रायपुर ,एजेंसी। रायपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा चल रही है। वो दो दिन अपना दिव्य दरबार भी लगाएंगे। रविवार को प्रेसवार्ता में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि, वो जल्द ही छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करेंगे। जशपुर में कथा करने की इच्छा भी उन्होंने जताई। उन्होंने कहा कि, वो 17 नवंबर को दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा पर निकलेंगे।
पदयात्रा और हिन्दू जागरण पर उन्होंने कहा कि, हिन्दुओं को गुलामी की आदत लग चुकी है। बार-बार जगाना पड़ता है। अपनी आठ देशों की यात्रा के अनुभव भी साझा किए। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, विदेशों में किसी सब्जेक्ट पर स्टडी की गई हो, तभी मान्यता मिलती है। इसलिए जल्द ही पैरा नॉर्मल शक्तियों पर कैम्ब्रिज में जाकर पढ़ाई करेंगे। इसके बाद विदेशों में दरबार लगाएंगे।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री में शामिल होने की अपील छत्तीसगढ़ वासियों से की है।
धर्मांतरण पर बोले- कोई अपनी इच्छा से करें तो काेई बात नहीं
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने छत्तीसगढ़ सरकार से इस दौरान गायों की सुरक्षा के लिए गौ अभ्यारण बनाने की मांग भी की। धर्मांतरण पर कहा कि कोई अपनी इच्छा से करे तो कोई बात नहीं, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। लेकिन लालच देकर, जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द इस पर कानून लाने जा रही है।
आई लव मोहम्मद से दिक्कत नहीं, आइ लव महादेव से भी नहीं होनी चाहिए
आई लव मोहम्मद के विवाद पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, हमें इससे कोई दिक्कत नहीं। लेकिन ये सब जिन वजहों से किया जा रहा, उससे दिक्कत है। और जो लोग ये कर रहे हैं, उनका ट्रीटमेंट भी सही से किया जा रहा है। जो लोग इसे सही कह रहे उन्हें आगे फिर आई लव महादेव से भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
8 अक्टूबर तक रायपुर में रहेंगे धीरेंद्र शास्त्री
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 8 अक्टूबर तक रायपुर में रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। गुढियारी के परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। इस कार्यक्रम में किसी भी तरह का विवाद ना हो, इसलिए पुलिस के अलावा 5 हजार बाउंसर्स भी तैनात रहेंगे।
8 हजार से ज्यादा लोग देंगे सेवा
‘स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन’ के मीडिया कोऑर्डिनेटर सौरभ कुमार ने बताया कि, आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालु आएंगे। श्रद्धालुओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में बुजुर्गों और दिव्यांगों को परेशानी ना हो, इसलिए 4 से 8 अक्टूबर तक नि:शुल्क 200 ई-रिक्शा चलाया जाएगा।
इन रिक्शों से कहीं से भी कथा स्थल तक आना-जाना कर सकते हैं। भक्तों के लिए रोजाना रात 9 और सुबह 10 बजे भोजन (भंडारा) की व्यवस्था नि:शुल्क की गई है। वहीं 8 हजार से ज्यादा लोग सेवा देंगे।
यहां खड़ी कर सकेंगे गाड़ियां
कथा सुनने के लिए पहुंचने वाली श्रद्धालुओं के लिए समिति ने पॉर्किंग की व्यवस्था की है। साइंस कॉलेज मैदान, कोटा मैदान, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित मैदान में कार-बाइक श्रद्धालु खड़ी कर सकेंगे।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लेते हुए सीएम साय।
इस कार्यक्रम में यह लोग होंगे शामिल
कथा सुनने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कौशल्या देवी साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वीणा सिंह, मंत्रिमंडल के सहयोगी, रायपुर के चारों विधायक सहित निगम, मंडल के सदस्य, नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर सहित अन्य गणमान्य नागरिक जन शामिल होंगे।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई कड़ी नाराजगी, शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
बच्चों के भविष्य से जुड़ा है विद्यालय निर्माण, गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर
सूरजपुर, 25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व निरीक्षण जांच में पाई गई कमियों के सुधार की स्थिति की जानकारी ली। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर प्रयोगशाला, रसोईघर, शौचालय सहित अन्य कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की फिनिशिंग एवं गुणवत्ता में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती जमील ने निर्माण कार्य की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर रमेश मोर सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 420 सीटर एकलव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। विद्यालय में आवासीय व्यवस्था के साथन अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। साथ ही दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेगा।
सुरजपुर/25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्यवाही की जा रही है इसी कड़ी में माइनिंग अधिकारी के नेतृत्व में अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 11 गाडि़यों पर कार्यवाही की गई।प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत खड़गाँव एरिया में 3 गिट्टी हयवा अवैध परिवहन करते और राजापुर में 8 टिप्पर रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्यवाही की गई और जप्त कर थाने में सुपुर्द किया गया है।
जिला पंचायत CEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस, मचा हड़कम्प
कोरबा। 15वें वित्त की राशि में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर लाखों रुपए के फंड का बंदरबाट किए जाने की शिकायत में प्रशासनिक जांच में अनुपस्थित रहकर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले अथवा आधा अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने वाले अनुशासनहीन पाली ब्लॉक के 23 पंचायत सचिवों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही पर जिला पंचायत सीईओ ने सबंधित पंचायत सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध एकतरफा निलंबन की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के नोटिस से सबंधित पंचायत सचिवों में हड़कम्प मचा है।
यहाँ बताना होगा कि जनपद पंचायत पाली के अंर्तगत आने वाले 24 ग्राम पंचायत क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें मद से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की व्यापक लोकहित में ग्रामसभा कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी, व्यय प्रमाणक, देयक व्हाउचर, इनवाईस बिल, टी.डी.एस. कटौती, जमा राशि एवं गुणवत्ता का परीक्षण कर भौतिक सत्यापन कराए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। ऊक्त शिकायती प्रकरण में जांच दल के समक्ष वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने, आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 23 ग्राम पंचायतों क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली के जनसूचना अधिकारी पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जनपद पंचायत पाली के सीईओ द्वारा उप संचालक पंचायत को 03.09.,2026 को ही अभिमत समेत प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।
उप संचालक पंचायत द्वारा प्रकरण लटकाए रखने आगामी कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा के समक्ष समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर राज्यपाल राजभवन एवं मुख्य सचिव छग शासन तक शिकायत पहुंची थी। मीडिया में भी उक्त प्रशासनिक संरक्षण सुर्खियां बनी थी। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 8 ग्राम पंचायतों के सचिव क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द व जांच दल को अभिलेख (रिकार्ड)उपलब्ध नहीं कराने, समक्ष अपना कथन बयान दर्ज नहीं कराने वाले 16 पंचायत सचिवों नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली का कृत्य घोर अनुशासन हीन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध है, जो कि कदाचार की श्रेणी में आता है। अतः आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए निलंबन करने की कार्यवाही क्यों न किया जाये ? सचिवों को इस संबंध में अधोहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष 03 दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सम्बंधितों के विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल निलंबन नोटिस से पूरे जिले में पंचायत विभाग में हड़कम्प मचा है। अगर सभी पंचायत सचिवों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज गिरती है तो जिले में अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। सन्निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी। एक लोकसेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्यवहार ने 23 पंचायत सचिवों को निलंबन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।