू ट्यूबर्स, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर का कार्य करने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा।

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मातृत्व के समय मिला सहारा, कृति और बृहस्पति को मिली आर्थिक मजबूती

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श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत दोनों महिलाओं को मिली 20-20 हजार रुपये की सहायता

कोरबा, 26 सितंबर 2026। बच्चे के जन्म के समय परिवार की जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता श्रमिक परिवारों के लिए सहारा बनती है। कोरबा के भिलाई खुर्द की निवासी श्रीमती कृति पटेल को पहले बच्चे के जन्म पर श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता मिली। उन्होंने बताया कि यह राशि उनके परिवार के लिए आर्थिक सहयोग के रूप में काम आई।

इसी योजना के अंतर्गत श्रीमती बृहस्पति पटेल को भी 20 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। श्रीमती पटेल के अनुसार, राशि मिलने से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली। दोनों महिलाओं का अनुभव बताता है कि मातृत्व के समय मिलने वाली सहायता श्रमिक परिवारों को राहत देती है।
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मिनीमाता महतारी जतन योजना में पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। योजना के लिए महिला श्रमिक का मंडल में कम से कम एक वर्ष पूर्व से पंजीकृत होना आवश्यक है।

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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना ने बदली मोहम्मद यासिन की राह, मेहनत से संवरा यासिन का कारोबार

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योजना से जुड़कर मिला स्वरोजगार, छोटे खाद्य उद्यम ने परिवार को दी आर्थिक मजबूती

कोरबा 26 सितम्बर 2026। स्वरोजगार को बढ़ावा देने और छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अनेक परिवारों के लिए अपनी आजीविका को नई दिशा देने का माध्यम बन रही है। कोरबा नगर के वार्ड नंबर 16, बजरंग चौक निवासी मोहम्मद यासिन शेख भी इस योजना से जुड़कर अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं।
यासिन बताते हैं कि योजना से जुड़ने से पहले परिवार का जीवन-यापन तो हो रहा था, लेकिन  उनके पास आय का कोई निश्चित साधन नहीं था।  वह खुद का छोटा मोटा व्यवसाय तो करना चाहते थे पर व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसे की कमी के कारण नही कर पा रहे थे। परिवार का पूरा सहयोग के बाद भी एकमुश्त बड़ी  राशि लगाने हेतु दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। बैंक से लोन लेने की स्थिति में भारी ब्याज चुकाने के डर से अपना कदम पीछे खींच लेता था।
इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से योजना के सम्बंध में पूरी जानकारी प्राप्त की। लोन में मिलने वाली सब्सिडी, किफायती ब्याज दर और आसान किश्तों में ऋण चुकाने की व्यवस्था ने उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही परिवार की सहमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ उन्होंने कार्यालय में  आवेदन किया और आटा चक्की एवं हॉलर मिल व्यवसाय के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 2.90 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। योजना के अंतर्गत 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिलने से उन्हें एक लाख रुपये से अधिक की राहत मिली, जबकि शेष राशि का भुगतान वे बैंक की किश्तों के माध्यम से कर रहे हैं।
यासीन के लिए यह सहायता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आधार बनी। वे कहते हैं, “पहले आमदनी का कोई निश्चित जरिया नहीं था। योजना का लाभ मिलने के बाद अपना काम शुरू कर पाया। अब आसपास  सहित दूसरे मोहल्ले के लोग भी नियमित रूप से धान, गेहूं और अन्य खाद्यान्न पिसाने आते हैं। इससे हर महीने करीब 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है।”
आज उनकी आटा चक्की एवं हॉलर मिल अच्छी तरह संचालित हो रही है। नियमित ग्राहकों के कारण कारोबार में निरंतरता बनी हुई है और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में पहले की तुलना में आसानी हो रही है। यासीन के अनुसार, स्वरोजगार के इस अवसर ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया है और जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है। शासन की विभिन्न योजनाओं से मिल रहे सहयोग के साथ वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
लाभार्थी यासीन ने शासकीय योजना के तहत आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश के  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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